Waqf Bill 2024 पर संसद में बवाल, जानिए विपक्षी दलों के नेताओं ने बिल पर क्या कहा?
Waqf Bill 2024: वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2024 पर संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) की रिपोर्ट के बाद गुरुवार (13 फरवरी 2025) को लोकसभा और राज्यसभा में पेश कर दिया गया। राज्यसभा में विपक्षी सांसदों ने चर्चा के दौरान जम कर हंगामा किया हुआ।
विपक्षी सांसदों ने आरोप लगाया कि वक्फ विधेयक पर जेपीसी "पक्षपाती" और "एकतरफा" है, उन्होंने कहा कि पैनल के सदस्यों द्वारा प्रस्तुत असहमति नोट जेपीसी रिपोर्ट में शामिल नहीं किए गए।

Waqf Bill पर विपक्षी नेताओं की राय
मल्लिकार्जुन खड़गे (Mallikarjun Kharge), अध्यक्ष, कांग्रेस
वक्फ (संशोधन) विधेयक पर जेपीसी रिपोर्ट का विरोध करते हुए आरोप लगाया कि विपक्षी सदस्यों के असहमति नोट हटा दिए गए।
असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owasi), AIMIM सांसद
'यह विधेयक न केवल असंवैधानिक है और संविधान के अनुच्छेद 14, 15 और 29 का उल्लंघन करता है, बल्कि यह वक्फ को बचाने के लिए नहीं बल्कि इसे बर्बाद करने और मुसलमानों से इसे छीनने के लिए है। हम इस विधेयक की निंदा करते हैं।'
संजय सिंह(Sanjay Singh), सांसद, AAP
'यह तो बस शुरुआत है। जल्द ही वे गुरुद्वारों, मंदिरों और चर्चों की जमीनों पर कब्जा करने और अपने पूंजीवादी दोस्तों को यह जमीन देने के लिए एक विधेयक लाएंगे।'
डिंपल यादव(Dimple Yadav), सांसद, समाजवादी पार्टी
"जिस तरह से विपक्षी सदस्यों द्वारा दिए गए असहमति नोट को वक्फ संशोधन विधेयक में शामिल नहीं किया गया। सरकार मनमाने तरीके से यह विधेयक ला रही है। वे ध्यान भटकाने के लिए सत्र के आखिरी दिन विधेयक लेकर आए हैं।"
इकरा हसन(Iqra Hasan), सांसद, SP
'JPC की कार्यवाही पक्षपातपूर्ण तरीके से की गई। स्वतंत्र रूप से इनपुट नहीं लिए गए... हम बिल के खिलाफ हैं। यह असंवैधानिक है और अल्पसंख्यकों के अधिकारों के खिलाफ है। जेपीसी सदस्यों के कई असहमतिपूर्ण नोटों को संपादित करके रिपोर्ट में डाल दिया गया है। उनकी चिंताओं को शामिल नहीं किया गया है।'
अवधेश प्रसाद(Awadhesh Prasad), सांसद, समाजवादी पार्टी
"इस विधेयक को लेकर विपक्ष के सुझावों को पूरी तरह से नजरअंदाज कर दिया गया। देश के महत्वपूर्ण मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए यह विधेयक पेश किया गया है...हमने न केवल इस विधेयक का विरोध किया है बल्कि इसका बहिष्कार भी किया है और हम इसे किसी भी हालत में पारित नहीं होने देंगे।"
महुआ माजी(Mahua Maji), सांसद, JMM
"इंडिया अलायंस ने वक्फ संशोधन विधेयक पर जेपीसी की रिपोर्ट के खिलाफ वॉकआउट किया। जेपीसी पक्षपाती रही है। आज सरकार की नजर वक्फ की जमीन पर है, कल वे अन्य धर्मों की संपत्ति हड़प लेंगे।"












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