कुंडली कहती है एमपी में फिर महकेगा कमल..पंजे का सफाया

ऐसे मौके पर मध्य प्रदेश में किसका परचम लहरायेगा भाजपा या कांग्रेस का यह बताने का परिश्रम ज्योतिषीय आकलन के आधार पर कर रहा हॅू ?
कांग्रेस की नाम राशि मिथुन है। इसका स्वरूप 'हाथ में गदा लिए पुरूष तथा साथ में वीणा बजाती हुई स्त्री' जैसा है। मध्यप्रदेश में कांग्रेस के खेवनहार मुख्यतः तीन लोग है। दिग्विजय सिंह, अजय सिंह और ज्योतिरादित्य सिंधिया। दिग्विजय सिंह की नाम राशि मीन है, अजय सिंह की राशि मेष है और ज्योतिरादित्य सिंधिया की नाम राशि मकर है। अजय सिंह और ज्योतिरादित्य की नाम राशियों के स्वामी मंगल और शनि आपस में नैसर्गिक शत्रुता का भाव रखते है। इन दोनों लोगों की आपस में आन्तरिक शत्रुता के कारण संगठन में खींचा-तान की स्थिति रहेगी।
कांगे्रेस एंव ज्योतिरादित्य की राशियां आपस में सम है, इसलिए ज्योतिरादित्य सिंधिया के परिश्रम के प्रभाव का लाभ कांग्रेस को जरूर मिलेगा।
भाजपा के शिवराज सिंह का जन्म 05 मार्च सन् 1959 को मध्यान्ह 12 बजे हुआ था। उस समय क्षिमिज पर वृष लग्न उदित हो रही थी। वृष लग्न एक स्थिर व सौम्य स्वभाव वाली राशि है। आप गंभीर, विचारशील, शान्तप्रिय और दयालु प्रकृति होंगे। आपमें प्रबल शारीरिक व मानसिक सहनशक्ति एंव सहिष्णुता होगी जिसके फलस्वरूप आप कार्यो के प्रति धैर्य व लग्न के साथ समर्पित रहेंगे।
वर्तमान में आपकी जन्मपत्री में गुरू की महादशा में राहु की अन्तर दशा एंव सूर्य का प्रत्यन्तर चल रहा है। गुरू अष्टमेश व लाभेश होकर सप्तम स्थान में बैठ कर अनुराधा नक्षत्र पर कब्जा जमाये हुये हैै। राहु जनता के संकेतक भाव पंचम में बैठकर हस्त नक्षत्र पर अधिकार जमाये है। पंचम का राहु तीक्ष्ण बुद्धि की वजह से जनता की नब्ज पर कब्जा करके सत्ता पर एकाधिकार प्राप्त करवाने में सफलता दिलवाता है। सूर्य चतुर्थेश होकर राज्य का प्रतिनिधित्व करने वाले दशम भाव में कुम्भ राशि पर कब्जा किये हुये है। कुम्भ एक स्थिर राशि है यानि राज्य में भाजप की स्थिरता बनी रहेगी। अतः शिवराज सिह हैर्टिक लगाकर पुनः मध्यप्रदेश की जनमानस के जनसेवक बनने में कामयाब होंगे।
निष्कर्षतः मध्यप्रदेश विधान सभा चुनाव में भाजपा को लगभग 139 सीटें तथा कांग्रेस को 75 के आसपास सीटें पाकर ही संतोष करना पड़ेगा। बसपा को 08 सीटें और अन्य दलों को मिलाकर 08 सीटें मिलने के संकेत नजर आ रहें है। जिससे की जो आसार दिख रहे हैं वो तो इशारा कर रहे हैं कि एक बार फिर से मध्यप्रदेश में भाजपा का परचम लहरा सकता है और वहां कमल की ही महकेगा।












Click it and Unblock the Notifications