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फील्‍ड मार्शल का पद क्‍या होता है? जो पाकिस्‍तान ने आसिम मुनीर को दिया, क्‍या‍ मिलता है पावर

What is Field Marshal rank: भारत से मिली करारी हार के बाद पाकिस्‍तान तमाम तरह के जतन कर डैमेज कंट्रोल करने में लगा हुआ है। पाकिस्तान सरकार ने 20 मई को पाक सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर को फील्ड मार्शल के पद पर प्रमोशन दे दिया है। जिसके बाद पाकिस्‍तान के इतिहास में यह पद पाने वाले मुनीर दूसरे व्यक्ति बन गए हैं।

प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक के बाद घोषित किया कि, "पाकिस्‍तान अपने सेना प्रमुख (सीओएसएस) जरनल आसिम मुनीर को फील्‍ड मार्शल की सर्वोच्‍च रैंक से सम्‍मानित कर रही है।" भारत के साथ सैन्‍य संघर्ष में मिली करारी हार के बावजूद पाक सरकार ने जब आसिम मुनीर की पीठ थपथपाने के लिए ये घोषणा की तो पाकिस्‍तान की जमकर खिल्‍ली उड़ रही है।

Asim Munir

फील्‍ड मार्शल रैंक मिलने के बाद क्‍या बोले मुनीर?

आसिम मुनीर ने फील्‍ड मार्शल पद मिलने के बाद पाकिस्‍तान सरकार का आभार व्‍यक्‍त करते हुए कहा "ये सम्‍मान मुल्‍क का भरोसा है जिसके लिए लाखों लोगों ने शहादत दी है। ये सम्‍मान सेना और पूरे मुल्‍क का सम्‍मान है।"

50 साल में फील्‍ड मार्शल का पद किसी को नहीं मिला

बता दें पाकिस्‍तान में बीते 50 साल में फील्‍ड मार्शल का पद किसी को नहीं मिला। पाकिस्‍तान में आसिम मुनीर से पहले फील्‍ड मार्शल की रैंक 1959 जरनल अयूब खान को मिली थी। ये पाकिस्तान केपहले पाकिस्तानी सेना प्रमुख थे। 1965 के भारत-पाक युद्ध के बाद खान को ये रैंक उनकी उपलब्धियों के लिए दिया गया था। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार तत्कालीन राष्ट्रपति के रूप जरनल अयूब खान ने खुद को इस फील्‍ड मार्शल की रैंक से नवाजा था।

पाकिस्‍तान ने क्‍यों मुनीर को बनाया फील्‍ड मार्शल?

भारत से मिली हार के बाद पाकिस्‍तान की जनता आसिम मुनीर को सेना के सर्वोच्‍च पद पर नहीं देखना चाहती है वहीं पाकिस्‍तान के प्रधानमंत्री शहबाज ने मुनीर को चीफ मार्शल की सर्वोच्‍च रैंक दे दी है। इसकी वजह है शहबाज सरकार को तख्‍तापलट का डर सता रहा है। पाक पीएम को डर है कि असीम मुनीर पूर्व के सेना प्रमुख की तरह तख्‍तापलट कर सैन्‍य शासन ना लगा दें। याद रहे शहबाज सरकार मुनीर के कर्ज तले दबी हुई है। पाकिस्‍तान सेना की बदौलत ही चुनाव के बाद शहबाज को सत्‍ता में बैठाया था। Akashteer: मिलिए भारतीय सेना के मूक योद्धा आकाशतीर से, जिसने बिना दहाड़े पाकिस्‍तान के उड़ाए छक्‍के

क्‍या होता है फील्‍ड मार्शल का पद?

फील्‍ड मार्शल रैंक देश की सेनाओं का सर्वोच्‍च पद है। फील्‍ड मार्शल की रैंक चार सितारा वाले सेना के जरनल से ऊपर होती है। इसे पांच सितारा रैंक मानी जाती है। फील्‍ड मार्शल की रैंक आमतौर पर युद्धकाल या औपचारिक होती है और उसे असाधारण सेना उप‍लब्धियों के लिए प्रदान किया जाता है। कौन है ये खदीजा शेख? पाकिस्‍तान का समर्थन करने पर किया गया अरेस्‍ट, क्‍यों खुफिया एजेंसियां कर रही जांच?

फील्‍ड मार्शल रैंक किसे मिलती है?

फील्‍ड मार्शल का पद सेना के ऐसे अधिकारियों को दिया जाता है जिन्‍होंने युद्ध के समय सेना का असाधारण नेतृत्‍व किया हो। अलग-अलग देशों में इस पद का उपयोग और महत्‍व अलग-अलग हो सकता है।

भारत में फील्‍ड मार्शल की रैंक किसे मिल चुकी है?

भारत में अब तक फील्‍ड मार्शल रैंक दो लोगों को मिल चुकी है। पहली बार 1 जनवरी 1973 कोसैम मानेकशॉ को दी गई थी। सैम मानेकशॉक को ये रैंक 1971 के भारत -पाकिस्‍तान युद्ध में अहम और निर्णायक भूमिका निभाने के लिए दी गई थी। दूसरी बार ये रैंक 15 जनवरी 1986 को भारत के पहले सेना प्रमुख के एम. करियप्पा को दी गई थी। इन्‍होंने स्वतंत्र भारत के पहले भारतीय कमांडर-इन-चीफ के रूप में कार्य किया। ये ही भारतीय सेना के दूसरे और अंतिम फील्ड मार्शल हैं।

फील्‍ड मार्शल को क्‍या मिलता है पावर?

भारत में फील्‍ड मार्शल कभी रिटायर नहीं होता। ये रैंक पाने वाला अजीवन ये रैंक होल्‍ड करता है और एक्टिव सैन्‍य अधिकारी माना जाता है। ये पद प्रतीकात्‍मक होता है इसलिए फील्‍ड मार्शल प्रशासनिक या सेना को कमांड नहीं करता है। हालांकि उसे पूरे जीवन वेतन, भत्‍ता और सेना के अधिकारी को मिलने वाली सुविधाएं मिलती हैं। कौन हैं कशिश चौधरी? जो पाकिस्‍तान के बलुचिस्‍तान में बनीं पहली हिंदू महिला असिस्‍टेंट कमिश्नर

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