त्रिनिदाद ने PM मोदी को डिनर में क्या-क्या परोसा? थाली नहीं! सोहारी पत्ते में सजा प्यार और परंपरा का स्वाद
ना चांदी की प्लेट, ना स्टील की थाली...त्रिनिदाद और टोबैगो ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) का स्वागत एक ऐसे अंदाज में किया, जिसने रिश्तों में परंपरा की मिठास घोल दी। पीएम मोदी को डिनर में खाना परोसा गया एक खास पत्ते पर- जिसे सोहारी (Sohari) कहा जाता है।
प्रधानमंत्री मोदी ने न सिर्फ इस अनुभव को सराहा, बल्कि इसे गहरे सांस्कृतिक महत्व वाला बताया। सोशल मीडिया पर जैसे ही तस्वीरें आईं, लोग पूछने लगे- आखिर ये सोहरी है क्या? और पीएम मोदी को थाली में क्या क्या परोसा गया?

त्रिनिदाद ने PM मोदी को क्या-क्या परोसा?
त्रिनिदाद में पीएम नरेंद्र मोदी को एक बेहद सादा लेकिन सांस्कृतिक रूप से समृद्ध भोजन परोसा गया। सोहारी पत्ते पर सजाई गई थाली में दाल, चावल (भात) और स्थानीय तरी वाली सब्जी (तरकारी) परोसी गई थी। यह भोजन न सिर्फ स्वाद से भरपूर दिख रहा था, बल्कि इसे देखकर भारतीय संस्कृति की झलक भी साफ महसूस होती है।
पीएम मोदी ने इसे बहुत सादगी और चाव से खाते हुए तस्वीरें साझा कीं, जो यह दिखाता है कि उन्होंने न केवल व्यंजन, बल्कि उसमें छिपे सम्मान और परंपरा को भी पूरी आत्मीयता से स्वीकार किया।
त्रिनिदाद और टोबैगो की यह पेशकश वहां के भारतीय मूल के लोगों द्वारा सहेजी गई परंपरा की एक खूबसूरत मिसाल है, जिसमें पत्तों पर भोजन परोसने की संस्कृति आज भी जीवित है। यह थाली भारत और त्रिनिदाद के बीच सांस्कृतिक और भावनात्मक रिश्तों की महक से भरी दिखी।
पीएम मोदी ने शेयर की तस्वीरें
पीएम मोदी ने खुद X (ट्विटर) पर तस्वीरें शेयर करते हुए लिखा कि, 'यह पत्ता सांस्कृतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है। त्योहारों और खास मौकों पर यहां भोजन इसी पर परोसा जाता है।' सोहारी एक ट्रॉपिकल पौधा है, जो भारत के केले के पौधे जैसा ही होता है। स्थानीय भारतीय समुदाय ने पत्तों पर भोजन करने की परंपरा को आज भी सहेज कर रखा है।
पीएम मोदी ने कमला प्रसाद बिसेसर को क्या क्या भेंट किया?
डिनर के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने राम मंदिर की एक सुंदर प्रतिकृति, सरयू नदी का पवित्र जल, और प्रयागराज महाकुंभ का जल भी अपने समकक्ष कमला प्रसाद बिसेसर को भेंट किया। उन्होंने कहा, 'ये भेंट भारत और त्रिनिदाद के बीच सांस्कृतिक और आध्यात्मिक जुड़ाव का प्रतीक हैं।'
इस मौके पर पीएम मोदी ने राणा मोहीप से भी मुलाकात की- जिन्होंने महात्मा गांधी की 150वीं जयंती पर 'वैष्णव जन तो' गाया था। मोदी ने उनकी भारतीय संगीत और संस्कृति के प्रति लगन की सराहना की। यह दौरा 1999 के बाद किसी भी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली द्विपक्षीय यात्रा थी, जिसमें संस्कृति, परंपरा और संबंधों का गहरा संगम देखने को मिला।
सोहारी पत्ते की कहानी और क्या है इसका भोजपुरी में अर्थ
सोहारी पत्ते का वैज्ञानिक नाम कैलाथिया ल्यूटिया है, एक ट्रॉपिकल पौधा है, जो अदरक के परिवार से संबंधित है। यह कैरिबियन, मध्य और दक्षिण अमेरिका में ज्यादा पाया जाता है। इसकी चौड़ी, मोमी और मजबूत पत्तियां खाना परोसने के लिए प्लेट के जैसा काम करती हैं। भोजपुरी में सोहारी का अर्थ है 'देवताओं के लिए भोजन।' है।












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