Bengal Election: ‘TMC का दिया बुझने वाला है’, फेज-2 वोटिंग से पहले PM मोदी का हमला, बंगाल में बदलाव की लहर?
West Bengal Election 2026 (Narendra modi): पश्चिम बंगाल के चुनावी समर में पारा सातवें आसमान पर है। पहले चरण की रिकॉर्डतोड़ वोटिंग के बाद अब दूसरे चरण का बिगुल बज चुका है। इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 24 अप्रैल को बंगाल के दमदम और जादवपुर में चुनावी रैलियों को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी सरकार पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला है। पीएम ने साफ लफ्जों में कहा कि बंगाल में अब 'परिवर्तन की लहर' नहीं, बल्कि सुनामी चल रही है और टीएमसी का शासन अब अपने अंतिम दिनों में है।
पीएम मोदी ने कहा कि पिछले 15 वर्षों में राज्य में विकास से ज्यादा भ्रष्टाचार, सिंडिकेट और डर की राजनीति देखने को मिली। पीएम मोदी ने कहा कि टीएमसी का राजनीतिक दौर खत्म होने की तरफ बढ़ रहा है और जनता अब बदलाव के मूड में दिखाई दे रही है।

बुझता हुआ दिया ज्यादा फड़फड़ाता है: पीएम का तंज
दमदम की रैली में प्रधानमंत्री मोदी ने एक पुरानी कहावत का जिक्र करते हुए टीएमसी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, "जब दिया बुझने वाला होता है, तो वह सबसे ज्यादा फड़फड़ाता है। बंगाल में भी आज यही स्थिति है।"
पीएम के मुताबिक, राज्य में बदलाव की शुरुआत पहले चरण के मतदान से ही हो चुकी है। उन्होंने दावा किया कि 15 साल से बंगाल को लूटने वाली सरकार का 'काउंटडाउन' शुरू हो चुका है और टीएमसी का अहंकार अब चकनाचूर होने वाला है।
भ्रष्टाचार और सिंडिकेट राज से आजादी का आह्वान
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में नेताजी सुभाष चंद्र बोस के ऐतिहासिक नारे 'तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा' को याद करते हुए बंगाल की जनता से एक नया वादा किया। उन्होंने कहा, "आप हमें आशीर्वाद दीजिए, हम आपको आजादी दिलाएंगे।" यह आजादी टीएमसी के डर, भ्रष्टाचार, सिंडिकेट राज, बेरोजगारी और घुसपैठियों के कब्जे से होगी।
पीएम मोदी ने जादवपुर का जिक्र करते हुए कहा कि वहां विकास को सिंडिकेट ने बंधक बना लिया है। ईंट, बालू और सीमेंट की सप्लाई पर किसका कब्जा है, यह किसी से छिपा नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि बंगाल में अपना घर बनाने के लिए भी लोगों को 'प्रोटेक्शन मनी' देनी पड़ती है, जिसे भाजपा सरकार आने के बाद पूरी तरह खत्म कर दिया जाएगा।
बेटियों के सपनों और सुरक्षा पर 'मोदी की गारंटी'
बंगाल में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों को लेकर पीएम मोदी ने ममता सरकार को सीधे घेरे में लिया। उन्होंने कहा कि टीएमसी नहीं चाहती कि महिलाएं सपने देखें या आत्मनिर्भर बनें। पीएम ने एक बड़ा ऐलान करते हुए कहा, "4 मई को भाजपा की सरकार बनने के बाद महिलाओं पर हुए हर अत्याचार की फाइल खोली जाएगी। दोषियों को सजा दिलाना मोदी की गारंटी है।"
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि संसद में जब महिला आरक्षण बिल आया, तो टीएमसी और उसके साथियों ने इसका विरोध किया। पीएम ने साफ किया कि भाजपा बेटियों की भागीदारी बढ़ाना चाहती है, जबकि टीएमसी उन्हें घर के भीतर ही सीमित रखना चाहती है।
मध्यम वर्ग को टैक्स में बड़ी राहत का दावा
मध्यम वर्ग को साधते हुए पीएम मोदी ने पिछले 11 वर्षों के कार्यों का लेखा-जोखा भी पेश किया। उन्होंने बताया कि 2014 से पहले जब केंद्र सरकार टीएमसी के समर्थन से चलती थी, तब मात्र 2 लाख रुपये की सालाना आय पर टैक्स देना पड़ता था।
लेकिन आज मोदी सरकार ने इस सीमा को बढ़ाकर 12 लाख रुपये तक पहुंचा दिया है। पीएम ने वादा किया कि अगर बंगाल में भाजपा की सरकार बनती है, तो मध्यम वर्ग का कल्याण उनकी प्राथमिकता होगी।
अमित शाह की भविष्यवाणी: कौन होगा बंगाल का अगला सीएम?
पीएम मोदी की रैली से पहले गृह मंत्री अमित शाह ने भी एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए माहौल को गर्मा दिया। शाह ने दावा किया कि 4 मई को बंगाल के चुनावी नतीजे भाजपा के पक्ष में होंगे।
उन्होंने एक दिलचस्प बात कही कि बंगाल का अगला मुख्यमंत्री 'माटी का लाल' यानी यहीं का रहने वाला कोई व्यक्ति होगा। साथ ही उन्होंने तंज कसते हुए यह भी जोड़ा कि "वह मुख्यमंत्री कम से कम दीदी का भतीजा तो बिल्कुल नहीं होगा।"
पहले चरण की 92% वोटिंग ने बदली सियासी हवा
बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण में 152 सीटों पर 92.72% की ऐतिहासिक वोटिंग हुई है। पीएम मोदी ने कहा कि देश की आजादी के बाद बंगाल के लोगों ने इस बार जो करके दिखाया है, वह एक मिसाल है।
छोटे दुकानदारों से लेकर बड़े व्यापारियों और टैक्सी-रिक्शा चलाने वालों तक, हर कोई अब 'भयमुक्त' होकर भाजपा के साथ खड़ा है। पीएम ने जनता से अपील की कि दूसरे चरण (29 अप्रैल) में भी कमल के निशान पर बटन दबाकर लोकतंत्र के मंदिर पर 'विजय ध्वज' फहराएं।
मई का इंतजार और 'सोनार बांग्ला' का सपना
पीएम मोदी का पूरा भाषण 'भ्रष्टाचार बनाम विकास' और 'डर बनाम विश्वास' पर केंद्रित रहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि भाजपा बंगाल को डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के सपनों का प्रदेश बनाना चाहती है, जहां अराजकता की जगह 'Academic' माहौल हो और धमकियों की जगह 'संवाद' हो। अब देखना यह होगा कि 29 अप्रैल को दूसरे चरण की वोटिंग में बंगाल की जनता पीएम मोदी की इस 'गारंटी' पर कितना भरोसा जताती है।















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