स्पेस मिशन पर कौन देश कर रहा सबसे अधिक खर्च, जानिए किस पायदान पर भारत
चंद्रमा पर भारत ने सफलतापूर्वक लैंडिंग करके इतिहास रच दिया है। इससे पहले सोवियत यूनियन ने चांद पर लैंडिंग की थी, लेकिन उसे यह सफलता 12वीं कोशिश में मिली थी। 2013 के बाद से चांद पर लैंड करने की कुल 13 कोशिश हुई हैं लेकिन इसमे सफलता का औसत बहुत ही कम रहा है। चंद्रयान 3 से पहले जापान, चीन, इजराइल, रूस ने लैंडिंग की कोशिश की थी
भारत के चंद्रयान मिशन की चर्चा इसलिए भी काफी अधिक हो रही है क्योंकि चांद पर लैंडिंग करने वाला भारत ना सिर्फ दुनिया का चौथा देश बन गया है बल्कि महज 615 करोड़ रुपए की लागत में इस मिशन को सफल बनाने की वजह से भी चर्चा में है।

दुनिया के शीर्ष देशों की बात करें तो स्पेस मिशन पर कई देश हजारों करोड़ रुपए खर्च कर रहे हैं। स्पेश मिशन पर सबसे अधिक खर्च अमेरिका कर रहा है। आईएमएफ वर्ल्ड इकोनॉमिक्स आउटलुक्स की स्पेस फाउंडेशन की रिपोर्ट के अनुसार अन्य देशों की तुलना में अमेरिका कुल जीडीपी का सबसे अधिक खर्च स्पेश मिशन पर करता है।
अक्टूबर 2022 के जीडीपी के आंकड़ों के अनुसार
अमेरिका की कुल जीडीपी 25.04 ट्रिलियन, स्पेस मिशन पर खर्च 0.28 फीसदी
रूस की कुल जीडीपी 2.13 ट्रिलियन, स्पेस मिशन पर खर्च 0.15 फीसदी
फ्रांस की कुल जीडीपी 2.78 ट्रिलियन, स्पेस मिशन पर खर्च 0.12 फीसदी
जापान की कुल जीडीपी 4.3 ट्रिलियन, स्पेस मिशन पर खर्च 0.1 फीसदी
इटली की कुल जीडीपी 4.3 ट्रिलियन, स्पेस मिशन पर खर्च 0.07 फीसदी
जर्मनी की कुल जीडीपी 4.03 ट्रिलियन, स्पेस मिशन पर खर्च 0.06 फीसदी
भारत की कुल जीडीपी 3.47 ट्रिलियन, स्पेस मिशन पर खर्च 0.04 फीसदी
दक्षिण कोरिया की कुल जीडीपी 1.73 ट्रिलियन, स्पेस मिशन पर खर्च 0.03 फीसदी
Statista Research Department की रिपोर्ट के अनुसार स्पेस मिशन पर सबसे अधिक खर्च अमेरिका कर रहाहै। वर्ष 2022 में अमेरिका ने सबसे अधिक 61.97 बिलियन यूएस डॉलर खर्च किए हैं।
चीन ने 11.94 बिलियन यूएस डॉलर खर्च किए
जापान ने 4.9 बिलियन यूएस डॉलर
फ्रांस ने 4.2 बिलियन यूएस डॉलर
रूस ने 3.42 बिलियन यूएस डॉलर
जर्मनी ने 2.53 बिलियन यूएस डॉलर
भारत ने 1.93 बिलियन यूएस डॉलर
इटली ने 1.74 बिलियन यूएस डॉलर
यूके ने 1.15 बिलियन यूएस डॉलर
दक्षिण कोरिया ने 0.72 बिलियन
यूरोपियन यूनियन ने 2.6 बिलियन डॉलर
भारत के मून मिशन की बात करें तो महज 615 करोड़ रुपए की लागत से इस मिशन को सफल करके भारत ने एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। इससे पहले 2020 में इसरो ने चंद्रयान 3 पर कुल खर्च 75 मिलियन डॉलर बताया था। लेकिन इस मिशन के लॉन्च को दो साल आगे बढ़ाया गया, जिसकी वजह से इस मिशन का खर्च थोड़ा और बढ़ गया।












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