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क्या है जगन मोहन रेड्डी का धर्म? तिरुपति लड्डू विवाद के बाद लोगों के मन में उठ रहे हैं सवाल?

Tirupati Laddu row: तिरुपति मंदिर के प्रसाद लड्डू में जानवरों की चर्बी के होने का विवाद बढ़ता जा रहा है। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने आरोप लगाया है कि पूर्व मुख्यमंत्री जगनमोहन रेड्डी की सरकार के दौरान तिरुपति लड्डू में जानवरों की चर्बी और फिश ऑयल मिलाया जा रहा था और उन्होंने कुछ नहीं किया। इस बीच भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता एल. दिनाकर ने एक बयान देकर जगन मोहन रेड्डी के धर्म को सुर्खियों में ला दिया है।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता एल. दिनाकर ने शनिवार (21 सितंबर) को आरोप लगाया कि वाईएसआरसीपी के अध्यक्ष वाईएस जगन मोहन रेड्डी को हिंदू रीति-रिवाजों और परंपराओं का ज्ञान नहीं है। इसके बाद से लोगों के मन में ये सवाल उठ रहे हैं कि आखिर जगन मोहन रेड्डी का धर्म क्या है?

Jagan Mohan Reddy Religion

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Jagan Mohan Reddy Religion: क्या है जगन मोहन रेड्डी का धर्म?

मई 2019 में आंध्र प्रदेश विधानसभा चुनावों में अपनी जीत के तुरंत बाद वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने मीडिया से एक सवाल के जवाब में कहा था, "मैं प्रार्थना करता हूं और अपनी बाइबिल पढ़ता हूं। यह भगवान को तय करना है।"

मई 2019 में विजयवाड़ा में शपथ ग्रहण समारोह में जगन मोहन रेड्डी की मां वाईएस विजयम्मा (YS Vijayamma) को हमेशा की तरह बाइबिल पकड़े देखा गया था। जगन मोहन रेड्डी का जन्म आंध्र प्रदेश के कडप्पा जिले के जम्मालामदुगु में एक ईसाई रेड्डी परिवार में वाईएस राजशेखर रेड्डी और वाईएस विजयम्मा के घर हुआ था। जगन मोहन रेड्डी का धर्म ईसाई है।

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क्यों अपने धर्म को लेकर विवादों में रहते हैं जगन मोहन रेड्डी?

असल में जगन मोहन रेड्डी ईसाई धर्म को मानते हैं। आंध्र प्रदेश के रायलसीमा क्षेत्र के कडप्पा जिले में जगन के परदादाओं ने ईसाई धर्म अपना लिया था। लेकिन तिरुपति लड्डू विवाद के पहले भी कई बार जगन रेड्डी पर आंध्र प्रदेश में मंदिरों को अपवित्र करने का दोष उनके सिर मढ़ा गया है।

मोहन रेड्डी के सीएम रहते हुए चंद्रबाबू नायडू ने उनपर मंदिरों को अपवित्र करने का आरोप लगाते हुए कहा था, "आप एक ईसाई मुख्यमंत्री हैं, आपके पास बाइबिल है। मेरे भगवान श्री वेंकटेश्वर हैं, आपके पसंदीदा भगवान ईसा मसीह हैं। मुख्यमंत्री ईसाई हैं।"

कई बार ये सवाल उठता है कि मोहन रेड्डी अपने धर्म को ज्यादा महत्व देते हैं। जबकि कई बार मोहन रेड्डी तिरुमाला मंदिर अपने शासन के दौरान जाते हुए देखा गया है। लेकिन जब-जब जगन तिरुमाला मंदिर गए हैं, उनके विरोधी इस बात पर हंगामा मचाते देखे गए हैं। उनका कहना है कि क्या ईसाई धर्म को मानने वाले मुख्यमंत्री को हिंदू मंदिर में प्रार्थना करने की अनुमति दी जानी चाहिए।

एक पुरानी परंपरा के मुताबिक गैर-हिंदू आगंतुकों से यह अपेक्षा की जाती है कि वे भगवान वेंकटेश्वर में अपनी आस्था व्यक्त करते हुए एक घोषणा पत्र पर हस्ताक्षर करें। हालांकि रिपोर्ट के मुताबिक जगन ने ऐसा कभी नहीं किया।

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जगन मोहन रेड्डी हिंदू और ईसाई दोनों क्यों और कैसे हैं?

