ईवीएम में कैद हुई किस्मत: मिजोरम-एमपी में जमकर हुई वोटिंग, फैसला 8 -9 को
मिजोरम विधानसभा के लिए सोमवार को शांतिपूर्ण तरीके से मतदान संपन्न हुआ । मिजोरम के संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी माविया ने कहा, "मतदान सुबह सात बजे शुरू हुआ और 40 विधानसभा क्षेत्रों के लिए महिलाओं एवं पुरुषों की लंबी कतारें लगी हुई देखी गयीं वोट डालने के लिए लोगों में खासा उत्साह देखा गया।
हालांकि कुछ जगहों पर इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन में गड़बड़ी आ जाने से मतदान कुछ देर के लिए रुक गया।राज्य की 40 में से 39 सीटें जनजातीय उम्मीदवारों के लिए आरक्षित हैं और एकमात्र सीट सामान्य श्रेणी के लिए है। मतगणना नौ दिसंबर को होगी। चुनाव के लिए राज्य में 1,126 मतदान केंद्र बनाए गए थे। मिजोरम के विधानसभा नतीजे 9 दिसंबर को आयेंगे।
तो वहीं एमपी में मध्य प्रदेश विधानसभा के लिए हुए मतदान में ग्वालियर-चंबल इलाके में आठ स्थानों पर उपद्रवियों द्वारा गोलीबारी करने और एक स्थान पर सीमा सुरक्षा बल (बीएएसएफ) के जवानों के गोलीबारी करने की खबर है। इन सबके बावजूद मतदान को लेकर मतदाताओं में उत्साह देखा गया। उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी कांता राव ने संवाददाताओं को बताया कि मुरैना और भिंड में चार-चार मतदान केंद्रों पर उम्मीदवारों के समर्थकों ने गोलीबारी की है। लेकिन गोलीबारी में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।
राव के अनुसार, राज्य के रायसेन, रतलाम, बैतूल, दमोह, विदिशा, छतरपुर और छिंदवाड़ा जिलों में कुल 12 मतदान केंद्रों पर मतदाताओं ने सड़क, बिजली और पानी सहित अन्य स्थानीय समस्याओं को लेकर मतदान का बहिष्कार कर दिया, और वहां अभी तक एक भी वोट नहीं पड़े हैं।
गौरतलब है कि राज्य की 230 विधानसभा सीटों के लिए एक चरण में मतदान हुआ। कुल 2,586 उम्मीदवार चुनाव मैदान में थे, और 4.66 करोड़ से अधिक मतदाता इन उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला करने के पात्र थे। एमपी विधानसभा पर किसका अधिकार होगा इसका पता 8 दिसंबर को चलेगा।













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