CBI के नए डायरेक्टर प्रवीण सूद को जब डीके शिवकुमार ने कहा था 'नालायक', दी थी कार्रवाई करने की धमकी
कर्नाटक कांग्रेस के अध्यक्ष डीके शिवकुमार ने प्रवीण सूद को 'नालायक' (बेकार) कहा था, उन्होंने आरोप लगाया था कि उन्होंने भाजपा नेताओं की रक्षा करते हुए कांग्रेस के खिलाफ '25 से अधिक मामले' दर्ज किए थे।

CBI chief Praveen Sood and why DK Shivakumar: 1986 बैच के आईपीएस अधिकारी और कर्नाटक के वर्तमान डीजीपी प्रवीण सूद को केंद्र सरकार ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) का अगला निदेशक नियुक्त किया है। प्रवीण सूद को 02 साल की अवधि के लिए रविवार (14 मई) को सीबीआई का नया निदेशक नियुक्त किया गया। प्रवीण सूद वर्तमान सीबीआई निदेशक सुबोध जायसवाल का स्थान लेंगे, उनका कार्यकाल 25 मई को खत्म हो जाएगा।
प्रवीण सूद के नाम को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भारत के मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ और विपक्ष के नेता अधीर रंजन चौधरी की उच्च शक्ति समिति की बैठक में अंतिम रूप दिया गया था। कर्नाटक के वर्तमान डीजीपी प्रवीण सूद और कांग्रेस प्रमुख डीके शिवकुमार का प्रमुख एक पुराना विवाद है, जो अब चर्चाओं में है।
डीके शिवकुमार ने एक बार कर्नाटक के वर्तमान डीजीपी प्रवीण सूद को उनके खिलाफ कार्रवाई करने की धमकी दी थी। डीके शिवकुमार ने कहा था कि जब हम कर्नाटक में सत्ता में आएंगे तो आपके खिलाफ कार्रवाई करेंगे। ऐसे में अब कर्नाटक में सरकार बनते ही केंद्र सरकार ने प्रवीण सूद को सीबीआई का निदेशक नियुक्त कर दिया है।
डीके शिवकुमार ने प्रवीण सूद को कहा था "नालायक"
कर्नाटक कांग्रेस के प्रमुख डीके शिवकुमार ने मार्च 2023 में डीजीपी प्रवीण सूद को "नालायक" कहा था और उनकी पार्टी (कांग्रेस) के सत्ता में आने के बाद उनके खिलाफ कार्रवाई की कसम खाई थी। कांग्रेस ने बड़े अंतर से कर्नाटक जीता है और पार्टी से डीके शिवकुमार मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार हो सकते हैं। लेकिन प्रवीण सूद अगले दो साल तक सीबीआई निदेशक की भूमिका निभाने के लिए दिल्ली चले जाएंगे।
डीके शिवकुमार ने प्रवीन सूद को दी थी धमकी
मार्च में डीके शिवकुमार ने आरोप लगाया था कि डीजीपी प्रवीन सूद राज्य में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का पक्ष ले रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया था कि प्रवीण सूद के कर्नाटक पुलिस का नेतृत्व करने के दौरान कांग्रेस नेताओं के खिलाफ लगभग 25 मामले दर्ज किए गए थे और भाजपा नेताओं के खिलाफ कोई भी मामला दर्ज नहीं किया गया था।
शिवकुमार ने कहा था, "उनके खिलाफ तुरंत मामला होना चाहिए और उन्हें गिरफ्तार किया जाना चाहिए। चुनाव आयोग को उन्हें हटाना चाहिए। हमारी सरकार आने दीजिए, हम उनके खिलाफ कार्रवाई करेंगे।"
प्रवीण सूद कर्नाटक कैडर के तीसरे आईपीएस अधिकारी हैं, जो सीबीआई प्रमुख बने हैं। इससे पहले अन्य दो जोगिंदर सिंह और डी आर कार्तिकेयन भी सीबीआई प्रमुख रह चुके हैं।

कौन हैं IPS अधिकारी प्रवीण सूद
हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा के रहने वाले प्रवीण सूद ने आईआईटी-दिल्ली से ग्रजुएट हैं और 1986 में 22 साल की उम्र में आईपीएस अधिकारी हुए थे। उन्होंने 1989 में सहायक पुलिस अधीक्षक (मैसूर) के रूप में अपना करियर शुरू किया था। बाद में पुलिस उपायुक्त (कानून और व्यवस्था) के रूप में बेंगलुरु स्थानांतरित होने से पहले बल्लारी और रायचूर के एसपी के रूप में कार्यरत थे।
प्रवीण सूद 2004 से 2007 तक मैसूरु के पुलिस आयुक्त के रूप में तैनात थे और इस कार्यकाल के दौरान उन्होंने पाकिस्तानी मूल के आतंकवादियों की गिरफ्तारी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। प्रवीण सूद को जनवरी 2020 में 1985-बैच के आईपीएस अधिकारी अशित मोहन प्रसाद को हटाकर कर्नाटक डीजीपी नियुक्त किया गया था।












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