कईयों के मन में इसके बाद ये भी सवाल उठता है कि जगन हिंदू और ईसाई दोनों क्यों और कैसे हैं? इसके लिए आपको उनके पिता दिवंगत वाईएस राजशेखर रेड्डी द्वारा आंध्रप्रदेश विधानसभा में एक बार कही गई बात जाननी चाहिए। वाईएस राजशेखर रेड्डी ने कहा था, ''हमारे परिवार को एक सीमित पहचान तक सीमित रखना अनुचित है, चाहे वह ईसाई हो, हिंदू हो या रेड्डी समुदाय हो। हमारे परिवार में अंतर-धार्मिक और अंतर-जातीय विवाह होते हैं।"

जगन भी यही करते हैं। वे स्वामी स्वरूपानंदेंद्र सरस्वती के अनन्य भक्त हैं और अक्सर सलाह और आशीर्वाद के लिए उनसे मिलने जाते हैं। अपनी जीत के बाद जगन ने कहा था, "मेरा चुनावी घोषणापत्र ही मेरी बाइबिल और गीता है।" अगर आप वाईएसआर परिवार को देखें तो आपको पता चलेगा कि विजयम्मा की तरह ही उनकी बेटी शर्मिला भी ईसाई धर्म को मानती हैं। उनके पति और जगन के साले भाई अनिल एक लोकप्रिय प्रचारक हैं और ईसाई धर्म में परिवर्तित हो गए हैं। उनके राजनीतिक विरोधियों ने उन पर 2004 के चुनावों से पहले वाईएसआर के लिए वोट मांगने के लिए अपनी धार्मिक बैठकों का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया था।

जगन मोहन रेड्डी की मां विजयम्मा एक कट्टर ईसाई हैं, जबकि उनकी कोई भी बहन ईसाई नहीं है। यह गलत धारणा थी कि जगन के चाचा वाईवी सुब्बा रेड्डी की शादी विजयम्मा की बहन से हुई है, इसलिए वो भी ईसाई हैं। सुब्बा रेड्डी को यह स्पष्ट करना पड़ा कि वह एक कट्टर हिंदू हैं, अपने घर पर कई पूजा-पाठ करते हैं और कई बार सबरीमाला की तीर्थयात्रा कर चुके हैं।

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क्या अपना ईसाई धर्म छिपाने की कोशिश करते हैं जगन मोहन रेड्डी?

ऐसा नहीं है कि जगन अपने धर्म को छिपाने का कोई प्रयास करते हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री बनने के बाद ईसा मसीह के जन्मस्थान बेथलेहम की व्यक्तिगत यात्रा की थी। हालांकि इस दावे का समर्थन करने के लिए कोई विश्वसनीय डेटा नहीं है।

हालांकि यह भी देखा गया है कि जब उन्होंने ईसाई धर्म का पालन करना जारी रखा, तो उन्होंने जनता को यह दिखाने की कोशिश की कि वे कई धर्मों, विशेष रूप से हिंदू धर्म के रीति-रिवाजों और प्रथाओं का पालन करते हैं।

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जगन मोहन रेड्डी ने कहा था- मानवता मेरा धर्म है और वादे पूरे करना मेरी जाति है

दिसंबर 2019 को आंध्र प्रदेश सरकार की 'वाईएसआर आरोग्य आसरा' नामक स्वास्थ्य योजना के शुरू होने पर जगन मोहन रेड्डी ने अपने भाषण में कहा था, ''विपक्ष हमारी सरकार द्वारा किए जा रहे सुशासन को पचा नहीं पा रहा है और बेतरतीब आरोप लगा रहा है। वे मेरे धर्म और जाति के बारे में भी बात कर रहे हैं। ऐसी टिप्पणियों को सुनकर मुझे दुख होता है। मैं इस मंच पर यह बताना चाहता हूं कि मानवता मेरा धर्म है और वादे पूरे करना मेरी जाति है।'

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