तनाव के बीच पाकिस्तान से चली समझौता एक्सप्रेस के दिल्ली पहुंचने पर क्या हुआ, पढ़िए

दिल्ली। उरी आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव का असर दोनों देशों के लोगों को जोड़ने वाली समझौता एक्सप्रेस ट्रेन पर भी हुआ है।

भारत से कई लोग रिश्तेदारों से मिलने पाकिस्तान गए थे लेकिन उरी आतंकी हमले के बाद उनमें से कई पहले से तय यात्रा का प्लान छोड़कर तुरंत वापस लौट आए हैं।

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, समझौता एक्स्प्रेस जब पाकिस्तान से चलकर दिल्ली पहुंची तो यहां इंतजार कर रहे रिश्तेदारों ने राहत की सांस ली। इस ट्रेन से कुछ पाकिस्तानी लोग भी भारत में अपने रिश्तेदारों से मिलने आए।

samjhauta express

'डर था कि समझौता एक्स्प्रेस बंद न हो जाए'

जुलाई के आखिर में जमीला और उसके पति जब समझौता एक्सप्रेस से पाकिस्तान जाने के लिए निकले थे तब कश्मीर अशांत हो चुका था। वहां उनके भतीजे की शादी थी और पारिवारिक शादी में जाना जरूरी था इसलिए दोनों भारत पाकिस्तान के तनाव भरे हालात को देखकर सोचते विचारते वहां चले गए।

जब दोनों वापस लौटे तो दिल्ली जंक्शन पर जमीला के भाई नजीम अब्बासी उनकी राह देख रहे थे। 50 साल के अब्बासी बोले, 'उरी हमले ने हमें डरा दिया। जमीला पाकिस्तान में बहन के यहां एक महीने और रहती लेकिन उसको वापस लौटना पड़ा। हमें डर था कि तनाव की वजह से समझौता एक्सप्रेस बंद न हो जाए।'

अब्बासी का कहना है कि जंग से किसी समस्या का हल नहीं हो सकता क्योंकि यह खुद अपने आप में समस्या है। कोई जंग नहीं चाहता। दोस्त बदले जा सकते हैं, लेकिन पड़ोसी नहीं। पाकिस्तान को भारत से अच्छे पड़ोसी की तरह पेश आना चाहिए।

'बहन की शादी हुई है पाकिस्तान में'

उत्तर प्रदेश में सुल्तानपुर के मुहम्मद फारुख अपनी बहन नसीम और उनके पति फरीद का इंतजार कर रहे थे। नसीम और फारुख की बहन मुजम्मिल की शादी पाकिस्तान के लाहौर में हुई है।

फारुख कहते हैं, 'मेरी मां इस शादी के खिलाफ थी लेकिन अब्बा ने कहा कि दोनों देशों की रिश्तेदारी के लिए यह शादी जरूरी है। मुजम्मिल के पति का परिवार 1947 से पहले हमारा पड़ोसी था।'

घरवालों से मिलने पाकिस्तान से आई शमीम

उत्तर प्रदेश के शामली की शमीम शादी के बाद पाकिस्तान के मुल्तान चली गईं। 55 साल की शमीम अपनी बेटी अम्मारा के साथ भारत आई हैं।

शमीम का कहना है कि पाकिस्तान में इंटरनेट और ह्वाट्सऐप के मैसेज से लगा कि भारत में माहौल खराब होगा लेकिन यहां तो सबकुछ ठीक है। कोई जंग नहीं चाहता।

'मैं तो दिल्ली छुट्टियां मनाने आया हूं'

समझौता एक्स्प्रेस से 52 साल के खालिद अपने दोस्तों और परिवारों के साथ मुल्तान से दिल्ली आए। उन्होंने कहा कि दोस्तों को बहुत कहके राजी करना पड़ा और हम दिल्ली छुट्टियां मनाने आए हैं।

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