'हमें दोनों नाम स्वीकार, BJP तो INDIA के नाम से डरी है', 'भारत' के नाम पर बोले गौरव गोगोई
कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कहा है कि उनकी पार्टी भारत और इंडिया दोनों नामों को मान्यता देती है। लेकिन सच तो ये है कि आईएनडीएआई गठबंधन से भाजपा को डर है।
संसद के विशेष सत्र के दौरान कई बड़े प्रस्ताव पेश किए जाने की उम्मीद है। वन नेशन- वन इलेक्शन, महिलाओं सुरक्षा समेत इंडिया बजाय सिर्फ भारत के नाम को मान्यता देने के प्रस्ताव भी शामिल किए गए जा सकते हैं। दावा किया जा रहा है कि केंद्र ने इसकी पूरी तैयारी की है। वहीं भारतीय संविधान के आर्टिकल-1 के तहत कांग्रेस ने केंद्र को घेरना शुरू कर दिया है। मंगलवार (5 सितंबर) को कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने बीजेपी पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा के इंडिया नाम हटाने के पीछे एक बड़ी वजह है। बीजेपी अपने डर के वजह से ऐसे निर्णय ले रही है।
कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने मंगलवार को भाजपा को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि गठबंधन आईएनडीएआई से बीजेपी को डर सताने लगा है। उन्होंने पीटीआई को बताया कि कांग्रेस भारत और इडिया दोनों नामों को स्वीकार करती है। सांसद गोगोई ने कहा, हम 'इंडिया' और 'भारत' दोनों नामों को स्वीकार करते हैं और गर्व महसूस करते हैं। इसरो में 'इंडिया' है। आईआईटी में 'इंडिया' हैआईआईएम में 'मैं' भारत है, आईआईएम में 'मैं' भारत है।" आईपीएस भारत है। भाजपा की राजनीति इतनी नीचे गिर गई है क्योंकि वे INDIA (विपक्ष) गठबंधन से डरते हैं।"

बता दें कि अगर केंद्र सरकार देश का नाम सिर्फ 'भारत' करना चाहती है तो इसके लिए संविधान के अनुच्छेद-1 में संशोधन करने की आश्यकता होगी। जिसके लिए बिल लाना होगा। कुछ संशोधन 5 फीसदी, तो कुछ 66 जबकि कुछ के लिये कम से कम दो तिहाई सदस्यों के समर्थन और कुछ के लिए राज्यों के भी समर्थन की आवश्यकता होगी।
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क्या है आर्टिकल-1
हमारे देश के दो नाम हैं. पहला- भारत और दूसरा- इंडिया। भारतीय संविधान के आर्टिकल 1 में लिखा है, 'इंडिया दैट इज भारत' यूनियन ऑफ स्टेट्स। यानि इंडिया जो भारत है और ये राज्यों का संघ है। संविधान छूट देता है कि सरकार को 'गवर्नमेंट ऑफ इंडिया' भी कहा या लिखा जा सकता है और गवर्नमेंट ऑफ भारत यानि भारत सरकार लिखा जा सकता है। दोनों ही नामों का इस्तेमाल देश की आजादी के बाद से अब तक होता आया है।












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