कौन सा मास्क ओमिक्रॉन से बचा सकता है ? पूरी डिटेल देखिए

नई दिल्ली, 6 जनवरी: ओमिक्रॉन वेरिएंट अब दुनियाभर में अनियंत्रित हो चुका है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ और वैज्ञानिकों की ओर से इस बात की ओर इशारा किया जा रहा है कि हम आमतौर पर कपड़े के जिस मास्क का इस्तेमाल कर लेते हैं, हो सकता है कि वह अब कारगर न रहे। डॉक्टर अब सिंगल लेयर क्लॉथ मास्क की जगह कम से कम दो या तीन लेयर वाले मास्क के इस्तेमाल की सलाह दे रहे हैं। ओमिक्रॉन से बचाव के लिए डॉक्टर अब क्लॉथ मास्क को एक सर्जिकल मास्क के साथ जोड़कर पहनने या उससे भी ज्यादा प्रभावी रेस्पिरेटर मास्क पहनने को कह रहे हैं, और उसी से ओमिक्रॉन से बचा जा सकता है। स्पाइक प्रोटीन में अनोखे म्यूटेशन की वजह से ओमिक्रॉन बहुत ही ज्यादा संक्रामक है और इससे बचाव के लिए किसी भी तरह की कोताही खतरे को दावत देने की तरह है।

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    मास्क को लेकर सीडीसी ने क्या कहा है ?

    मास्क को लेकर सीडीसी ने क्या कहा है ?

    अमेरिका के सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीसी) की गाइडलाइंस के मुताबिक दो साल या उससे ऊपर के लोग,'कपड़े की कई परतों वाले कपड़े के मास्क के नीचे एक डिस्पोजेबल मास्क पहनें। दूसरा मास्क अंदर के मास्क को चेहरे और दाढ़ी के किनारों को दबाकर रखा होना चाहिए।' इसने यह भी कहा है कि दोबारा इस्तेमाल होने वाला मास्क गंदा होने के तुरंत बाद धुलने चाहिए या दिन में कम से कम एक बार। डिस्पोजेबल फेस मास्क को एक बार पहननें के बाद फेंक दें।

    कपड़े के मास्क या क्लॉथ मास्क

    कपड़े के मास्क या क्लॉथ मास्क

    पिछले दो साल में जब कोविड की दो लहरों के चलते दुनिया भर में एन95 मास्क की किल्लत हो गई थी, तब एक्सपर्ट ने आम लोगों के लिए कपड़े का मास्क पहनने की सलाह दी थी। इसके पीछे विचार था कि वायरस के आपकी नाक या मुंह से जाने से रोकने के लिए आपको एक सुरक्षा मिल जाए। लेकिन, अभी जो खतरनाक ओमिक्रॉन वायरस घूमने लगा है, उससे अकेले कपड़े के मास्क आपको सुरक्षित नहीं रख पाएंगे। इसलिए इस वायरस से बचाव के लिए अकेले कपड़े के मास्क के भरोसे रहना सही नहीं है।

    सर्जिकल मास्क

    सर्जिकल मास्क

    सर्जिकल मास्क साधारण कपड़े के मास्क से बेहतर हैं। यह आम तौर पर आपको उससे अधिक सुरक्षा देते हैं। लेकिन, ये भी अब अकेले बहुत ज्यादा सुरक्षित नहीं रह गए हैं। और इसे न तो दोबारा इस्तेमाल किया जा सकता है। यदि आपको सार्वजनिक परिवहनों का इस्तेमाल करना है या बंद जगहों पर ज्यादा देर तक समय गुजारना है, जैसे कि दफ्तरों में तो आपको सर्जिकल मास्क से बेहतर मास्क पहनना चाहिए।

    एफएफपी (फिल्टरिंग फेसपीस) मास्क

    एफएफपी (फिल्टरिंग फेसपीस) मास्क

    इसके बारे में लोग कम जानते हैं, लेकिन यह भी 'एन' श्रेणी के मास्क में आते हैं। यह आमतौर पर सेल्युलोज या प्लास्टिक जैसी चीजों से बने होते हैं, इसलिए बेहतर माने जाते हैं। इसमें कई तरह के फिल्टर लेयर होते हैं। सांस लेने में सुविधा के लिए इस तरह के कुछ मास्क में वॉल्व भी लगे होते हैं, लेकिन इस महामारी में वॉल्व वाले मास्क की सलाह नहीं दी जाती, जो दूसरों के लिए जोखिम बढ़ा सकते हैं। लेकिन, इस मास्क की भी कई श्रेणियां होती हैं।

