West Bengal Election: बंगाल में CM की पहली पंसद कौन? किस जाति के लोग किसे देंगे वोट? ओपिनियन पोल में खुलासा
West Bengal Election 2026 opinion poll: पश्चिम बंगाल में 2026 का विधानसभा चुनाव इस साल मार्च और अप्रैल के बीच होना है। 294 सीटों पर इस बार मुकाबला TMC और भाजपा के बीच है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या बंगाल में सीएम की पहली पसंद अब भी ममता बनर्जी हैं या कोई और उनकी जगह ले सकता है। इसी बीच वोट वाइब (Vote Vibe) का ओपिनियन पोल सामने आया है जिसने इस लड़ाई की तस्वीर कुछ हद तक साफ कर दी है।
वोट वाइब के ताजा सर्वे ने बंगाल की राजनीति की एक झलक पेश की है। सर्वे के आंकड़े बताते हैं कि मुकाबला आसान नहीं है और दोनों प्रमुख दलों TMC-BJP के लिए रास्ता कांटों भरा रहने वाला है। आंकड़े कहीं ममता बनर्जी को बढ़त दिखाते हैं तो कहीं बीजेपी को सामाजिक समीकरणों में मजबूती मिलती नजर आती है।

बंगाल CM फेस की रेस में कौन आगे?
मुख्यमंत्री पद की पहली पसंद के सवाल पर ममता बनर्जी अब भी सबसे आगे दिखाई दे रही हैं। सर्वे के मुताबिक करीब 35.4 प्रतिशत लोग उन्हें मुख्यमंत्री के तौर पर पसंद कर रहे हैं। बीजेपी के नेता सुवेंदु अधिकारी को 20.9 प्रतिशत समर्थन मिलता दिखाया गया है।
दिलचस्प बात यह है कि जब टीएमसी और बीजेपी के नेताओं की कुल रेटिंग देखी गई तो दोनों लगभग बराबरी पर हैं और यह आंकड़ा 41 से 42 प्रतिशत के बीच बैठता है। यानी मुकाबला कांटे का है, भले ही चेहरे की लड़ाई में ममता आगे दिख रही हों।
जाति और वर्ग के हिसाब से वोटिंग ट्रेंड
सर्वे में सामाजिक गणित की तस्वीर भी साफ होती दिखती है। मुस्लिम मतदाताओं के बीच TMC को लगभग 54 प्रतिशत समर्थन मिलने का अनुमान है। हिंदू जनरल कैटेगरी में भी TMC 40 प्रतिशत के साथ आगे बताई गई है।
वहीं BJP को अनुसूचित जाति वर्ग में 50 प्रतिशत, अनुसूचित जनजाति में 38 प्रतिशत और OBC वर्ग में 44 प्रतिशत समर्थन मिलने की बात कही गई है। महिलाओं के बीच TMC को पुरुषों की तुलना में ज्यादा बढ़त मिलती दिख रही है-महिलाओं में 6 प्रतिशत और पुरुषों में 3 प्रतिशत की बढ़त, यानी कुल करीब 9 प्रतिशत का फर्क।
वोट डालते समय सबसे बड़ा मुद्दा क्या?
सर्वे बताता है कि बंगाल के मतदाता सिर्फ चेहरों पर नहीं, बल्कि कामकाज पर भी नजर रखे हुए हैं। करीब 29 प्रतिशत लोग ममता सरकार के प्रदर्शन को वोट देने का सबसे बड़ा आधार मानते हैं। विकास और स्थानीय मुद्दे 13 प्रतिशत मतदाताओं के लिए अहम हैं।
नेतृत्व भी एक फैक्टर है-करीब 7 प्रतिशत लोग मुख्यमंत्री के चेहरे को देखकर और 11 प्रतिशत प्रधानमंत्री के चेहरे को देखकर वोट करने की बात कहते हैं। युवा मतदाताओं के लिए नेतृत्व बड़ा मुद्दा है, जबकि मध्यम आयु और वरिष्ठ मतदाता सरकार के कामकाज को ज्यादा तवज्जो देते हैं। SC और OBC वर्ग में नेतृत्व अहम है, वहीं ST समुदाय में जाति और धर्म की भूमिका ज्यादा दिखती है।
ममता सरकार के काम से कितनी संतुष्टि?
सरकार के प्रदर्शन को लेकर राय बंटी हुई है। करीब 38.3 प्रतिशत लोग ममता सरकार के काम को अच्छा या बेहतरीन मानते हैं। दूसरी ओर 40.6 प्रतिशत मतदाता इसे खराब या बेहद खराब बताते हैं। लगभग 15 प्रतिशत लोगों की राय औसत है। यह आंकड़े दिखाते हैं कि सत्ता विरोधी नाराजगी पूरी तरह हावी नहीं है, लेकिन चुनौती जरूर मौजूद है।
कब होंगे बंगाल में चुनाव?
पश्चिम बंगाल में 2026 में विधानसभा चुनाव होने हैं। 294 सदस्यीय विधानसभा के लिए मतदान मार्च-अप्रैल 2026 के बीच होने की संभावना है। मौजूदा विधानसभा का कार्यकाल 7 मई 2026 को खत्म हो रहा है, उससे पहले नई सरकार बनाना जरूरी होगा। फिलहाल चुनाव आयोग की आधिकारिक घोषणा का इंतजार है, लेकिन ओपिनियन पोल ने सियासी मैदान पहले ही गरमा दिया है।












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