Falta Re-Polling: फलता विधानसभा सीट के लिए री-पोलिंग शुरू, क्या TMC के गढ़ में पहली बार खिलेगा कमल?
West Bengal Falta Assembly Re-Polling Updates: पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले की हाई-प्रोफाइल फलता विधानसभा सीट पर आज (गुरुवार) सुबह 7 बजे से पुनर्मतदान (Re-polling) की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। वोटिंग शुरू होने से पहले आज सुबह सभी 285 मतदान केंद्रों पर सुरक्षा अधिकारियों और पोलिंग एजेंट्स की मौजूदगी में मॉक पोल संपन्न कराया गया। डायमंड हार्बर लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली इस मुस्लिम बहुल सीट पर पिछले महीने ईवीएम में हेराफेरी की शिकायतों के बाद चुनाव आयोग आज दोबारा वोटिंग करा रहा है।
मतदान को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण बनाने के लिए चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए गए हैं। आइए जानतें हैं फलता विधानसभा क्षेत्र में दोबारा वोटिंग को लेकर जमीनी हालात किस तरह बदल चुके हैं?

तीन बार से TMC का एकछत्र राज
फलता विधानसभा सीट का राजनीतिक इतिहास बेहद दिलचस्प रहा है। कभी सीपीआईएम (CPM) का मजबूत गढ़ रही यह सीट अब तृणमूल कांग्रेस (TMC) का अभेद्य किला बन चुकी है। 2011 के बाद से यहां लगातार तीन बार से टीएमसी का ही कब्जा है और बीजेपी आज तक इस सीट पर कभी कमल नहीं खिला पाई है। साल 2021 के चुनाव में टीएमसी के शंकर कुमार नस्कर ने 1,17,179 वोट पाकर जीत दर्ज की थी, जबकि बीजेपी के बिधान परुई 76,405 वोटों के साथ दूसरे स्थान पर रहे थे।
क्यों खास है फलता विधानसभा सीट
यह सीट इसलिए भी बेहद खास है क्योंकि यह ममता बनर्जी के भतीजे और टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी के संसदीय क्षेत्र 'डायमंड हार्बर' के अंतर्गत आती है। दिलचस्प बात यह है कि दक्षिण 24 परगना जिले की कुल 31 सीटों में से बीजेपी ने इस बार सागर, काकद्वीप, जादवपुर, टॉलीगंज और बेहला जैसी 10 महत्वपूर्ण सीटों पर पहली बार ऐतिहासिक जीत दर्ज की है, लेकिन फलता में उसे अब भी अपनी पहली जीत का इंतजार है।
मैदान में 6 उम्मीदवार: टीएमसी प्रत्याशी ने अंतिम समय में पीछे खींचे कदम
इस बार फलता सीट पर कुल 6 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं, जहां मुख्य मुकाबला बीजेपी के देबांग्शु पांडा और टीएमसी के जहांगीर खान के बीच माना जा रहा था। हालांकि, आज हो रही वोटिंग से ठीक दो दिन पहले (18 मई को) टीएमसी उम्मीदवार जहांगीर खान ने अचानक चुनाव से पीछे हटने का ऐलान करके सबको चौंका दिया। पूरे चुनाव प्रचार में फिल्म 'पुष्पा' के अंदाज में 'झुकेगा नहीं' का डायलॉग बोलने वाले जहांगीर खान के इस यू-टर्न से टीएमसी को बड़ा झटका लगा है। चूंकि नाम वापस लेने की समयसीमा खत्म हो चुकी थी, इसलिए आज ईवीएम (EVM) पर उनका नाम और पार्टी सिंबल दर्ज रहेगा, लेकिन वह खुद रेस से बाहर हो चुके हैं।
बूथों पर तैनात हैं दोगुने सुरक्षाकर्मी
आज हो रहे पुनर्मतदान में चुनाव आयोग किसी भी तरह की ढिलाई बरतने के मूड में नहीं है। फलता क्षेत्र के कुल 2.36 लाख मतदाता (जिसमें 1.21 लाख पुरुष, 1.15 लाख महिला और 9 थर्ड जेंडर वोटर शामिल हैं) सुरक्षित माहौल में वोट डाल सकें, इसके लिए सुरक्षा व्यवस्था सीधे दोगुनी कर दी गई है। राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) कार्यालय के अनुसार, आज प्रत्येक बूथ पर केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CPF) के 8 जवानों को तैनात किया गया है, जबकि पिछले मतदान के दौरान यहां प्रति बूथ सिर्फ 4 जवान ही तैनात थे।
ड्रोन और वेबकैम से चप्पे-चप्पे पर लाइव नजर
शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए केंद्रीय बलों की लगभग 35 कंपनियां फलता में तैनात की गई हैं। इसके साथ ही किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए 30 क्विक रिस्पांस टीमें (QRT) ग्राउंड पर मुस्तैद हैं। तकनीक की बात करें तो हर मतदान केंद्र के भीतर दो और बाहर एक वेब कैमरा लगाया गया है, जिससे मतदान प्रक्रिया की लाइव वेबकास्टिंग की जा रही है। संवेदनशील इलाकों में निगरानी के लिए ड्रोन कैमरों की मदद भी ली जा रही है।















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