तिरुपति प्रसादम विवाद: जगन की बहन और कांग्रेस नेता YS शर्मिला ने उठाई CBI जांच की मांग,कहा- यह छोटा मामला नहीं
Tirupati Laddu Prasadam Row: तिरुपति मंदिर के प्रसाद में जानवरों की चर्बी के मामले ने तूल पकड़ लिया है। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू के बयान के बाद राज्य सहित पूरे देश में बवाल मच गया है। इस बीच आंध्र प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और पूर्व सीएम जगन मोहन रेड्डी की बहन वाईएस शर्मिला ने CBI जांच की मांग उठाई है।
इसी के साथ शर्मिला ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर तत्काल सीबीआई जांच का आदेश देने का अनुरोध किया है। उन्होंने विजयवाड़ा में मीडिया से बात करते हुए कहा कि हमने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को भी पत्र लिखकर इस मामले की सीबीआई जांच की मांग की है।

आंध्र प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष वाई.एस. शर्मिला ने तिरुपति प्रसादम विवाद पर कहा, "कल हमने आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू को उनके शासनकाल के 100 दिनों का जश्न मनाते हुए देखा और बहुत ही सहजता से उन्होंने उल्लेख किया कि पुरानी सरकार यानि जगन मोहन रेड्डी सरकार तिरुपति प्रसादम के साथ हुए मिलावट में शामिल थी। यह करोड़ों लोगों की भावनाओं और विश्वास से संबंधित है।"
उन्होंने आगे कहा कि चंद्रबाबू नायडू ने एक रिपोर्ट पेश की, जिसमें प्रसाद का एक नमूना उस दिन लिया गया था जिस दिन उन्होंने सत्ता संभाली थी और इसमें बताया गया कि तिरुपति में प्रसाद के रूप में इस्तेमाल होने वाले लड्डू को बनाने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली सामग्री में गोमांस की चर्बी और मछली का तेल है। हमें समझ में नहीं आ रहा है कि चंद्रबाबू नायडू ने इसे इतना सहज क्यों बना दिया है।
'हम इस मामले में सीबीआई जांच की मांग'
वाई.एस. शर्मिला ने कहा, "इसलिए कांग्रेस पार्टी ने इस मामले को बहुत गंभीरता से लिया है। हम इस मामले की सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं क्योंकि यह कोई छोटा मामला नहीं है। हमने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को भी पत्र लिखकर इस मामले की सीबीआई जांच की मांग की है।"
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया गंभीर मुद्दा
वहीं दिल्ली में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा ने तिरुपति प्रसादम विवाद पर कहा, "जैसे ही मुझे खबर मिली मैंने चंद्रबाबू नायडू से बात की और इस बारे में जानकारी ली, मैंने उनसे कहा है कि उनके पास जो रिपोर्ट है, उसे मुझे भेजें। मैं इसकी जांच करूंगा और राज्य नियामक से भी बात करूंगा और जानूंगा कि उनका क्या कहना है। रिपोर्ट की पूरी तरह से जांच करने के बाद सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए उचित कार्रवाई की जाएगी, कानून और हमारे FSSAI के दायरे में जो भी आएगा, उसके तहत कार्रवाई की जाएगी।"












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