Vivek Agnihotri Rahul Gandhi पर तंज कसते हुए बोले, 'आज के गांधी आतंक के अहिंसक समाधान'

फिल्म निर्देशक विवेक अग्निहोत्री ने राहुल गांधी पर तंज भरे अंदाज में निशाना साधा है। उन्होंने सवाल किया कि अगर राहुल ने दहशतगर्दों को अपनी आंखों से देखा, तो उन्होंने सुरक्षा एजेंसियों को इसकी सूचना क्यों नहीं दी।

Vivek Agnihotri Rahul Gandhi

Vivek Agnihotri Rahul Gandhi पर हमलावर हैं। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर तंज कसते हुए उन्होंने राहुल को आधुनिक गांधी करार दिया। विवेक अग्निहोत्री ने सवाल किया कि अगर राहुल ने जम्मू कश्मीर में पदयात्रा के दौरान आतंकियों को देखा, तो इसकी सूचना सुरक्षा एजेंसियों को क्यों नहीं दी। विवेक ने कहा, अब समय आ गया है कि राहुल को कश्मीर में तैनात किया जाए, इससे आतंकवाद के मुद्दे का अहिंसक समाधान किया जा सकेगा।

क्या राहुल ने आतंकियों को देखा?

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने यूनाइटेड किंगडम के कैंब्रिज जज बिजनेस स्कूल में लेक्चर के दौरान भारत के संबंध में कई बातें कहीं। द कश्मीर फाइल्स के निर्देशक विवेक अग्निहोत्री ने रविवार को एक बार फिर राहुल पर कटाक्ष किया। बता दें कि राहुल ने दावा किया था कि उन्होंने कांग्रेस पार्टी की पदयात्रा- 'भारत जोड़ो यात्रा' के दौरान घाटी में आतंकवादियों को दूर से देखा था।

सुनने की शक्ति पर राहुल का बयान

राहुल का मजाक उड़ाते हुए अग्निहोत्री ने राहुल को टैग कर ट्वीट किया। उन्होंने लिखा, "कश्मीर में @RahulGandhi जी को पोस्ट करने का समय है। आतंकवादी आएंगे, उन्हें देखने के बाद 'सुनने की शक्ति' 'संचारित' होगी और वे चले जाएंगे।" विवेक ने कहा कि आज के गांधी, आतंकवाद के लिए एक आदर्श अहिंसक समाधान हो सकते हैं।

एजेंसियों को क्यों नहीं बताया

इससे पहले, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने राहुल गांधी पर उनकी टिप्पणी के लिए निशाना साधा था। उन्होंने पूछा कि उन्होंने आतंकवादियों को देखने पर उन्होंने इसकी सूचना सुरक्षा एजेंसियों को क्यों नहीं दी। शुक्रवार को असम के मुख्यमंत्री ने कहा, "राहुल का कहना है कि कश्मीर में आतंकवादियों ने उन्हें देखा था, लेकिन क्या उन्हें पता था कि वे उन्हें निशाना नहीं बनाएंगे। सुरक्षा एजेंसियों को इसकी सूचना क्यों नहीं दी गई? क्या राहुल को बचाने के लिए कांग्रेस की इन आतंकवादियों के साथ कुछ आपसी सहमति / समझ थी?"

पुलवामा पर राहुल के बयान पर सवाल

बकौल सरमा, राहुल गांधी ने पुलवामा आतंकी हमले को एक 'कार बम' बताते हुए कहा कि 40 सैनिक मारे गए। उन्होंने पूछा, राहुल ने हमारे जवानों का अपमान करने की हिम्मत कैसे की? यह बम नहीं था, एक आतंकी हमला था सर। सरमा ने कहा, कोई आश्चर्य नहीं कि उन्होंने पुलवामा हमले के पीछे पाकिस्तान का नाम लेने से इनकार कर दिया। क्या यह कांग्रेस की आतंकवादियों के साथ समझ का हिस्सा है?"

Recommended Video

    Prakash Raj ने The Kashmir Files पर की टिप्पणी तो Anupam Kher ने दिया ऐसा जवाब | वनइंडिया हिंदी

    देश को बदनाम करने का बेशर्म प्रयास

    सरमा ने पूछा, "पहले विदेशी एजेंट हमें निशाना बनाते हैं! फिर विदेशी जमीन पर हमारे अपने हमें निशाना बनाते हैं! कैंब्रिज में राहुल गांधी का भाषण और कुछ नहीं बल्कि पीएम नरेंद्र मोदी को निशाना बनाने की आड़ में विदेशी धरती पर हमारे देश को बदनाम करने का एक बेशर्म प्रयास था।"

    क्या राहुल को आतंकियों से रिटर्न गिफ्ट मिला?

