5 साल जेल से लेकर और भी बहुत कुछ, लव जिहाद पर राज्यों में बन रहे कानून में क्या है ?
नई दिल्ली। हाल की बीजेपी शासित कई राज्यों मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और कर्नाटक ने कहा था कि वे लव जिहाद के खिलाफ कानून लाएंगे। लव जिहाद (Love Jihad) शब्द का इस्तेमाल हिंदूवादी दलों के कार्यकर्ता करते रहे हैं। इन दलों के मुताबिक लव जिहाद एक ऐसे षड़यंत्र का नाम है जिसमें मुसलमान युवक हिंदू युवतियों को प्रेम के जाल में फंसाकर उनसे शादी करते हैं और उन्हें मुसलमान बना दिया जाता है।

मध्य प्रदेश की शिवराज सरकार ने मंगलवार को कहा था कि वह अगले सत्र में लव जिहाद के खिलाफ एक कानून लाएगी। इसमें शादी के लिए जबरन धर्मपरिवर्तन पर 5 साल जेल की सजा के प्रावधान की बात कही गई है। हरियाणा ने भी ऐसा कानून लाने की बात कही है। इस लिस्ट में यूपी भी आ गया। हालांकि विशेषज्ञ लव जिहाद शब्द के आरोपों को फर्जी बताते हैं। खास तौर पर जब देश में लोगों को धार्मिक स्वतंत्रता के तहत कोई भी धर्म चुनने की आजादी है। वहीं फरवरी में केंद्र की मोदी सरकार ने संसद में कहा था कि लव जिहाद शब्द की उनके पास कोई परिभाषा नहीं है। न ही किसी के खिलाफ ऐसा केस दर्ज किया है। फिर भी कई राज्य जब इसके खिलाफ कानून की बात कर रहे हैं तो आइए एक नजर डालते हैं कि राज्यों में आने वाले कानून में क्या है ?
उत्तर प्रदेश में सख्त कानून की तैयारी
उत्तर प्रदेश के गृह विभाग ने कानून मंत्रालय को एक प्रस्ताव भेजा है जिसमें शादी के नाम पर महिलाओं का धर्मपरिवर्तन किए जाने के खिलाफ कड़े कानून की बात कही गई है। हालांकि इस प्रस्तावित विधेयक में लव जिहाद शब्द का इस्तेमाल नहीं किया गया है। इस विधेयक में सभी धर्मों से संबंधित धर्म परिवर्तन को नए कानून के तहत कवर किए जाएंगे और यह केवल हिंदू-मुस्लिम धर्म परिवर्तन या शादी के विशिष्ट् उद्देश्य के लिए किए गए धर्म परिवर्तन पर केंद्रित नहीं होगा। प्रस्तावित कानून को अवैध रूप से धर्मांतरण निषेध कानून' कहा जाएगा।
बता दें कि इसी महीने की शुरुआत में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा था उनकी सरकार प्रदेश में अलग धर्मों में होने वाली शादियों के लिए कानून लाने की तैयारी कर रही है। इसमें हाईकोर्ट के उस आदेश का हवाला दिया गया था जिसमें कहा गया था कि सरकार प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करे।
मध्य प्रदेश में भी बनेगा कानून
मध्य प्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने मंगलवार को कहा था कि उनकी सरकार अगले सत्र में धार्मिक स्वतंत्रता विधेयक 2020 लाने जा रही है। इस विधेयक के कानून बनने पर दबाव डालकर या झूठ बोलकर विवाह करने पर पांच साल के सश्रम कारावास की सजा होगी। प्रदेश में लव जिहाद के बढ़ते मामलों को देखते हुए ये विधेयक जरूरी है। विधेयक में किसी धर्म के नाम का उल्लेख नहीं किया गया है। विधेयक में लव जिहाद की परिभाषा में आने वाले विवाहों को शून्य घोषित किया जाएगा। इस विधेयक में जबरन या शादी के लिए धर्म परिवर्तन करने में मदद देने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई का प्रावधान होगा।
हरियाणा भी कानून के लिए तैयार
हरियाणा के गृहमंत्री अनिल विज ने कहा था राज्य सरकार लव जिहाद के खिलाफ सख्त कानून बनाने पर विचार कर रही है। उन्होंने कहा कि इस विधेयक का प्रस्ताव तय करने के लिए एक समिति का गठन किया जाएगा। विज ने कहा कि हम सरकार पहले हम इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर से चर्चा करेंगे। प्रस्ताव तय करने वाली कमेटी में एडवोकेट जनरल का प्रतिनिधि भी शामिल होगा। ये कमेटी इस मुद्दे पर दूसरे राज्यों में बने कानूनों का भी अध्ययन करेगी।
कर्नाटक- लव जिहाद पर रोक बनेगी हकीकत
बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव सीटी रवि ने शुक्रवार को कहा था कि लव जिहाद और गौ हत्या पर रोक जल्द ही कर्नाटक में एक वास्तविकता होगी। कर्नाटक सरकार में पूर्व मंत्री रवि ने कहा कि अगले सत्र में लव जिहाद और गौ हत्या पर रोक लगाने के लिए अगले सत्र में विधेयक लाया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसे लेकर सरकार में गंभीर विचार-विमर्श चल रहा है। पिछले दिनों ही राज्य के बीजेपी अध्यक्ष नलिन कुमार कतील ने भी मुख्यमंत्री येदियुरप्पा से इस बारे में कदम उठाने को कहा था। रवि ने बताया कि लव जिहाद और गो हत्या पर बैन बीजेपी की कोर कमेटी से पास हो चुका है।
रवि ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के 31 अक्टूबर के आदेश का हवाला दिया जिसमें कहा गया था कि सिर्फ विवाह के लिए धर्म परिवर्तन सही नहीं है। उन्होंने कहा कि ''जिहादी हमारी बहनों का सम्मान उघाड़ रहे हों ऐसे में हम चुप नहीं रह सकते।''
बिहार में भी उठी कानून की मांग
केंद्रीय मंत्री और बिहार के बेगूसराय से सांसद गिरिराज सिंह ने शुक्रवार को एक बयान में राज्य में लव जिहाद के खिलाफ कानून का समर्थन किया। उन्होंने दावा किया कि लव जिहाद कई राज्यों के लिए समस्या बन चुका है। बीजेपी नेता ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से इस मुद्दे पर विचार करने की अपील की। गिरिराज ने कहा कि लव जिहाद और जनसंख्या नियंत्रण का सांप्रदायिकता से कोई लेना-देना नहीं है, ये सामाजिक सौहार्द से जुड़ा मामला है।
पत्रकारों से बातचीत में गिरिराज ने कहा कि लव जिहाद को केवल हिंदुओं की समस्या के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए बल्कि सभी राज्यों और देश में गैर मुस्लिम के साथ ये समस्या है। केरल जहां ईसाइयों की बड़ी आबादी है वहां भी इस समस्या ने लोगों का ध्यान खींचा है।












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