चौथी बार गोवा का मुख्यमंत्री बनने के बाद क्या बोले मनोहर पर्रिकर
शपथ लेने के बाद पर्रिकर सबसे पहले कांग्रेस की तरफ से लगाए जा रहे आरोपों पर निशाना साधते हुए बोले कि अगर कांग्रेस के पास विधायकों का समर्थन था तो वह गवर्नर के पास क्यों नहीं गए?
पणजी। मंगलवार शाम को मनोहर पर्रिकर ने गोवा के मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली है। शपथ लेने के बाद उन्होंने सबसे पहले कांग्रेस की तरफ से लगाए जा रहे आरोपों पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर कांग्रेस के पास विधायकों का समर्थन था तो वह गवर्नर के पास क्यों नहीं गए? वह बोले- अगर आपके पास समर्थन था तो आप गवर्नर के पास क्यों नहीं गए? गोवा में सरकार बनाने के लिए भाजपा को दिया गया समर्थन गोवा के विकास के लिए है। कोई भी विधायक कांग्रेस का समर्थन नहीं करना चाहता है। वह बोले कि 22 विधायकों का भाजपा को समर्थन सीधा बहुमत है। यह चुनाव के बाद का गठबंधन है।

आपको बता दें कि गोवा विधानसभा चुनाव में कुल 40 विधानसभा सीटों पर चुनाव हुआ था। इसमें कुल 13 सीटें भाजपा ने जीतीं, जबकि 17 सीटें कांग्रेस ने जीतीं। कांग्रेस के पास अधिक सीटें होने के बावजूद भाजपा ने गोवा की अन्य पार्टियों से जीते विधायकों को समर्थन हासिल कर लिया और गोवा में सरकार बनाने का दावा पेश कर दिया। इसे लेकर अब दिग्विजय सिंह की आलोचना भी हो रही है, क्योंकि वही गोवा विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की ओर से इंचार्ज थे और अधिक सीटें होने के बावजूद उन्होंने सरकार बनाने का दावा पेश नहीं किया। ये भी पढ़ें- रेणुका चौधरी ने गोवा में सरकार न बना पाने पर अप्रत्यक्ष तौर पर दिग्विजय सिंह को कहा बेवकूफ
इससे पहले कांग्रेस ने भाजपा की तरफ से गोवा में सरकार बनाने के दावे के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस की याचिका को खारिज करते हुए कहा था कि भाजपा ने 21 विधायकों का बहुमत साबित कर दिया है। हालांकि, 16 मार्च को भाजपा को फ्लोर टेस्ट के दौरान बहुमत साबित करना है। अगर भाजपा बहुमत साबित करने में नाकाम हुई तो मनोहर पर्रिकर सिर्फ दिन के मुख्यमंत्री होंगे, जबकि अगर भाजपा बहुमत साबित कर लेती है तो मनोहर पर्रिकर ही मुख्यमंत्री बने रहेंगे।












Click it and Unblock the Notifications