West Bengal New CM: बंगाल में नई BJP सरकार का शपथ ग्रहण 9 मई को, कौन बनेगा मुख्यमंत्री? अमित शाह करेंगे फैसला
West Bengal CM Oath Ceremony: पश्चिम बंगाल की राजनीति में दशकों बाद एक ऐसा मोड़ आया है जिसने राज्य की सत्ता का समीकरण पूरी तरह बदल दिया है। विधानसभा चुनाव 2026 में भारतीय जनता पार्टी ने प्रचंड बहुमत के साथ ऐतिहासिक जीत दर्ज कर ममता बनर्जी के 15 साल के अभेद्य किले को ढहा दिया है। इस बड़ी जीत के बाद अब गलियारों में सबसे बड़ा सवाल यह है कि बंगाल की कमान किसके हाथों में होगी?
भाजपा ने ऐलान किया है कि नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह 9 मई को आयोजित किया जाएगा। यह तिथि राजनीतिक के साथ-साथ सांस्कृतिक रूप से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसी दिन पूरा देश और विशेषकर बंगाल विश्वगुरु रवींद्रनाथ टैगोर की जयंती (रवींद्र जयंती) मनाता है। भाजपा इस दिन को चुनकर राज्य की जनता को 'सोनार बांग्ला' के पुनरुद्धार का कड़ा संदेश देना चाहती है।

अमित शाह संभालेंगे चयन की कमान
भाजपा आलाकमान ने मुख्यमंत्री के चयन की प्रक्रिया को पारदर्शी और सर्वसम्मत बनाने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को मुख्य पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। उनके साथ ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी को सह-पर्यवेक्षक की जिम्मेदारी सौंपी गई है। दोनों नेता जल्द ही नवनिर्वाचित विधायकों के साथ बैठक करेंगे, जिसके बाद आधिकारिक तौर पर मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा की जाएगी।
सुवेंदु अधिकारी: 'जायंट किलर' की भूमिका में सबसे आगे
मुख्यमंत्री पद की दौड़ में जो नाम सबसे अधिक चर्चा में है, वह है सुवेंदु अधिकारी का। सुवेंदु ने इस चुनाव में वह कर दिखाया जिसे राजनीतिक पंडित नामुमकिन मान रहे थे। उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को उनके सबसे सुरक्षित गढ़ भवानीपुर सीट से करारी शिकस्त दी है।
- लगातार दूसरी बड़ी जीत: 2021 में नंदीग्राम के बाद अब भवानीपुर में ममता बनर्जी को हराकर उन्होंने खुद को बंगाल में भाजपा का सबसे बड़ा चेहरा साबित कर दिया है।
- शीर्ष नेतृत्व का भरोसा: नामांकन के दौरान अमित शाह की मौजूदगी ने पहले ही संकेत दे दिए थे कि सुवेंदु दिल्ली की पसंद हैं।
नेतृत्व के अन्य संभावित चेहरे
पार्टी ने अभी किसी एक नाम पर आधिकारिक मुहर नहीं लगाई है, जिससे सस्पेंस बरकरार है। चर्चाओं में कुछ अन्य नाम भी प्रमुखता से उभर रहे हैं:
समिक भट्टाचार्य: प्रदेश अध्यक्ष के रूप में संगठन को मजबूती देने वाले समिक एक गंभीर विकल्प हैं।
अग्निमित्रा पॉल: यदि भाजपा किसी महिला चेहरे पर दांव लगाती है, तो पार्टी की उपाध्यक्ष अग्निमित्रा पॉल की दावेदारी बेहद मजबूत मानी जा रही है।
9 मई का दिन बंगाल के लिए एक नए राजनीतिक युग की शुरुआत लेकर आ रहा है। अब देखना यह है कि रवींद्र जयंती के पावन अवसर पर कौन सा चेहरा मुख्यमंत्री पद की शपथ लेकर राज्य के भविष्य की नई पटकथा लिखेगा।












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