पश्चिम बंगाल में TMC को बड़ी राहत, सुप्रीम कोर्ट ने पंचायत चुनाव नतीजों पर लगी रोक हटाई
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नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल पंचायत चुनाव के परिणामों पर आपत्ति जताते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई थी। इस मामले पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि जो भी चुनाव परिणाम से असंतुष्ट है, वह 30 दिनों के भीतर संबंधित कोर्ट के समक्ष अपनी याचिका दायर कर सकता है। साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने ये भी कहा है कि जिन सीटों पर एक प्रत्याशी था वहां के नतीजे घोषित किए जाएं। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से ममता बनर्जी की पार्टी को बड़ी राहत मिली है।

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सुप्रीम कोर्ट से ममता सरकार को राहत मिली और कोर्ट ने राज्य में संपन्न चुनावों के नतीजे घोषित करने को मंजूरी दे दी। वहीं नामांकन न दाखिल करने देने के आरोप पर कोर्ट ने कहा कि असंतुष्ट लोग 30 दिनों के भीतर संबंधित कोर्ट में याचिका दायर कर सकते हैं। वहीं कोर्ट ने कहा कि ईमेल और व्हाट्सऐप से नामांकन नहीं दाखिल किए जा सकते हैं क्योंकि ये कानून में नहीं है।
पश्चिम बंगाल पंचायत चुनाव के दौरान ग्राम पंचायत, जिला परिषद व पंचायत समिति की कुल 58692 सीटों में से 20159 सीटें निर्विरोध चुनी गई थीं। इस मामले पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने कहा कि सबसे अधिक हैरान करने वाला मामला ग्राम पंचायत का है जहां, 48650 सीटों में से 16000 पर बगैर किसी चुनाव के फैसला हो गया।
बता दें कि पश्चिम बंगाल पंचायत चुनाव के दौरान जमकर हिंसा हुई थी और टीएमसी कार्यकर्ताओं पर आरोप लगे थे कि कई जगह इन्होंने बूथ कैप्चरिंग किया जबकि ये भी आरोप लगे थे कि अन्य दलों के प्रत्याशियों को नामांकन दाखिल करने नहीं दिया गया था।
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