Delhi Riots UAPA Case क्‍या है? जिसमें उमर खालिद की जमानत याचिका पर HC ने दिल्‍ली पुलिस को जारी किया है नोटिस

Delhi Riots UAPA Case: दिल्‍ली हाई कोर्ट (Delhi High Court) ने दिल्‍ली दंगों की साजिश मामले के आरोपी उमर खालिद की जमानत याचिका पर दिल्‍ली पुलिस को नोटिस जारी की है और इस मामले पर जवाब मांगा है। कोर्ट अब इस केस को अगली सुनवाई के लिए 29 अगस्त को लिस्‍ट किया गया है। आइए जानते हैं क्‍या है ये दिल्ली दंगे से जुड़ा यूएपीए मामला?

Delhi Riots UAPA Case

उमर खालिद पर यूएपीए के तहत मामला दर्ज है

बता दें जिस उमर खालिद की जमानत याचिका पर दिल्‍ली पुलिस को कोर्ट ने नोटिस जारी किया है। वो उमर खालिद 2220 में हुए दिल्ली दंगे की बड़ी साजिश में आरोपी हैं। जिस पर गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत मामला दर्ज है।

दिल्‍ली HC ने जारी किया नोटिस

दिल्ली हाईकोर्ट ने यूएपीए (Unlawful Activities (Prevention) Act) के तहत जेल में बंद दिल्‍ली दंगे के कथित आरोपी उमर खालिद की जमानत याचिका पर दिल्‍ली हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति सुरेश कुमार कैत और न्यायमूर्ति गिरीश कठपालिया की खंडपीठ ने दिल्ली पुलिस से जवाब मांगा है। कोर्ट अब इस मामले के सह-आरोपियों की जमानत याचिकाओं पर सुनवाई 29 अगस्‍त को करेगी।

जानें क्‍या है केस?

बता दें दिल्‍ली में ये दंगा फरवरी 2020 में हुआ था। दिल्‍ली दंगे के दौरान भड़की सांप्रदायिक हिंसा से जुड़ी बड़ी साजिश रचने का उमर खालिद कथित तौर पर आरोपी है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल मामले की जांच कर रही है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि खालिद ने 2020 में 23 जगहों पर विरोध प्रदर्शन किए थे, जिसके परिणामस्वरूप दंगे हुए।

UAPA की इन धाराओं के तहत मामला है दर्ज

उमर खालिद पर गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम की धारा 13, 16, 17 और 18, शस्त्र अधिनियम की धारा 25 और 27 तथा सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान की रोकथाम अधिनियम की धारा 3 और 4 के तहत आरोप हैं।

दिल्ली पुलिस का दावा

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल का दावा है कि खालिद ने 2020 में विभिन्न स्थानों पर पहले से ही विरोध प्रदर्शन की योजना बनाई थी। इन विरोध प्रदर्शनों के कारण कथित तौर पर दंगे हुए, जो उसके खिलाफ उनकी जांच का आधार बना। अदालत ने कहा कि पुलिस ने आरोप तय करने और मुकदमा शुरू करने में कोई देरी नहीं की।

28 मई को कोर्ट ने पाया कि दिल्ली पुलिस की ओर से आरोप तय करने और मुकदमा शुरू करने में कोई देरी नहीं हुई। कोर्ट ने बताया कि खालिद ने अलग-अलग आवेदन दायर करके अभियोजन पक्ष से यह पुष्टि करने को कहा था कि आरोप तय करने से पहले उनकी जांच पूरी हो गई है या नहीं।

2020 से जेल में बंद है खादिल उमर

खालिद सितंबर 2020 से जेल में बंद है और खालिद की दूसरी जमानत याचिका 28 मई को ट्रायल कोर्ट ने खारिज कर दी थी, जिसके बाद उसने हाईकोर्ट में अपील की है। दिल्ली हाईकोर्ट के अक्टूबर 2022 के फैसले को चुनौती देने के बाद सुप्रीम कोर्ट से अपनी याचिका वापस ले ली थी, जिसमें उसे जमानत देने से इनकार कर दिया गया था। इसके बाद खालिद ने सीआरपीसी की धारा 437 और यूएपीए की धारा 43डी (5) के तहत एक नई अर्जी दाखिल की।

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