क्या हमारे पड़ोसी देशों में सस्ता बिक रहा है पेट्रोल-डीजल ?

नई दिल्ली। देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतें हर रोज़ नया रिकॉर्ड बना रही हैं। लोग परेशान हैं और सरकार खुद को लाचार बता रही है। वो कीमतें बढ़ने के पीछे तमाम अंतरराष्ट्रीय कारण गिना रही है लेकिन आम लोगों को राहत देने के लिए एक्साइज ड्यूटी में कटौती पर राज़ी नहीं दिखती। बीते चार साल में सरकार ने कम से कम एक दर्जन बार तेल पर एक्साइज ड्यूटी में इजाफा किया है। सरकार की ये बात सही है कि तेल की कीमतों में इजाफे के पीछे कई अंतरराष्ट्रीय कारण हैं और ऐसा नहीं है कि तेल के खेल ने इस वक्त सिर्फ भारत को ही परेशान कर रखा है। पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतें हमारे पड़ोसी देशों को भी परेशान कर रही हैं और यहां तक की अमेरिका और ब्रिटेन भी इसकी तपिश महसूस कर रहे हैं।

oil prices

कहा जा रहा है कि नवंबर के बाद से हालात और बिगड़ सकते हैं जब अमेरिका, ईरान पर कई प्रतिबंध लगाएगा। इसके बाद ईरान से अगर बाहर के देश अगर तेल नहीं खरीदते हैं तो इसकी कीमत में और उछाल आएगा। भारत भी ईरान से बड़ी मात्रा में कच्चा तेल खरीदता है।

क्या है पड़ोसियों का हाल ?

क्या है पड़ोसियों का हाल ?

पाकिस्तान
हमारे पड़ोस पाकिस्तान में भी तेल की कीमतें बढ़ रही हैं लेकिन वहां पिछले हफ्ते ही नए प्रधानमंत्री इमरान खान ने पेट्रोल-डीजल और केरोसीन की कीमतों में कटौती की। पाकिस्तान में इस वक्त भारत के रुपये के हिसाब से पेट्रोल की कीमत 65 रुपये 2 पैसे है और डीजल 61 रुपये 56 पैसे प्रति लीटर मिल रहा है।

चीन

चीन

चीन में ताजे आंकड़ें बताते हैं कि वहां देश में तेल की औसतन कीमत 78 रुपये 95 पैसे है। बीजिंग में पेट्रोल की कीमत 70 रुपये 49 पैसे और डीजल की कीमत भी 70 रुपये 49 पैसे प्रति लीटर है। 2017 से चीन दुनिया में सबसे ज्यादा कच्चे तेल का आयात कर रहा है।

श्रीलंका

श्रीलंका

श्रीलंका में तेल की कीमतें महीने की हर 10वीं तारीख को बदलती हैं। पिछले महीने हुए इजाफे के बाद वहां पेट्रोल की कीमत 69 रुपये 14 पैसे और डीजल की कीमत 51 रुपये 9 पैसे प्रति लीटर है। श्रीलंका ने हाल ही में तेल की कीमतों में हर महीने बदलाव का फॉर्मूला अपनाया है।

नेपाल

नेपाल

भारत के रुपये के हिसाब से नेपाल में इस वक्त पेट्रोल की कीमत 71 रुपये 25 पैसे और डीजल की कीमत 59 रुपये 43 पैसे प्रति लीटर है। भारत की ही तरह नेपाल के रुपये में भी डॉलर के मुकाबले गिरावट आई है और इसका असर वहां तेल की कीमतों पर दिख रहा है।

अमेरिका

अमेरिका

दुनिया की सबसे मजबूत अर्थव्यवस्था और तेल के खेल में सबसे माहिर अमेरिका में पेट्रोल 58 रुपये 38 पैसे और डीजल 58 रुपये 9 पैसे प्रति लीटर बिक रहा है। अमेरिका दुनिया के सबसे ज्यादा तेल उत्पादक देशों में से एक है। अमेरिका में तेल की कीमतें यूरोप के बाकी देशों से कम हैं।

ब्रिटेन

ब्रिटेन

यूरोपीय देशों की तरह ब्रिटेन ने भी तेल पर बहुत ज्याद टैक्स लगा रखा है। वहां पर लोगों को पेट्रोल के लिए 119 रुपये 9 पैसे और डीजल के लिए 121 रुपये 8 पैसे प्रति गैलन देना पड़ रहा है। लेकिन एक गैलन 3.7854 लीटर के बराबर होती है।

तो दुनियाभर में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के कारण हर जगह पेट्रोल-डीजल के दामों में बढ़ोतरी हुई है। लेकिन अगर उपर बताए गए तामाम देशों में तेल की कीमतों को भारत के रुपये के हिसाब से आंका जाए तो सभी जगह दाम भारत से कम ही हैं। भारत में बड़े पैमाने पर तेल पर केंद्र द्वारा एक्साइज ड्यूटी लगाई जाती है और फिर हर राज्य अपने हिसाब से इस पर वैट वसूलता है। पेट्रोल-डीजल को जीएसटी में लाने की बात तो हो रही है लेकिन वो कब होगा और क्या उसकी दरें उच्चतम 28 फिसदी ही होंगी ये कह पाना मुश्किल है।

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