मौसम विभाग से चिंताजनक खबर, El Nino की 70 प्रतिशत आशंका, क्या पड़ेगा सूखा?
Weather update: भारत में अल नीनो के विकसित होने की आशंका बढ़ गई है। जिसकी वजह से देश में सूखा पड़ेगा।

भारतीय मौसम विभाग के मुताबिक इस मानसून में अल नीनो के विकसित होने की लगभग 70 प्रतिशत आशंका है। अगर ऐसा हुआ तो भारत में सूखा पड़ सकता है। मौसम की इस घटना से कृषि क्षेत्र और हमारी अर्थव्यवस्था को भी खतरा पैदा हो सकता है।
दरअसल IMD ने 11 अप्रैल को एक रिपोर्ट जारी की थी, जिसमें अल नीनो की आशंका 50 प्रतिशत आंकी गई। बाद में फिर से इसका आंकलन हुआ, जिसमें आशंका 70 प्रतिशत पहुंच गई। इस मामले को लेकर सरकार ने 700 जिलों में विशिष्ठ सलाहकार सेवाओं और पूर्वानुमानों के लिए एक प्रणाली बनाई है।
मामले में IMD ने शुक्रवार को कहा कि जून, जुलाई, अगस्त के मौसम में अल नीनो की 70% आशंका है, जबकि जुलाई, अगस्त और सितंबर के मौसम में ये आशंका 80% तक बढ़ जाती है। इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद से मौसम विभाग और केंद्रीय कृषि मंत्रालय में लगातार बैठकें हो रही हैं।
मामले में एक एक्सपर्ट ने कहा कि आज भारत दुनिया की 5वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है, उसके पीछे की सबसे बड़ी वजह मानसून है। देश के शुद्ध बोए गए क्षेत्र के लगभग आधे हिस्से में सिंचाई की सुविधा का अभाव है। ऐसे में मानसून खेती में अहम भूमिका निभाता है। इसके अलावा झील, तालाब, नदियों आदि में पानी आने से बिजली उत्पादन, पशुपालन और पानी की आपूर्ति सही से हो पाती है।
राज्यों को अलर्ट रहने के निर्देश
मामले में IMD के एक अधिकारी ने कहा कि उनकी टीमें राज्यों के साथ संपर्क में हैं। साथ ही लगातार वहां पर पूर्वानुमान प्रदान किए जा रहे। देश के 700 जिलों में कृषि-मौसम संबंधी सलाहकार सेवाएं और पूर्वानुमान प्रदान किया जाएगा।
क्या होता है अल नीनो?
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक अल नीनो प्रशांत महासागर में होने वाला एक किस्म का बदलाव है। इससे बारिश कम होती है, जिस वजह से सूखा पड़ने की आशंका ज्यादा रहती है।
कब-कब भारत में दिखा अल नीनो का प्रभाव?
साल 2001 से 2020 के बीच भारत में 7 अल नीनो देखे गए। जिसमें से चार की वजह से 2003, 2005, 2009-10, 2015-16 में सूखा पड़ा।












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