    एफएफपी 1 मास्क

    एफएफपी 1 मास्क

    यह धूल या उसके साथ मिले हुए कणों को फिल्टर करने के लिए होते हैं, इसलिए उद्योगों में काम करने वाले लोग इसे आमतौर पर इस्तेमाल करते हैं। यह मास्क सर्जिकल की तुलना में तो ज्यादा बेहतर माने जाते हैं, लेकिन वायरस को रोकने के लिए इसे उतना प्रभावी नहीं माना जा सकता।

    एफएफपी 2 मास्क

    एफएफपी 2 मास्क

    इस मास्क को एन95 के बराबर माना जाता है जो हवा में घुले पार्टिकल को 95% तक फिल्टर करने में सक्षम होते हैं। कुछ देशों में ये मास्क केएन95 या पी2 के नाम से भी प्रचलन में हैं। कुछ स्टडी में इस बात का पता चला है कि एन95 मास्क सर्जिकल मास्क से तुलनात्मक रूप से 5 गुना ज्यादा सुरक्षित हैं। ज्यादातर लोगों के लिए एफएफपी 2 मास्क या एन95 सुरक्षा और कीमत दोनों के हिसाब से बेहतर हैं। वैसे तो यह काफी सुरक्षित मास्क हैं, लेकिन अस्पतालों में या दूसरे ऐसे वातावरण में जहां कोविड संक्रमित मरीज हैं, वहां काम करने वालों को भी यह मास्क पर्याप्त सुरक्षा नहीं दे पाता।

    एफएफपी 3 मास्क या एन99

    एफएफपी 3 मास्क या एन99

    एफएफपी 3 मास्क या भारत में एन99 मास्क हवा में घुले 99% पार्टिकल्स तक को फिल्टर करने में सक्षम हैं। इसे ईएन149 या पी3 के नाम से भी जाना जाता है। यह सिर्फ एरोसोल को ही नहीं रोकता, बल्कि वायरस और बैक्टीरिया के खिलाफ भी पूरी तरह से कारगर माना जाता है। बहुत ही ज्यादा जोखिम वाले स्थानों (अस्पतालों ) के लिए इसी मास्क के इस्तेमाल की सिफारिश की जाती है। ब्रिटेन में हुए एक शोध में कहा गया है कि जिन अस्पतालों में डॉक्टर या नर्स इनका इस्तेमाल करते हैं, वहां लगभग शून्य ट्रांसमिशन है।

    मास्क को कैसे बनाएं ज्यादा सुरक्षित ?

    मास्क को कैसे बनाएं ज्यादा सुरक्षित ?

    ओमिक्रॉन से बचाव के लिए आप सिर्फ बेहतर और सुरक्षित मास्क का ही इस्तेमाल करें यही काफी नहीं है। यह तसल्ली करना बहुत आवश्यक है कि मास्क ऐसा हो, जो आपकी नाक और मुंह में पूरी तरह से फिट बैठता हो और आपने उसे पूरी सावधानी से पहना हुआ हो। हवा सिर्फ मास्क से ही छनकर नाक में जानी या बाहर आनी चाहिए। इसमें ढिलाई की गुंजाइश बिल्कुल ही नहीं होनी चाहिए। आमतौर पर सर्जिकल मास्क के ऊपर से कई लेयर वाले कपड़े के मास्क से भी काफी सुरक्षा मिल सकती है। दो मास्क का इस्तेमाल करना अकेले कपड़े के मास्क की तुलना में निश्चित ही ज्यादा सुरक्षित है। इसी तरह मास्क सूखा हो और यह गीला नहीं होना चाहिए।

    ओमिक्रॉन से बचाव के लिए डॉक्टर अब क्लॉथ मास्क को एक सर्जिकल मास्क के साथ जोड़कर पहनने या उससे भी ज्यादा प्रभावी रेस्पिरेटर मास्क (एन95-एन99) पहनने को कह रहे हैं, और उसी से ओमिक्रॉन से बचा जा सकता है।

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