तेज बारिश, आंधी तूफान ने देश के कई हिस्सों में मचाया उत्पात, खेत बर्बाद, दो लोगों की मौत
नई दिल्ली। पूरा देश कोरोना वायरसस की वैश्विक महामारी से जूझ रहा है। इस बीच बेमौसम बारिश, आंधी, तूफान ने हालात को और खराब कर दिए हैं। पहले से ही देश के किसानों की हालत बदतर हैं, ऐसे में इस बेमौसम बारिश, आंधी, ओले ने स्थिति को जटिल कर दिया है। बीती रात आंध्र प्रदेश के अनंतपुरम जिले में आंधी तूफान और भारी बारिश के चलते केले के बाग को बुरी तरह से नुकसान पहुचा है। पूरे के पूरे केले के खेत इस आंधी पानी के चलते बर्बाद हो गए हैं। आंधी-पानी का असर देश के कई हिस्सों में देखने को मिला है।

दो लोगों की मौत
कई जगह पर तेज आंधी और बारिश की वजह से बिजली की आपूर्ति पूरी तरह से ठप हो गई। गुजरात के खांभा, अमरेली में आंधी और तेज बारिश की वजह से कई पेड़ टूटकर सड़क पर गिर गए। इस दौरान दो लोगों की मौत भी हो गई है। कई क्षेत्रों में किसानों की गेहूं की फसल जोकि कटी हुई खेत में थी वो पूरी तरह से भीग गई। जिस तरह से खरीफ की फसल से पहले ही किसान नुकसान झेल रहे थे, ऐसे में इस बेमौसम बारिश ने रबी की फसल की बुआई में मुश्किल का सामना कर रहे हैं। कोरोना संकट और बेमौसम आंधी-तूफान और बारिश ने किसानों की कमर तोड़कर रख दी है।

9 राज्यों के लिए अलर्ट
बता दें कि मौसम विभाग ने पहले ही ही कहा था कि पश्चिमी विक्षोभ के विकसित होने की वजह से देश के उत्तरी राज्यों में इसका असर देखने को मिलेगा। भारतीय मौसम विभाग ने पहले ही 9 राज्यों के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया था,जिसमें कर्नाटक भी शामिल था, फिलहाल विभाग का कहना है कि बारिश का सिलसिला आज भी जारी रहेगा, विभाग के मुताबिक पश्चिमी विक्षोभ और पूर्वी हवाओं की वजह से सोमवार तक यहां बदलाव देखने को मिल सकता है, जिसके कारण बारिश का सिलसिला देश के कई राज्यों में जारी रहेगा।

बारिश की संभावना
अनुमान है कि कर्नाटक पूर्वी उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, उत्तरी तटीय आंध्र प्रदेश और आंतरिक कर्नाटक , जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में कुछ स्थानों पर गरज के साथ हल्की बारिश हो सकती है तो वहीं मध्यप्रदेश में के टीकमगढ़, सागर, सतना, पन्ना, दमोह, छतरपुर, रीवा, दतिया, ग्वालियर, विदिशा, सिंगरौली, उमरिया, शहडोल में तेज बारिश के आसार हैं जबकि अगले 24 घंटों के दौरान राजस्थान के चुरू, अलवर, जयपुर, भरतपुर और आसपास में आंधी के साथ हल्की बारिश की संभावना है इसलिए उसने लोगों को अलर्ट रहने के लिए कहा है।

जून जुलाई में कम बारिश
जून-जुलाई में कम बारिश दक्षिण एशिया सीजनल क्लाइमेट आउटलुक फोरम (जिसमें डब्ल्यूएमओ के नेतृत्व वाली विभिन्न अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां शामिल हैं) ने देश के बड़े हिस्से के लिए सामान्य बारिश का संकेत है। जो आईएमडी के पूर्वानुमान के अनुरूप से मेल खाता है। मौसम विभाग ने कहा कि, जून और जुलाई में आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, तेलंगाना, मराठवाड़ा और महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र में कम बारिश के चलते फसलें प्रभावित हो सकती है।












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