एयर इंडिया क्रैश से पहले एक्टिव था इमरजेंसी पावर सिस्टम! क्या होता है प्लेन का ये सिस्टम और कैसे करता है काम
Air India Crash Emergency System: एयर इंडिया की फ्लाइट AI171 को लेकर जांच कर रही एजेंसियों को एक अहम सुराग मिला है। Wall Street Journal की रिपोर्ट के मुताबिक, शुरुआती जांच में पता चला है कि विमान में उड़ान के दौरान इमरजेंसी-पावर जेनरेटर यानी Ram Air Turbine (RAT) एक्टिव था। यह इशारा करता है कि टेकऑफ के समय प्लेन के मेन इंजन पूरी तरह से फंक्शनल नहीं थे -अब जांच इस नई दिशा में बढ़ की जा रही है।
AI171 क्रैश की जांच अब उस रैम एयर टर्बाइन की तैनाती पर केंद्रित हो गई है -और इसके जरिए यह पता लगाने की कोशिश हो रही है कि क्या टेकऑफ के समय इंजन में गड़बड़ी थी, क्या दोनों इंजन फेल हो गए थे या फिर प्लेन में किसी प्रकार की पावर फेल्योर हुई थी। ब्लैक बॉक्स और डेटा रिकॉर्डर की जांच से और पुख्ता जानकारी सामने आने की उम्मीद है।

12 जून 2025 क्रैश हुई एयर इंडिया विमान में सवार 242 लोगों में से 241 लोगों की मौत हो चुकी है। फ्लाइट टेक ऑफ के सिर्फ 50 सेकंड बाद, 625 फीट की ऊंचाई पर पहुंचकर रडार से गायब हो गई। मेडे कॉल (Mayday Call) के बाद कंट्रोल रूम से संपर्क टूट गया।
▶️ What is Emergency System: क्या होता इमरजेंसी-पावर सिस्टम
प्लेन में इमरजेंसी सिस्टम को रैम एयर टर्बाइन (Ram Air Turbine) के नाम से जाना जाता है। जिसक शॉर्ट फॉर्म होता है- RAT।
यह एक छोटा प्रोपेलर है, जो 787 ड्रीमलाइनर के बॉडी के नीचे से गिरता है और बैकअप जनरेटर के रूप में काम करता है।
Ram Air Turbine एक छोटा पंखे जैसा यंत्र होता है, जो विमान की फ्यूजलाज (निचली सतह) से आपात स्थिति में बाहर निकलता है। इसका काम होता है...
- बिजली उत्पन्न करना (Backup Power)
- फ्लाइट कंट्रोल सिस्टम्स को एनर्जी देना
- इंजन फेल होने या हाइड्रोलिक सिस्टम प्रेशर गिरने की स्थिति में विमान को कंट्रोल में रखना
बोइंग 787 ड्रीमलाइनर (Boeing 787 Dreamliner) के मैनुअल के मुताबिक दोनों इंजन फेल हो जाएं या सभी हाइड्रोलिक सिस्टम दबाव खो दें, तो RAT अपने आप एक्टिव हो सकता है। यह बिजली और हाइड्रोलिक सपोर्ट देता है जिससे प्लेन को लैंडिंग तक सुरक्षित लाया जा सके।
▶️ क्यों चिंता का विषय है RAT का एक्टिव होना?
- आमतौर पर RAT सिर्फ इमरजेंसी स्थिति में ही बाहर आता है।
- इसका एक्टिव होना इस ओर इशारा करता है कि दोनों इंजनों में कोई तकनीकी गड़बड़ी हो सकती है या बिजली सप्लाई पूरी तरह बाधित हो गई थी।
- सवाल उठ रहे हैं कि टेकऑफ के समय इंजन पूरी ताकत से काम क्यों नहीं कर रहे थे?
▶️ बोइंग 787 ड्रीमलाइनर विमानों की जांच में DGCA को क्या मिला?
भारत के विमानन नियामक DGCA (Directorate General of Civil Aviation) ने क्रैश के बाद एयर इंडिया की पूरी बोइंग 787 ड्रीमलाइनर फ्लाइट की सुरक्षा जांच (Enhanced Safety Inspection) करवाई। 17 जून तक 24 विमानों की जांच पूरी हो चुकी थी। दो अतिरिक्त विमानों की जांच आज हो जाएगी।
कुल 33 विमानों में से 4 अभी मेंटेनेंस में हैं और 2 विमान (VT-ANG और VT-ANT) दिल्ली में ग्राउंडेड हैं। DGCA ने साफ किया है कि अब तक के निरीक्षण में कोई मेजर सेफ्टी इशू नहीं मिला है और सभी सिस्टम मानक सुरक्षा दिशानिर्देशों के अनुरूप हैं।












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