क्या है व्यापमं घोटाला, जिसके चक्कर में हो चुकी हैं 45 मौतें?
नई दिल्ली। आज व्यापमं घोटाले की जांच कर रहे पत्रकार की संदिग्ध हालत में हुई मौत ने लोगों का उस शक को यकीन में बदल दिया है जिसमें कहा जा रहा था कि कहीं ना कहीं इस घोटाले में ऐसे लोग शामिल हैं जो नहीं चाहते कि उनका नापाक चेहरा लोगों के सामने आये।
आईये आपको बताते हैं कि आखिर व्यापमं घोटाला है क्या?
व्यापमं एक प्रोफेशनल एजुकेशन का संक्षिप्त रूप है जिसके तहत राज्य में प्री मेडिकल टेस्ट, प्री इंजीनियरिंग टेस्ट और कई सरकारी नौकरियों के एग्जाम होते हैं। यह एक मंडल के रूप में काम करता है। लेकिन व्यापमं परीक्षा घोटाले में तब्दील तब हो गई जब कॉन्ट्रैक्ट टीचर वर्ग-1 और वर्ग-2 और मेडिकल एग्जाम में ऐसे लोगों को पास किया गया जिनमें एग्जाम में बैठने तक की योग्यता नहीं थी। जिसके चलते सरकारी नौकरियों में करीब हजार से ज्यादा की और मेडिकल एग्जाम में करीब 500 से ज्यादा भर्तियां शक के घेरे में हैं।
शक की सुई बड़े और गणमान्य लोगों पर
इस मामले में शक की सुई देश के बड़े और गणमान्य लोगों पर घूम रही है, इस लपेटे में खुद एमपी के सीएम शिवराज सिंह चौहान भी है, इसके अलावा इस घोटाले में आईपीएस अधिकारी व डीआईजी आरके शिवहरे, अरबिंदो मेडिकल कॉलेज के विनोद भंडारी, पूर्व मंत्री लक्ष्मीकांत शर्मा और उनके ओएसडी ओपी शुक्ला जैसे नामी-गिरामी हस्तियों पर अंगुलियां उठ रही हैं।
45 लोगों की मौत
इससे पहले व्यापमं घोटाले से जुड़े 45 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें राज्यपाल रामनरेश यादव के बेटे की मौत भी शामिल है। आधिकारिक तौर पर हालांकि 25 मौतों की पुष्टि की गई है। फिलहाल मामला एसआईटी के हाथ में है।













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