National Security Act: आखिर क्या है यह NSA जिसके तहत गिरफ्तार हुआ अमृतपाल सिंह
What is National Security Act: खालिस्तान समर्थक अमृतपाल सिंह को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उसके खिलाफ एनएसए के तहत केस दर्ज कर लिया गया है। आखिर क्या है यह नेशनल सिक्योरिटी एक्ट जिसके तहत उसे गिरफ्तार किया गया है।

National Security Act: राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम यानि नेशनल सिक्यिरिटी एक्ट इस वक्त काफी चर्चा में है। खालिस्तान समर्थक अमृतपाल सिंह को गिरफ्तार (Amritpal Singh Arrested) कर लिया गया है, उसके खिलाफ एनएसए के तहत केस दर्ज किया गया है और उसे असम की डिब्रूगढ़ जेल में भेज दिया गया है।
क्यों है चर्चा में
अमृतपाल सिंह और उसके 8 अन्य साथियों के खिलाफ एनएसए के तहत केस दर्ज किया गया है। इन सभी को असम के डिब्रूगढ़ जेल में रखा गया है। एनएसए इससे पहले भी कई बार चर्चा में रह चुका है। उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में कई लोगों को एनएसए के तहत कार्रवाई की गई थी।
किस वजह से हो सकती है गिरफ्तारी
राष्ट्रीय सुरक्षा कानून की बात करें तो इसे National Security Act-NSA, 1980 के नाम से जाना जाता है। यह एक निवारक निरोध कानून है। किसी व्यक्ति द्वारा जब भविष्य में किसी अपराध को किए जाने की संभावना होती है तो उसके खिलाफ एनएसए के तहत हिरासत में लिया जाता है। केंद्र और राज्य सरकार किसी व्यक्ति को खास अधिकार के तहत एनएसए के तहत हिरासत में लेने का अधिकार देता है।
- अगर राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा उत्पन्न किया जा रहा हो
- आवश्यक वस्तुओं और आपूर्ति की सेवा में बाधा डालने पर
- सार्वजनिक व्यवस्था को बाधित करने पर
12 महीनों तक हिरासत में रखा जा सकता है
एनएसए के तहत किसी भी व्यक्ति को अधिकतम 12 महीनों तक हिरासत में रखा जा सकता है। नए सबूत मिलने पर सरकार इसकी समय सीमा को बढ़ा सकती है।
गिरफ्तारी की वजह नहीं बतानी होती
सीआरपीसी की धारा 50 के तहत किसी भी व्यक्ति को जब गिरफ्तार किया जाता है तो उसे गिरफ्तार किए जाने की वजह बतानी होती है। यह उसका अधिकार है। लेकिन एनएसए के तहत गिरफ्तार व्यक्ति को 5 दिनों तक बिना वजह बताए कैद में रखा जासकता है। विशेष परिस्थिति में इसे 10 दिनों तक बढ़ाया जा सकता है।
वकील से सलाह लेने का अधिकार नहीं
संविधान के अनुच्छेद 22-1 के अनुसार जब किसी व्यक्ति को गिरफ्तार किया जाता है तो उसे वकील से सलाह लेने का अधिकार है। लेकिन एनएसए के तहत गिरफ्तार व्यक्ति के पास यह अधिकार नहीं होता है।
कोर्ट में पेश करना अनिवार्य नहीं
सीआरपीसी की धारा 56 और 76 के अनुसार गिरफ्तार किए जाने के 24 घंटे के भीतर व्यक्ति को कोर्ट में पेश करना होता है। लेकिन एनएसए के तहत यह अधिकार नहीं है। यही नहीं इस मामले में एफआईआर दर्ज नहीं होती है, जिसकी वजह से एनसीआरबी के आंकड़े में इसे शामिल नहीं किया जाता है।












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