भारत में कहां हो रहे सबसे ज्यादा Divorce? टॉप 7 राज्यों की लिस्ट देखें, जानें क्यों हो रहे तलाक
Divorce cases in India: बेंगलुरू के इंजीनियर अतुल सुभाष ने कथित तौर पर अपनी पत्नी के द्वारा दी जाने वाली आर्थिक और मानसिक प्रताड़ना से तंग आकर मौत को गले लगा लिया। मौत के पहले रिकार्ड किए गए अतुल सुभाष के वीडियो और एक 14 पन्ने के नोट के अनुसार उसकी पत्नी ने उसके खिलाफ तलाक के अलावा 9 फर्जी केस दर्ज करवाए हैं।
एआई इंजीनियर अतुल सुभाष ने मौत से पहले जो वीडियो बनाया है उसे सुनकर लोगों के रौंगटे खड़े हो गए हैं। अतुल सुभाष का दुखद भयावह अंत की कहानी के बीच तलाक संबंधी विवादों को लेकर नई बहस छिड़ गई है। इस सबके बीच आइए जानते हैं भारत में सर्वाधिक तलाक के मामले किस राज्य में हैं और टॉप 7 राज्य की लिस्ट में और कौन से राज्य शामिल हैं?

तलाक के सर्वाधिक मामले किस राज्य में हैं?
आपको जानकर हैरानी होगी तलाक के मामले में महाराष्ट्र राज्य नंबर वन पर है। महाराष्ट्र में 18.7% की तलाक दर है। ये वो राज्य है जहां पर पत्नी-पत्नी के बीच विवाद सबसे अधिक है और ये तलाक के सर्वाधिक मामले यहीं पर हैं।
टॉप 7 राज्यों की लिस्ट देखें
- तलाक के मामले में पहले स्थान पर जहां महाराष्ट्र है। यहां पर 18.7% की तलाक दर है।
- तलाक के मामले में दूसरे स्थान पर कर्नाटक राज्य है जहां यह दर 11.7% है। कर्नाटक जैसे राज्य में पति-पत्नी के विवाद और तलाक केस की संख्या बढ़ती संख्या रिश्तों में खटास बढ़ने की भयावह तस्वीर पेश कर रहे हैं।
- तलाक के मामले में तीसरे स्थान पर पश्चिम बंगाल राज्य हैं जहां पर तलाक की दर 8.2% है।
- तलाक के सर्वाधिक मामले की लिस्ट में देश की राजधानी दिल्ली चौथे स्थान पर है। दिल्ली में तलक की दर 7.7% दर्ज की गई है।
- तलाक के मामले में पांचवे नंबर पर तमिलनाडु राज्य हैं जहां पर तलाक की दर लगभग 7.1% है।
- तलाक के सवौधिक मामलें की टॉप 7 की लिस्ट में छठें नवंबर तेलंगाना राज्य हैं। जहां पर तलाक की दर लगभग 6.7% प्रतिशत है।
- तलाक के सर्वाधिक मामलों की टॉप 7 राज्यों की लिस्ट में सातवां स्थार पर केरल राज्य है। साक्षरता के मामले
- देश के अव्वल राज्य केरल में तलाक दर लगभग 6.3% है।
किन शहरो में हैं तलाक के सर्वाधिक मामले?
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली, मुंबई, और बेंगलुरु जैसे शहरों में तलाक की दर 30 प्रतिशत से भी अधिक है।ये आंकड़े एक प्रवृत्ति का संकेत देते हैं जहां शहरीकृत और आर्थिक रूप से विकसित क्षेत्रों में कपल एक दूसरे से तलाक ले रहे हैं।
भारत में लगातार बढ़ रहे हैं तलाक केस
संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2005 में भारत में तलाक लेने के दर 0.6 प्रतिशत थी। वहीं ये दर 2019 में बढ़कर 1.1 प्रतिशत हो गई। आपको जानकर ये हैरानी होगी कि कोरोना महामारी के बाद भारत के लगभग सभी राज्यों में पति-पत्नी के बीच तलाक के मामलों में तेजी से बढ़ोत्तरी हुई है।
क्यों टूट रहा पति-पत्नी का संबंध?
यूएन की रिपोर्ट के अनुसार भारत में पति-पत्नी में अलगाव की सबसे बड़ी वजह घरेलू हिंसा और धोखा देना है। इसके बाद शादी के बाद लगातार अपमान सहना और भावानात्मक सपोर्ट की कमी के कारण भी तलाक हो रहे हैं। इसके अलावा 50 साल की उम्र के बाद जो लोग तलाक ले रहे हैं उसका कारण कुछ आपसी मामलों के बाद एक दूसरे से छुटकाना पाना चाहते हैं।
क्या कहते हैं एस्पर्ट?
पारिवारिक न्यायालय की वकील रीता पांडेय बताती हैं कि पति पत्नी में तलाक के कारण हैं। जिसमें सबसे बड़ा कारण घरेलू हिंसा और दहेल के लिए मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न है। एडवोकेट रीता बताती हैं कि वर्तमान समय में महिलाएं पहले की अपेक्षा अधिक पढ़ी-लिखी और जागरूक हैं। अब वो तलाक लेने से हिचकिचाती नहीं हैं। संबंधों में खटास आने के बाद वो झेलने के बजाय तलाक लेकर छुटकारा लेने का कदम उठा रही हैं। इसके अलावा फिजिकल और इमोशन सपोर्ट ना मिलने पर भी अलगाव हो रहे हैं।
तलाक के प्रमुख कारण
- धोखा देना
- घरेलू हिंसा
- वर्षो तक अपमान सहना
- पार्टनर से सम्मान नहीं मिलना
- भावानात्मक सहयोग की कमी या ना मिलना
- अतिरिक्त संबंध होना
- आर्थिक तंगी












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