फांसी की सजा पर क्या आपने निर्भया के रेपिस्ट पवन की बहन का बयान सुना?

रेपिस्ट पवन की बहन ने गुस्से में कहा, 'हर किसी की एक गलती माफ होती है। वो उसे जिंदा क्यों नहीं रखते? उसे जेल में रखो लेकिन मारो मत।'

नई दिल्ली। निर्भया के दोषियों की दरिंदगी पर देश की सर्वोच्च अदालत ने भी फांसी की सजा बरकरार रखी है। सुप्रीम कोर्ट ने दोषियों को सजा सुनाते हुआ कहा कि यह बर्बरता का ऐसा मामला है, जिसने पूरी दुनिया में सदमे की सुनामी ला दी थी। कोर्ट ने कहा कि ऐसा लगता है कि यह किसी दूसरी दुनिया का मामला हो। ऐसे अपराधियों के लिए कानून में किसी तरह के रहम की कोई गुंजाइश नहीं है, लेकिन चारों दोषियों में से एक पवन की बहन का इस फैसले पर कुछ और ही कहना है।

फांसी की खबर से सन्नाटा

फांसी की खबर से सन्नाटा

आरके पुरम के रविदास कैंप में हर किसी को पता है कि उनके पड़ोस में रहने वाले चार लोगों को 16 दिसंबर के गैंगरेप मामले में फांसी की सजा सुनाई गई है। घरों के अंदर से टीवी पर चल रही सुप्रीम कोर्ट के फैसले की खबरों की आवाज तो बाहर सुनाई दे रही है लेकिन कोई भी बात करने के लिए बाहर नहीं आना चाहता। रेपिस्ट पवन के घर में उसकी 17 साल की बहन भी टीवी पर खबरें देख रही है।

'तुम सब यहां क्यों खड़े हो, चले जाओ यहां से'

'तुम सब यहां क्यों खड़े हो, चले जाओ यहां से'

पत्रकारों के समूह ने जब पवन की बहन से बात करनी चाही तो वो उनपर चिल्लाई, 'तुम सब यहां क्यों खड़े हो, चले जाओ यहां से।' उसने अंदर से ही कपड़ों का एक गुच्छा पत्रकारों पर फेंका। वो रो रही है और बार-बार उसकी नजरें टीवी की स्क्रीन पर जाकर टिक जाती हैं। पत्रकारों ने जब उसे भरोसा दिलाया कि कोई भी उसकी तस्वीर नहीं लेगा तो बहुत कहने पर वो बात करने को तैयार हुई।

'क्या वो सच में मेरे भाई को मार देंगे'

'क्या वो सच में मेरे भाई को मार देंगे'

आंसू पोंछते हुए पवन की बहन ने पत्रकारों से बात की, 'मैंने पिछले चार साल से अपने भाई को नहीं देखा। आज उसकी तस्वीर टीवी पर दिखी और वो (न्यूज चैनल) कह रहे हैं कि उसे फांसी पर लटका दिया जाएगा। मुझे तो लगता था कि ऐसा सिर्फ फिल्मों में ही होता है। क्या वो सच में मेरे भाई को मार देंगे और वो अब कभी घर नहीं आएगा?'

'हर किसी की एक गलती माफ होती है'

'हर किसी की एक गलती माफ होती है'

बात करते-करते अचानक उसके चेहरे पर गुस्सा आ गया। उसने कहा, 'हर किसी की एक गलती माफ होती है। वो उसे जिंदा क्यों नहीं रखते? उसे जेल में रखो लेकिन मारो मत। जिस दिन मेरा भाई मरेगा, मैं भी मर जाऊंगी और कोर्ट मेरी मौत के लिए जिम्मेदार होगा। मैं अपने माता-पिता को तड़पता हुआ देखने के लिए जिंदा नहीं रहूंगी। पिछले चार साल से मैं उन्हें इधर-उधर भागते हुए देख रही हूं। अब इससे ज्यादा मैं उन्हें इस हालत में नहीं देख सकती।'

'हमसे पूछ रहे हैं कि हमें कैसा लग रहा है'

'हमसे पूछ रहे हैं कि हमें कैसा लग रहा है'

निर्भया के दो अन्य दोषियों विनय और मुकेश के घरों पर ताला लटका है। पवन की बहन ने बताया, 'विनय की बहन भी मेरे साथ खबरें देख रही थी। तभी ये सभी लोग (रिपोर्टर) आ गए और वो उठकर चली गई, क्योंकि वो इसपर बात नहीं कर सकती। ये हमसे पूछ रहे हैं कि हमें कैसा लग रहा है। आखिर ये लोग हमसे क्या सुनना चाहते हैं? ये कि हम अपने भाइयों की मौत की खबर सुनकर खुश हैं। हमें पता है कि उन्हें फांसी दी जाएगी और हम इसमें कुछ नहीं कर सकते।' ये भी पढ़ें-जानिए, निर्भया का नाबालिग दोषी अब कहा हैं? क्या कर रहा है?

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