यरूशलम के मसले पर जिन देशों ने नहीं दिया UN में अमेरिका का साथ, उनके भी खिलाफ होगी कार्रवाई
नई दिल्ली। पाकिस्तान को दी जाने वाली आर्थिक मदद रोकने के 2 दिन बाद अमेरिका ने एक और बड़ा कदम उठाने के संकेत दिए हैं। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव सारा सैंडर्स ने कहा कि जिन देशों ने जेरूसलम के मुद्दे पर अमेरिका का साथ व्हाइट हाउस में नहीं दिया, उनके खिलाफ कार्रवाई की घोषणा अगले दो दिनो में की जाएगी। 2 जनवरी को की गई एक प्रेस वार्ता में सैंडर्स ने कहा कि पाक को आंतक का मुकाबला करने के लिए और भी बहुत कुछ करना होगा। उन्होंने कहा कि पाक के खिलाफ लिए गए कदम बीते साल ट्रंप की दक्षिण एशिा नीति के तहत आगे की कार्रवाई है।

दो दिनों के भीतर कार्रवाई की घोषणा
सैंडर्स ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अफगानिस्तान और दक्षिण एशिया के लिए बीते साल अगस्त में नई रणनीति की रुपरेखा बनाई थी। उन्होंने नीति बनाई गई थी और कहा था कि पाक अपना दायित्व नहीं निभा रहा है। सैंडर्स ने कहा कि राष्ट्रपति सही अर्थों में प्रतिबद्धता का पालन किया था, जिसका वादा वो पहले ही कर चुके हैं। सैंडर्स ने यह भी कहा कि पाक समेत जिन देशों ने संयुक्त राष्ट्र में यरुशलम के मसले पर अमेरिका का साथ नहीं दिया उनके खिलाफ अगले दो दिनों के भीतर कार्रवाई की घोषणा होगी।

UN में मिला था तगड़ा झटका
गौरतलब है कि संयुक्त राष्ट्र महासभा में गुरूवार (21 दिसंबर) को भारत समेत 128 देशों ने येरूशलम को इजराइल की राजधानी का दर्जा देने को रद्द करने की मांग कर दी। यूएन में सिर्फ 9 देश येरूशलम को इजराइल की राजधानी का दर्जा देने के पक्ष में खड़े थे। यूएन में अमेरिका को पहली बार तगड़ा झटका लगने के बाद विरोध में वोट करने वाले दुनिया के तमाम देशों को निक्की हेली (यूएन में अमेरिकी राजदूत) ने चेतावनी दी थी। वोटिंग से पहले ट्रंप ने भी कहा था कि अगर यूएन में हमारे पक्ष में वोटिंग नहीं होती है, उस देश को मिलने वाली अमेरिकी वित्तीय सहायता में कटौती कर दी जायेगी।

अमेरिका ने कहा था...
यूएन में 128 देशों ने मिलकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के येरूशलम को इजराइल की राजधानी घोषित करने के कदम का विरोध करने के बाद निक्की हेली ने कहा कि संयुक्त राष्ट्रों के इस विरोध से यूएस पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। निक्की हेली के अनुसार, अमेरिका अपने दूतावास को यरूशलम में स्थापित करने वाली योजना पर कायम है। यूएन में अंतिम निर्णय के बाद नाराज निक्की हेली ने कहा कि अमेरिका इस वोटिंग को हमेशा याद रखेगा।












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