क्या है एग फ्रीजिंग प्रक्रिया? बॉलीवुड एक्ट्रेस में बढ़ा चलन, जानिए इसके फायदे और खर्च
नई दिल्ली, 06 जुलाई। 'एग्स फ्रीजिंग' या 'एग फ्रोजन' ये शब्द हममे से कई लोगों ने बार-बार पढ़ा या सुना होगा। वर्तमान में 'एग्स फ्रीजिंग' एक बार फिर उस दौरान सुर्खियों में आया जब मशहूर अभिनेत्री काजोली की बहन तनीषा मुखर्जी, जो खुद भी एक एक्ट्रेस हैं, उन्होंने उम्र के 39वें पड़ाव में अपने एग्स फ्रीज कराने का खुलासा किया। इस खुलासे से जहां खबरों और फिल्मों से दूर तनीषा मुखर्जी एक बार फिर मीडिया की नजरों में आ गईं, वहीं 'एग्स फ्रीजिंग' को लेकर भी लोगों के मन में कौतूहल बढ़ गया। आज हम जानेंगे कि आखिर 'एग्स फ्रीजिंग' प्रक्रिया आखिर है क्या? और क्यों बॉलीवुड एक्ट्रेस में इसका चलन बढ़ता जा रहा है।

इन मशहूर हस्तियों ने कराया एग्स फ्रीज
'एग्स फ्रीजिंग' जैसे मेडिकल प्रोफाइल के बारे में जानने से पहले आइए जान लेते हैं कि अब तक किन बॉलीवुड एक्ट्रेस ने अपने एग फ्रीज कराने की बात कबूल की है। बॉलीवुड और हॉलीवुड को मिलाकर बताए तो लिस्ट काफी लंबी हैं। हमारी जानकारी के मुताबिक तनीषा मुखर्जी, मोना सिंह, एकता कपूर, डायना हेडन, हॉलीवुड एक्ट्रेस हलसेय, एमा रॉबर्ट्स जैसी कई अभिनेत्रियां अपने एग्स फ्रीज करा चुकी है। इसमें भारतीय बैडमिंटन प्लेयर ज्वाला गुट्टा का भी नाम जोड़ लीजिए।

क्या है एग्स फ्रीजिंग प्रक्रिया?
अब आज के मुद्दे वाले सवाल पर आते हैं कि एग्स फ्रीजिंग प्रक्रिया आखिर है क्या ? मेडिकल साइंस की भाषा में इसे 'मैच्योर औसाइट क्रायोप्रिजर्वेशन' कहा जाता है। समझ पाने वाली भाषा में कहें तो यह वो प्रक्रिया है जिससे महिलाओं की प्रजनन क्षमता को संरक्षित किया जाता है ताकि वह भविष्य में जब चाहें अपना परिवार बना सकें। एग फ्रीजिंग में महिला के शरीर में अंडाशय से परिपक्व अंडे निकाले जाते हैं और उन्हें तरल नाइट्रोजन के बराबर तापमान में फ्रीज करके रख दिया जाता है। एग फ्रीजिंग उन महिलाओं के वरदान है जो अधिक उम्र में माँ बनने की ख्वाहिश रखती हैं।

एग्स को बाद में किया जा सकता है फर्टिलाइज
एग फ्रीजिंग के लिए महिला के शरीर से एक से अधिक अंडे निकाले जाते हैं, इस प्रक्रिया में महिलाओं को पहले कुछ टेस्ट और दवाएं दी जाती हैं। भविष्य में अगर वो महिला मां बनना चाहती है तो उसके जमे हुए अंडों को विशेषज्ञ शुक्राणु के साथ मिलाते हैं और निषेचित (फर्टिलाइज) हो चुके एग को महिला के यूट्रस यानी गर्भाशय में रख दिया जाता है। सिर्फ मशहूर हस्तियों में ही नहीं, अब आम महिलाओं में भी एग फ्रीजिंग का चलन बढ़ता जा रहा है।

किस उम्र में कराना चाहिए एग फ्रीजिंग
एग फ्रीजिंग के इतिहास की बात करें तो 1986 में फ्रीज किये गए एग से पहली बार किसी मानव का जन्म हुआ था। 20 से 30 साल की उम्र की महिलाएं अपने अंडे को फ्रीज करवा सकती हैं, लेकिन कई डॉक्टर सलाह देते हैं कि वह तब इस प्रक्रिया से गुजरें जब बेबी कंसीव करने की कोई उम्मीद ना हो। हालांकि 35 साल की उम्र से पहले एग फ्रीज कराना अच्छा माना जाता है क्योंकि इस उम्र के बाद से महिलाओं में प्रजनन क्षमता कम हो जाती है।

कितना आता है खर्च?
एग फ्रीजिंग प्रोसेस महिलाओं को उनके मन मुताबिक उम्र में मां बनने का अवसर प्रदान करता है। एग फ्रीजिंग इंडस्ट्री भारत में काफी तेजी से बढ़ रही है लेकिन अभी भी कई अस्पतालों में यह सुविधा नहीं है। ऐसे में एग फ्रीजिंग के लिए मोटी रकम खर्च करनी पड़ सकती है। इसका ट्रीटमेंट काफी महंगा है लेकिन दूसरे प्रजनन उपचारों की तुलना में काफी किफायती है। अगर यह सफलतापूर्वक शुरू होता है, तो इसके परिणाम अच्छे होते हैं।

क्यों बढ़ रहा है चलन और क्या हैं इसके फायदे?
अब आते हैं अपने आखिरी सवाल पर कि क्यों महिलाएं एग फ्रीजिंग की ओर तेजी से आकर्षित हो रही हैं? जैसा कि हमने पहले भी बताया कि ये ट्रीटमेंट महिलाओं को किसी भी उम्र में मां बनने की आजादी प्रदान करता है। इसके अलावा कम उम्र में एग फ्रीज कराने का सबसे बड़ा फायदा यह है कि भविष्य में यदि किसी तरह की शारीरिक परेशानी होती है, तो उन्हें मां न बनने का मलाल नहीं रहेगा। वहीं, महिलाओं में एग फ्रीजिंग से जल्द से जल्द शादी और फिर बच्चा के दबाव से भी मुक्ति मिलती है, साथ ही साथ महिला को अपने लिए राइट पार्टनर ढूंढने की जल्दी नहीं करनी पड़ती है।
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