What is Waqf act: क्या है वक्फ कानून जिसे बदलने जा रही मोदी सरकार? अब पूरे गांव पर दावा नहीं कर पाएगा बोर्ड?
Waqf Act Amendment: केंद्र सरकार जल्द ही संसद में एक विधेयक पेश करने जा रही है। जिसका मुख्य उद्देश्य वक्फ अधिनियम में अहम संशोधन करना है। सूत्रों की मानें तो विधेयक में किसी भी भूमि को अपनी संपत्ति घोषित करने में वक्फ बोर्डों की व्यापक शक्तियों को सीमित करने का प्रयास किया गया है।
लिहाजा इस बिल के पास होने के बाद वक्फ बोर्ड की शक्तियां कम होंगी और वह किसी भी जमीन को अपनी जमीन होने का दावा नहीं कर पाएगा। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने शुक्रवार को इस विधेयक को मंजूरी दे दी। मौजूदा अधिनियम में लगभग 40 संशोधन का प्रस्ताव इस विधेयक में किया गया है।

भूमि सत्यापन जरूरी
इस विधेयक का उद्देश्य वक्फ बोर्डों का पुनर्गठन करना और उनकी संरचना में बदलाव करना है। विधेयक में इस बात को भी सुनिश्चित किया गया है कि वक्फ संपत्ति घोषित किए जाने से पहले भूमि का सत्यापन किया जाए। इसके अतिरिक्त इस वक्फ कानून के कुछ प्रावधानों को निरस्त किए जाने का भी प्रावधान है।
महिलाओं को भी मिलेगा प्रतनिधित्व
सरकार जो विधेयक लाने जा रही है उसमे वक्फ अधिनियम की धारा 9 और धारा 14 में संशोधन शामिल है। ये संशोधन केंद्रीय वक्फ परिषद और राज्य वक्फ बोर्डों की संरचना में बदलाव लाएंगे।
जिससे इन निकायों में महिलाओं का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित होगा। साथ ही राज्य वक्फ बोर्डों द्वारा जिन विवादित जमीनों पर दावा किया गया है, उनका नए सिरे से सत्यापन की भी बात इस विधेयक में कही गई है।
पिछले वर्ष मई मह में दिल्ली उच्च न्यायालय ने केंद्र सरकार को दिल्ली वक्फ बोर्ड द्वारा दावा की गई 123 संपत्तियों का भौतिक निरीक्षण करने का निर्देश दिया था। इसके बाद अगस्त में केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय ने इन संपत्तियों को लेकर नोटिस जारी किया था।
सरकार का तर्क
दरअसल तमिलनाडु वक्फ बोर्ड ने पूरे थिरुचेंदुरई गांव को वक्फ बोर्ड की संपत्ति बताया था और गांव की पूरी जमीन पर स्वामित्व का दावा किया था। अहम बात है कि यह गांव मुख्य रूप से हिंदू आबादी वाला है। इस गांव के का उदाहरण देते हुए केंद्र सरकार ने मौजूदा नियमों में बदलाव की बात कहते हुए वक्फ बोर्ड की शक्तियों की समीक्षा करने का फैसला लिया।
देश में 30 वक्फ बोर्ड
भारत में फिलहाल 30 वक्फ बोर्ड हैं, जो 28 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को कवर करते हैं। बता दें कि 1995 का वक्फ अधिनियम मुस्लिम कानून के तहत 'औकाफ' यानि धर्मार्थ उद्देश्यों के लिए दान की गई संपत्तियों के निर्धारत के लिए बनाया गया था। इसमे कुछ कमियों को दूर करने के लिए 2013 में संशोधन किए गए थे।
वक्फ के पास 9.40 लाख एकड़ जमीन
सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार देशभर में वक्फ की 8.70 लाख संपत्तियां हैं, जोकि 9.40 लाख एकड़ है। मोदी सरकार के पिछले कार्यकाल के दौरान अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय ने राज्य वक्फ बोर्डों की व्यापक शक्तियों की समीक्षा की।
इस समीक्षा में इस बात पर ध्यान केंद्रित किया गया कि कैसे ये बोर्ड संपत्तियों को वक्फ घोषित करते हैं और मुतवल्लियों (वक्फ प्रबंधकों) की नियुक्ति में अपने अधिकारों का दुरुपयोग करते हैं।
राजनीतिक मायने
इस विधेयक को लाने की टाइमिंग काफी अहम है क्योंकि इस साल अक्टूबर में हरियाणा, महाराष्ट्र और झारखंड में विधानसभा चुनाव होने हैं। लिहाजा सरकार के इस फैसले को इन चुनावों से जोड़कर देखा जा रहा है।












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