जब उस कॉलेज में पहले से हिजाब को लेकर दिशानिर्देश है तो यह मुद्दा अभी क्यों उठ रहा है- सुमलता अंबरीश
लोकसभा सांसद सुमलता अंबरीश ने कहा कि जब उस विशेष स्कूल या कॉलेज में पहले से ही हिजाब को लेकर दिशानिर्देश लागू हैं तो फिर इस मुद्दे को अब जाकर क्यों तूल दिया जा रहा है।
बेंगलुरु, 9 फरवरी। कर्नाटक हिजाब मामले को लेकर आज लगातार दूसरे दिन लोगसभा में गरमा-गरम बहस जारी रही। इस मुद्दे पर गृह मंत्री अमित शाह के बयान की मांग करते हुए विपक्षी दलों ने लोकसभा से वाकआउट कर दिया।
इस मुद्दे पर विपक्ष के विरोध के बाद कर्नाटक के धारवाड़ से सांसद संसदीय कार्य मंत्री प्रल्हाद जोशी ने सदन के बाहर संवाददाताओं से कहा, 'सभी छात्रों को स्कूलों और प्रशासन द्वारा निर्धारित ड्रेस कोड का पालन करना चाहिए। राज्य में कानून व्यवस्था बनी रहनी चाहिए। हमें यह देखने की जरूरत है कि ये लोग कौन हैं जो छात्रों को भड़का रहे हैं।'
विपक्षी दल कांग्रेस ने हिजाब के नाम पर कर्नाटक में मुस्लिम छात्राओं पर हुए अत्यााचर पर गृह मंत्री अमित शाह के बयान की मांग करते हुए शून्यकाल में जमकर हंगामा किया।
कॉलेज में पहले से ही हिजाब पहनकर आती थीं छात्राएं
वहीं कर्नाटक के मांड्या से निर्दलीय लोकसभा सांसद सुमलता अंबरीश ने हिजाब को लेकर हो रहे हंगामे पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब उस विशेष स्कूल या कॉलेज में पहले से ही हिजाब को लेकर दिशानिर्देश लागू हैं तो फिर इस मुद्दे को अब जाकर क्यों तूल दिया जा रहा है। कौन है जो छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहा है?

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हिजाब विवाद पर क्या बोली हेमा मालिनी
वहीं भाजपा सांसद हेमा मालिनी ने हिजाब विवाद को लेकर कहा कि स्कूल शिक्षा के लिए होते हैं और वहां धार्मिक मामलों को नहीं लिया जाना चाहिए। हर स्कूल में एक यूनिफॉर्म होती है जिसका सम्मान किया जाना चाहिए। आप स्कूल के बाहर जो चाहें पहन सकते हैं।
क्या है पूरा मामला
दरअसल इस विवाद की शुरुआत तब हुई जब गवर्नमेंट पीयू कॉलेज फॉर विमेन में छह छात्राओं को हिजाब पहन कर आने से रोक दिया गया। छात्राओं ने कॉलेज के फैसले को मानने से इंकार कर दिया और हाईकोर्ट में इसके खिलाफ याचिका दायर कर दी। अब यह मामला हाई कोर्ट में है












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