बीजेपी सांसद-विधायक ने किया सीएम कमलनाथ का स्वागत, मौजूद नहीं था कोई कांग्रेसी
भोपाल। मध्य प्रदेश के सीएम कमलनाथ की एक आदत की विरोधी भी तारीफ करते हैं- टाइम की पाबंदी। कार्यक्रम चाहे कोई भी हो, कमलनाथ हमेशा से समय से पहले पहुंचने का प्रयास करते हैं। शनिवार को कमलनाथ इंडिगो की फ्लाइट का शुभारंभ करने के लिए भोपाल के राजाभोज एयरपोर्ट पर पहुंचे। उन्हें वैसे तो सुबह 8.30 बजे पहुंचना था, लेकिन वह समय ठीक 5 मिनट पहले ही पहुंच गए। कमलनाथ जब एयरपोर्ट पहुंचे तब तक वहां एक भी कांग्रेस नेता मौजूद नहीं था। ऐसे में उनका स्वागत कौन करे, ऐसे में बीजेपी के सांसद आलोक संजर और विधायक रामेश्वर शर्म ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। दोनों बीजेपी नेता भी कमलनाथ की तरह समय से पहले पहुंच गए थे। स्वागत के बाद कमलनाथ ने शनिवार को भोपाल एयरपोर्ट से हैदराबाद जाने वाली फ्लाइट को फ्लैग ऑफ कर रवाना किया।

कमलनाथ और शिवराज के नेतृत्व में कांग्रेस-बीजेपी ने पेश किए शानदार उदाहरण
स्थानीय मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, कार्यक्रम में मंत्री पीसी शर्मा भी देरी से पहुंचे। वैसे मध्य प्रदेश देश के उन गिने-चुने राज्यों में शुमार किया जाता है, जिनके बारे में यह कहा जाता है कि राजनीतिक परंपरा यहां आज भी पक्ष-विपक्ष के दायरे से अलग है। कमलनाथ ने अपने शपथ ग्रहण में पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान का हाथ उठाकर जनता का अभिवादन कर बहुत अच्छा राजनीतिक उदाहरण पेश किया था। पक्ष-विपक्ष के बीच एक-दूसरे के प्रति सम्मान औरर पद की गरिमा को बनाए रखने की परंपरा स्वस्थ लोकतंत्र के लिए बेहद जरूरी है। हालांकि, कई राज्यों में पक्ष के बीच कटुता निजी दुश्मनी के स्तर पर चली गई है, लेकिन मध्य प्रदेश में आज भी स्वस्थ राजनीतिक परंपरा कायम है।

भोपाल से हैदराबाद के लिए सीधी फ्लाइट शुरू
शनिवार को भोपाल से हैदराबाद के लिए सीधी फ्लाइट शुरू होने के बाद अब दोनों शहरों के बीच की दूरी केवल डेढ़ घंटे की रह गई है। इंडिगो ने भोपाल से हैदराबाद का किराया केवल 1999 रुपए निर्धारित किया है। मतलब आम आदमी भी अब फ्लाइट से जाने में गुरेज नहीं करेगा। कमलनाथ ने इस सेवा के शुरू होने पर कहा कि मध्य प्रदेश को आज हैदराबाद के लिए सीधी हवाई सेवा का तोहफा मिला है। उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया, देश और प्रदेश में लगातार परिवर्तन हो रहा है। हालांकि, कमलनाथ ने कार्यक्रम में ऐसी कोई बात नहीं की, जिससे कोई अंदाजा लगा सके, कांग्रेस नेताओं की लेटलतीफी से वह नाराज हैं या नहीं। एक बात जरूर है कि कमलनाथ बेहद सख्त प्रशासक हैं और वह लापरवाही बर्दाश्त नहीं करते हैं।

शपथ ग्रहण के बाद ही लेटलतीफी पर स्पष्ट हिदायत दे चुके हैं कमलनाथ
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री पद का कार्यभार संभालने के बाद कमलनाथ कई बार अधिकारियों और पार्टी नेताओं की जमकर क्लास लगा चुके हैं। शपथ ग्रहण के बाद जब उन्होंने पहली कैबिनेट बैठक बुलाई थी, तब उन्होंने मंत्रियों से दो टूक कह दिया था कि अगर कोई लेट हुआ तो उसे बैठक में शामिल होने की इजाजत नहीं दी जाएगी।












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