WFI चीफ Brij Bhushan Sngh की दलील, महिला को 'गले लगाना' यौन अपराध की कैटेगरी में नहीं
सेक्सुअल इरादे के बिना महिला को गले लगाना अपराध नहीं। ये कहना है कुश्ती महासंघ के प्रमुख बृजभूषण शरण सिंह का। अदालत में मामले की सुनवाई के दौरान अपने बचाव में दलील देते हुए बृजभूषण ने कहा, जबरदस्ती या यौन इरादों के बिना महिला से गले मिलना अपराध नहीं है।
भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) के निवर्तमान प्रमुख बृजभूषण शरण सिंह के वकील ने दिल्ली की एक अदालत में बचाव में दलीलें पेश कीं। बृज भूषण यौन उत्पीड़न के आरोपों का सामना कर रहे हैं। अदालत में वकील ने कहा, "आपराधिक बल या यौन इरादे के बिना किसी महिला को गले लगाना...छूना अपराध नहीं है।"

दिल्ली के राउज़ एवेन्यू कोर्ट में बृज भूषण सिंह की ओर से पेश वकील राजीव मोहन ने यह भी तर्क दिया कि भाजपा सांसद के खिलाफ महिला पहलवानों के आरोप कालातीत हैं। भाजपा सांसद के वकील ने कहा कि किसी कार्यक्रम के दौरान कोच के लिए खिलाड़ियों को गले लगाना आम बात है।
शिकायतकर्ताओं में से एक के आरोप पर बृजभूषण के वकील ने कहा, उनके मुवक्किल पर दिल्ली के अशोक रोड और सिरी फोर्ट ऑडिटोरियम में 20-25 सेकंड के लिए गले लगाने का आरोप है।
समाचार एजेंसी पीटीआई ने राजीव मोहन के हवाले से कहा, दो अपराध अशोक रोड और सिरी फोर्ट से संबंधित हैं। सिरी फोर्ट में अपराध केवल गले लगाने का है...किसी महिला को बिना किसी आपराधिक बल या यौन इरादे के छूना अपराध नहीं हैं।
अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट हरजीत सिंह जसपाल की कोर्ट में वकील राजीव मोहन ने कहा, मंगोलिया और जकार्ता में हुई कथित घटना पर सुनवाई भारत में नहीं हो सकती। उन्होंने सीआरपीसी का हवाला देते हुए कहा कि मुकदमा वहीं होना चाहिए जहां घटना हुई हो।
बृजभूषण के वकीलों ने शिकायतों की टाइमिंग को लेकर भी सवाल उठाए। 2017 और 2018 की कथित घटनाओं के आधार पर 2023 में एक शिकायत दर्ज की गई थी। मुद्दों को उठाने में देरी के लिए करियर की चिंता के अलावा कोई मजबूत तर्क नहीं दिया गया।
बृज भूषण के वकील ने कहा कि कर्णाटक के बेलारी या लखनऊ में दर्ज शिकायतों के आधार पर मुकदमा दिल्ली में नहीं चलाया जा सकता। अदालत ने दलीलों को सुनने के बाद कहा कि इस मामले पर गुरुवार को भी सुनवाई जारी रहेगी।
बता दें कि बृजभूषण सिंह जमानत पर हैं। दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट ने 20 जुलाई को यौन उत्पीड़न मामले में बृज भूषण को जमानत दे दी थी। सशर्त जमानत का आदेश न्यायमूर्ति हरजीत सिंह जसपाल ने पारित किया।
कोर्ट ने यह भी कहा कि बृजभूषण बिना अनुमति के देश से बाहर नहीं जा सकते। साथ ही, वह प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से उन लोगों को धमकी नहीं दे सकते, जिन्होंने उसके खिलाफ मामला दर्ज कराया है।












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