पश्चिम बंगाल को धार्मिक ध्रुवीकरण से बचाने के लिए हमे एकजुट होकर लड़ना होगा: लेफ्ट फ्रंट
नई दिल्ली। West Bengal Assembly Elections:पश्चिम बंगाल में इस साल विधान सभा चुनाव होना है, ऐसे में चुनावी मौसम में प्रदेश में सियासी पारा काफी बढ़ गया है। प्रदेश में लेफ्ट, टीएमसी और भारतीय जनता पार्टी के बीच बयानबाजी लगातार जारी है। तमाम नेता एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप कर रहे हैं। इस बीच लेफ्ट फ्रंट के चेयरपर्सन बिमान बोस ने प्रदेश को धार्मिक ध्रुवीकरण से बचाने की बात कही है। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल को धार्मिक ध्रुवीकरण से बचाने के लिए हमे पश्चिम बंगाल और तृणमूल कांग्रेस के खिलाफ मिलकर एकजुट होकर चुनाव लड़ना होगा। उन्होंने कहा कि हमारे बीच (कांग्रेस-लेफ्ट) किसी भी तरह की कोई गलतफहमी नहीं है, हालांकि हमारे बीच सीटों के बंटवारे पर अभी चर्चा होनी है और उसके बाद ही सीटों पर अंतिम फैसला होगा।

बता दें कि पश्चिम बंगाल में वाम मोर्चा और कांग्रेस ने एक साथ मिलकर चुनाव लड़ने का ऐलान किया है। प्रदेश में चुनाव से पहले कांग्रेस और वाम दल एक साथ साझा चुनाव रैली करेंगे। माना जा रहा है कि यह मेगा रैली फरवरी या मार्च में हो सकती है। बिमान बोस ने कहा कि संयुक्त रूप से यह रैली ब्रिगेड परेड ग्राउंड में फरवरी या मार्च में हो सकती है। कांग्रेस और वाम दलों के बीच सीट बंटवारे को लेकर हाल ही में बैठक हुई थी लेकिन बैठक में सीटों पर अंतिम फैसला नहीं हो सका था।
गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल विधानसभा में कुल 294 सीटें हैं। पिछले चुनाव की बात करें तो टीएमसी सबसे बड़ी पार्टी के रूप में सामने आई थी। टीएमसी ने 2016 के चुनाव में सर्वाधिक 222 सीटों पर जीत दर्ज की थी, जबकि कांग्रेस ने 45, माकपा ने 26 और भाजपा ने 7 सीटों पर जीत दर्ज की थी। वहीं गोरखा जनमुक्ति मोर्चा व रिवोल्युशनरी सोशलिस्ट पार्टी ने 3-3 सीटों पर जीत दर्ज की थी। लेकिन जिस तरह से 2019 के लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने जबरदस्त जीत दर्ज की थी, उसके बाद माना जा रहा है कि भारतीय जनता पार्टी चुनाव में बड़ा उलटफेर कर सकती है।












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