कौन हैं Aasha Malviya, जिन्होंने नेक मकसद के लिए चलाई 6000 किलोमीटर साइकिल
24 वर्षीय आशा राजूबाई मालवीय (Aasha Malviya) महिला सुरक्षा का संदेश देने के लिए देश के हर कोने में साइकिल चलाकर जाएगी।

Aasha Malviya: महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने का संदेश देने के लिए मध्य प्रदेश की 24 वर्षीय आशा राजूबाई मालवीय (Aasha Malviya) पूरे देश में साइकिल चल रही हैं। आशा मालवीय साइकिल से देश के हर कोने में जाएगी। इससे पहले आशी ने पर्वतारोही बनकर मध्य प्रदेश का नाम रोशन किया था। तो वहीं, अब महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों को देखते हुए साइकिल यात्रा पर निकली हैं। आइए जानते है कौन हैं आशा मालवीय।
कौन हैं आशा मालवीय
24 वर्षीय आशा मालवीय उर्फ आशा राजूबाई मालवीय मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के खिलचीपुर ब्लॉक के नाटाराम गांव की रहने वाली हैं। आशा मालवीय दो बहनों में सबसे बड़ी हैं। तीन साल की उम्र में आशा के पिता की मौत हो गई थी। गरीब परिवार में पली-बढ़ी आशा और उसकी छोटी बहन को लेकर मां अपने पिता के घर आ गई थी। यहां पर मजदूरी कर आशा की मां ने अपनी बेटियों का लालन-पालन किया।
कई बार भूखे भी सोए
आशी के परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कई बार आशा की मां को कोई काम नहीं मिलता था वो और उनके बच्चियां भूखे पेट भी सोए। आशा जब छठी क्लास में पहुंची तो उनका स्कूल करीब 6 किमी दूर था। इस दौरान आशा ने दो साल तक पैदल आना-जाना किया। जब वो 8वीं क्लाम में पहुंची तो परिवार के किसी परिचित ने आशा को अपनी पुरानी साइकिल दी।
12वीं की पढ़ाई के दौरान शोरूम में किया काम
आशा मालवीय जब 12वीं क्लास में पहुंची तो उन्हें भी अपनी जिम्मेदारी का अहसास हुआ। आशा ने पढ़ाई के समय गाड़ियों के शोरूम में काम करते हुए अपनी पढ़ाई की और घर खर्च में मदद भी की। बता दें, आशा अपनी मेहनत और लगन से बीपीएड की डिग्री हासिल कर ली। इतना ही नहीं, आशा स्कूल से कॉलेज तक एथेलेटिक्स में तीन नेशनल गेम्स भी खेल चुकी हैं। तो वहीं, अब महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने का संदेश देने के लिए पूरे देश में साइकिल चला रही हैं।
आशा मालवीय ने चलाई 6000 किलोमीटर साइकिल
आशा मालवीय ने अपनी 'संपूर्ण भारत यात्रा' के तहत पांच राज्यों में 6000 किलोमीटर साइकिल चलाई और केरल पहुंची। यहां आशा ने केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन, राज्यपाल आरिफ खान और परिवहन मंत्री एंटनी राजू से मुलाकात की। अपने अनुभव के बारे में बात करते हुए आशा ने कहा, 'अपनी यात्रा के माध्यम से, मैं दुनिया को यह संदेश देना चाहती थी कि भारत महिलाओं की यात्रा के लिए सुरक्षित हैं।'
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यात्रा के दौरान आशा करना पड़ा कुछ परेशानियों का सामना
समाचार एजेंसी एएनआई की खबर के मुताबिक, यात्रा के दौरान आशा को कुछ परेशानियों का सामना करना पड़ा। आशा ने कहा, 'केरल में, कोच्चि को छोड़कर मेरा अनुभव अच्छा रहा, जहां जिला कलेक्टर और अधिकारियों ने मेरे साथ सहयोग नहीं किया। हालांकि, मैं अलापुझा पहुंचने में कामयाब रही, जहां मैंने कलेक्टर से मुलाकात की।'












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