क्या होती है महापरीक्षा (Mahapariksha), जिसके लिए प्रियव्रत को पीएम मोदी ने दी शाबाशी

नई दिल्ली। 16 साल के प्रियव्रत ने बेहद कठिन माने जाने वाली तेनाली परीक्षा (महापरीक्षा) पास कर इतिहास रच दिया है। प्रियव्रत के इतिहास रचने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर 16 साल के इस छात्र को शाबाशी दी है। प्रियव्रत ने सबसे कम उम्र में 'महापरीक्षा' पास की है। पीएम मोदी ने इस छात्र को बधाई देते हुए लिखा, 'प्रियव्रत को इस उपलब्धि के लिए बधाई। आपकी ये उपलब्धि कई लोगों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी।' आइए जानते हैं कि ये क्या होती है तेनाली परीक्षा, जिसे पास करने पर प्रियव्रत को पीएम मोदी से बधाई मिली है।

पीएम मोदी से मिली शाबाशी

पीएम मोदी से मिली शाबाशी

दरअसल, पीएम मोदी ने एक ट्वीट के जवाब में प्रियव्रत को बधाई दी थी। उसमें लिखा था, 'कल अपर्णा और देवदत्त पाटिल के पुत्र 16 साल के प्रियव्रत ने इतिहास रच दिया, अपने पिता से वेद और न्याय पढ़ने के बाद उसने सभी व्याकरण महाग्रंथ मोहन शर्मा से पढ़े और तेनाली परीक्षा के 14 लेवल पास किए। उसने सबसे कम उम्र में महापरीक्षा पास की है।'

क्या होती है महापरीक्षा?

क्या होती है महापरीक्षा?

प्रियव्रत ने तेनाली परीक्षा (महापरीक्षा) के 14 स्तरों को सबसे कम उम्र में पास करने में सफलता हासिल की है। उनकी इसी उपलब्धि पर पीएम मोदी ने ट्वीट कर बधाई दी है। भारतीय अकादमी तेनाली परीक्षा को सपोर्ट करती है, ये एक अपने आप में अलग तरह का संस्‍थान है, जो एक ओपन यूनिवर्सिटी की तरह काम करता है। देश के विभिन्न राज्यों में छात्र अपने गुरु के यहां रहकर परंपरगत तरीके से गृह गुरुकुलम पद्धति से ज्ञान अर्जित करते हैं। साल में दो बार सभी गुरु अपने शिष्‍यों के साथ तेनाली परीक्षा के लिखित और मौखिक सेमेस्‍टर एग्‍जाम में शामिल होने कांची मठ आते हैं।

शास्त्रों का ज्ञान रखने वाले लेते हैं इस परीक्षा में हिस्सा

शास्त्रों का ज्ञान रखने वाले लेते हैं इस परीक्षा में हिस्सा

अध्‍ययन के पांच-छह साल बाद ये छात्र कांची मठ के देखरेख में होने वाली तेनाली परीक्षा (महापरीक्षा) में शामिल होते हैं। इस महापरीक्षा में पास होने के बाद उन्‍हें मान्‍यता दी जाती है। पिछले 40 सालों में तेनाली परीक्षा शास्‍त्रों के अध्‍ययन के क्षेत्र में लोकप्र‍िय है। ये परीक्षा साल में दो बार होती है और शास्त्रों की जानकारी रखने वाले छात्र इसमें हिस्सा लेते हैं। महापरीक्षा के सभी 14 स्तरों को पास करने लिए छात्र काफी कठिन परिश्रम करते हैं।

परीक्षा के 14 लेवल को पार करना होता है बहुत कठिन

प्रियव्रत के इस मुकाम तक पहुंचने में उनकी मां अपर्णा और पिता देवदत्त पाटिल का भी भरपूर योगदान रहा। उनके पिता ने प्रियव्रत को वेद पढ़ाने में पूरा सहयोग किया। कई माता-पिता अपने बच्चों को शास्त्रों की पढ़ाई कराने में हिचकिचाते हैं, लेकिन देवदत्त पाटिल और अपर्णा ने प्रियव्रत का भरपूर साथ दिया। उनका सहयोग पाकर ही प्रियव्रत ने सबसे कम उम्र में महापरीक्षा पास कर इतिहास रच दिया है।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+