    मुख्यमंत्री सरमा के पोस्ट को रीट्वीट करते हुए विवेक अग्निहोत्री ने रविवार को कहा, दिल्ली के परिवार और गुपकर रोड के परिवार की अटूट दोस्ती और कश्मीर में आतंकवाद के पीछे कौन है, इसके बारे में कौन नहीं जानता। राहुल पर कटाक्ष करते हुए विवेक ने इससे पहले कहा था कि उग्रवादियों ने उनके साथ कुछ नहीं किया क्योंकि 80 के दशक में, आपके पिता ने आतंकवादियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। इसलिए यह रिटर्न गिफ्ट मिला।

    UK में राहुल का लेक्चर

    बता दें कि राहुल गांधी ने कैंब्रिज विश्वविद्यालय में अपने व्याख्यान 'लर्निंग टू लिसन इन द 21वीं सदी' को संबोधित किया। राहुल ने कहा था कि कश्मीर में भारत जोड़ो यात्रा के दौरान उनके पास बात करने आए एक व्यक्ति ने उन्हें उग्रवादियों की तरफ इशारा किया था। उन्होंने सुनने की शक्ति और अहिंसा पर जोर देते हुए इस घटना का जिक्र किया था।

    सुरक्षा चिंताओं के बावजूद राहुल ने लोगों को बुलाया

    बकौल राहुल गांधी, "लोग आ रहे थे तभी एक आदमी मुझे देखता है और कहता है, 'कॉल मी।' इसी समय सुरक्षा में तैनात जवानों ने कहा, ऐसा न करें, लोगों को करीब न बुलाएं क्योंकि यह सभी को जोखिम में डाल रहा है। एक आदमी आता है और वह मेरे बगल में चलने लगता है। वह कहता है, मिस्टर गांधी, आप यहां हमारी बात सुनने आए हैं। मैंने कहा 'हाँ'। इस पर उन्होंने कहा, 'यह दिलचस्प है।' उसे लगा कि क्या मैं वास्तव में उसकी बातें सुनने के लिए जम्मू कश्मीर गया हूं। उसने कहा, अच्छा है।

    राहुल ने उग्रवादियों को इस तरह देखा

    राहुल के अनुसार पदयात्रा के दौरान ही उस स्थानीय आदमी ने मुझे कुछ लोगों को दिखाया और पूछा, 'आप उन लोगों को देख रहे हैं?' चलते-चलते मैंने पूछा 'कौन?' उसने कुछ लोगों की तरफ इशारा कर कहा- 'वहां पर वे लड़के। वे उग्रवादी हैं।' इतना बताने के बाद राहुल बोले कि उग्रवादियों को सामान्य रूप से उस माहौल में मुझे मार देना चाहिए था।" मैंने उन्हें देखा और वे मुझे भी देख रहे थे। मुझे लगा कि मैं मुश्किल में हूं क्योंकि इस आदमी ने अभी मुझे दहशतगर्दों के बारे में बताया है ... उन्होंने मुझे देखा मैंने भी उन्हें पीछे मुड़कर देखा और फिर हम आगे बढ़ते रहे। वहां कुछ नहीं हुआ।

    राहुल सुनने की शक्ति और अहिंसा का सिंबल!

    कैंब्रिज में कश्मीर के वाकये का जिक्र कर राहुल ने साफ किया, मैं आपको यह इसलिए बता रहा हूं क्योंकि वे कुछ नहीं कर सके। उन्होंने वास्तव में कुछ नहीं किया। कुछ भी करने की शक्ति होने के बावजूद वे चाहते हुए भी कुछ नहीं कर सके, क्योंकि मैं उस माहौल में सुनने के लिए गया था। मैं उस माहौल में पूरी तरह से बिना किसी हिंसा के गया था। वहां बड़ी संख्या में लोग ऐसा कह रहे थे कि मैं सुनने की शक्ति और अहिंसा का सिंबल था।

    केंद्र सरकार पर पेगासस की मदद से जासूसी के आरोप भी लगाए

    बता दें कि राहुल ने लेक्चर के दौरान केंद्र को आड़े हाथों लिया। हालांकि, उनके बयान पर बीजेपी नेताओं ने तगड़ा पलटवार किया। राहुल ने अपने व्याख्यान में केंद्र पर तीखा हमला करते हुए आरोप लगाया कि भारतीय लोकतंत्र की बुनियादी संरचना पर हमला किया गया है। उन्होंने यह भी दावा किया कि इजरायली स्पाईवेयर पेगासस का इस्तेमाल उनके फोन में जासूसी के मकसद से किया जा रहा था।

    Notifications
    Settings
    Clear Notifications
    Notifications
    Use the toggle to switch on notifications
    • Block for 8 hours
    • Block for 12 hours
    • Block for 24 hours
    • Don't block
    Gender
    Select your Gender
    • Male
    • Female
    • Others
    Age
    Select your Age Range
    • Under 18
    • 18 to 25
    • 26 to 35
    • 36 to 45
    • 45 to 55
    • 55+