महाराष्ट्र पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद क्या बोले एनसीपी चीफ शरद पवार

महाराष्ट्र को लेकर दिए गए सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर शरद पवार ने बड़ा बयान दिया है...

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र में चल रहे सियासी महाभारत को लेकर बड़ा फैसला सुना दिया है। मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने सरकार गठन के खिलाफ शिवसेना, कांग्रेस और एनसीपी की याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि महाराष्ट्र में 27 नवंबर को शाम 5 बजे तक फ्लोर टेस्ट कराया जाए। भाजपा ने फ्लोर टेस्ट के लिए अधिक समय दिए जाने की मांग की थी, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने ठुकरा दिया। अपने आदेश में सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि फ्लोर टेस्ट के दौरान गुप्त मतदान ना कराया जाए और शक्ति परीक्षण का सीधा प्रसारण टीवी पर किया जाए। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद एनसीपी के मुखिया शरद पवार ने ट्वीट कर अपनी प्रतिक्रिया दी है।

शरद पवार ने किया ये ट्वीट

शरद पवार ने किया ये ट्वीट

महाराष्ट्र में सरकार के फ्लोर टेस्ट पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद शरद पवार ने ट्वीट कर कहा, 'लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक सिद्धांतों को बनाए रखने के लिए मैं सुप्रीम कोर्ट के प्रति आभारी हूं। यह बहुत खुशी की बात है कि महाराष्ट्र पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला संविधान दिवस के दिन आया, जो भारतरत्न डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर को श्रद्धांजलि है।'

27 नवंबर को शाम 5 बजे तक फ्लोर टेस्ट

27 नवंबर को शाम 5 बजे तक फ्लोर टेस्ट

दरअसल शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर कहा था कि राज्यपाल ने असंवैधानिक तरीके से रात के अंधेरे में भाजपा की सरकार को शपथ दिलाई है। तीनों दलों की इसी याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया। सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा, महाराष्ट्र विधानसभा में कल यानी 27 नवंबर को शाम 5 बजे तक फ्लोर टेस्ट कराया जाए। फ्लोर टेस्ट, प्रोटेम स्पीकर की निगरानी में हो और फ्लोर टेस्ट से पहले प्रोटेम स्पीकर का चुनाव किया जाए। प्रोटेम स्पीकर 27 नवंबर को सुबह सभी विधायकों को सदन के अंदर शपथ दिलाएं। फ्लोर टेस्ट के दौरान गुप्त मतदान ना कराया जाए और इसका टीवी पर सीधा प्रसारण किया जाए।'

भाजपा की मांग सुप्रीम कोर्ट ने ठुकराई

भाजपा की मांग सुप्रीम कोर्ट ने ठुकराई

हालांकि सुप्रीम कोर्ट में भाजपा की तरफ से फ्लोर टेस्ट के लिए अधिक समय दिए जाने की मांग की गई थी, लेकिन इस मांग को ठुकरा दिया गया। इससे पहले कल यानी सोमवार को शिवसेना, कांग्रेस और एनसीपी के नेताओं ने राजभवन जाकर विधायकों के समर्थन की चिट्ठी सौंपी थी। हालांकि इस दौरान राजभवन में राज्यपाल मौजूद नहीं थे। तीनों दलों के नेताओं ने कहा कि उनके पास कुल 154 विधायकों का समर्थन है। एनसीपी ने भी दावा किया है कि 54 में से 53 विधायकों का समर्थन उनके पास है और ऐसे में भाजपा का सरकार बनाना अलोकतांत्रिक है। एनसीपी के प्रवक्ता नवाब मलिक ने कहा कि अजित पवार ने भाजपा के साथ जाकर गलती है और उन्हें डिप्टी सीएम के पद से इस्तीफा देकर वापस अपनी पार्टी में आना चाहिए।

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