विराट कोहली का बल्ला ख़ूब चला फिर भी अधूरी रह गई ख़्वाहिश

आईपीएल में विराट कोहली के नाम बल्लेबाज़ी के कई रिकॉर्ड हैं. लेकिन एक बार फिर आईपीएल का ख़िताब जीतने का उनका सपना अधूरा रहा.

Virat Kohlis wish remained unfulfilled

लगभग ढाई हज़ार साल पहले ग्रीस में ऐसा साहित्य उभरा, जिसमें नायक तमाम अच्छाइयों से भरा होता है, लेकिन उसकी या उसके आसपास कोई एक बुराई या कमी अंत में उसका नुक़सान करती है.

इस तरह की दुखद अंत वाली कहानियों और नाटकों को ग्रीक ट्रैजेडी की संज्ञा दी गई.

ट्रैजेडी ड्रामा- यानी ऐसी कहानी, जिसमें अंत हमेशा दुखद होता है. इसमें नायक के संघर्ष को दिखाया जाता है कि किस तरह वो वो बड़ी शक्तियों या अपनी क़िस्मत से लड़ता हुआ आगे बढ़ता रहता है, लेकिन अंत में हार जाता है.

ग्रीक ड्रैजेडी की एक अहम बात होती है कि क़िस्मत ड्रामा के चरित्रों को अपनी गिरफ़्त में रखती है.

रविवार को बेंगलुरु में जिन लोगों ने आरसीबी बनाम गुजरात का मैच देखा, उन्हें लगा होगा मानो वो क्रिकेट का मैच नहीं देख रहे, बल्कि ढाई हज़ार साल पहले एथेंस के किसी कोलिज़ियम में क्रिकेट के महानायक विराट कोहली को अपनी क़िस्मत से लड़ता देख रहे हों.

आईपीएल- विराट शतक लगा कर भी हुए निराश, शुभमन और कैमरून की सेंचुरी चर्चा में

एक आईपीएल ट्रॉफ़ी की तलाश

विराट कोहली ने क्रिकेट की सभी ऊँचाइयों को छुआ है. वो वनडे, टेस्ट और टी20 में दुनिया के नंबर वन बल्लेबाज़ रह चुके हैं.

उन्होंने वनडे का वर्ल्ड कप भी जीता है और भारत को टी20 और टेस्ट का नंबर वन टीम भी बनाया है.

उनके पास अगर कोई ट्रॉफ़ी नदारद है, तो वो है आईपीएल की ट्रॉफ़ी.

ऐसा नहीं है कि कोहली ने इस ट्रॉफ़ी को जीतने के लिए कोई कसर छोड़ी हो. उन्होंने हर वो चीज़ किया, जो किसी एक खिलाड़ी से संभव हो.

आईपीएल में बैटिंग के सारे बड़े रिकॉर्ड्स उन्होंने अपने नाम किया. सबसे ज्यादा 7188 रन बनाए हैं, उनके नाम 7 शतक भी है और 49 अर्धशतक भी.

साल 2016 में तो उन्होंने 16 मैचों में 973 रन बनाए और इसी सीज़न 4 शतक और 7 अर्धशतक लगाए. लेकिन फिर भी उनकी टीम जीत से महरूम रही.

आईपीएल के दूसरे ही सीज़न में बेंगलुरू की टीम फ़ाइनल में पहुँच गई थी, लेकिन हार गई.

इसके अलावा 2011 और 2016 में भी आरसीबी की टीम फ़ाइनल में पहुँची थी.

लेकिन टीम ख़िताब नहीं जीत पाई. 2009 में आरसीबी की टीम डेक्कन चार्जर्स से हार गई, 2011 में विराट की टीम चेन्नई सुपर किंग्स से हार गई.

जबकि 2016 में बेंगलुरू की टीम फ़ाइनल में सनराइजर्स हैदराबाद से हार गई थी.

इस साल एक बार फिर कोहली नए उत्साह से खेल रहे थे. ना सिर्फ उन्होंने 600 से अधिक रन बनाए, बल्कि कप्तान डुप्लेसी ने भी उनका साथ देते हुए अब तक टूर्नामेंट में सबसे ज़्यादा रन बनाए.

मैक्सवेल भी टीम का साथ दे रहे थे और टीम की गेंदबाज़ी बढ़िया हो रही थी.

आईपीएल 2023 के अगले राउंड में पहुँचने के लिए बेंगलुरु को बस एक जीत की ज़ररूत थी और सामने थी गुजरात टाइटंस की टीम.

कोहली ने इस मैच में जान लगा दी और शतकीय पारी खेली. पहले हाफ़ के बाद बेंगलुरु की टीम में जीत का उत्साह आ गया था.

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यादगार शतक

ठीक एक मैच पहले जब हैदराबाद के ख़िलाफ़ विराट कोहली ने शतक जड़ा था, तो उनकी पत्नी और फ़िल्म एक्टर अनुष्का शर्मा हर बार की तरह स्टेडियम में मौजूद नहीं थी.

उन्होंने मैच के बाद फ़्री होते ही सबसे पहले अनुष्का शर्मा को वीडियो कॉल किया था और अपनी खुशी ज़ाहिर की थी.

रविवार की रात जब वो शतक के क़रीब जा रहे थे, तो उनकी हौसला अफ़जाई ख़ुद अनुष्का शर्मा स्टेडियम में कर रही थी.

कोहली ने जब शतक पूरा किया, तो अनुष्का शर्मा की ख़ुशी देखते बन रही थी. दोनों के इस अंदाज़ ने लाखों लोगों का दिल जीत लिया और सोशल मीडिया पर भी इसकी ख़ूब चर्चा हुई.

बस एक जीत और प्लेऑफ़ में बेंगलुरु का आना तय हो जाता. कोहली ने जी-तोड़ मेहनत की थी और आईपीएल के इतिहास में सबसे ज्यादा शतक लगाने का रिकॉर्ड क्रिस गेल के लंबे हाथों से छीन लिया था.

अच्छा ख़ासा स्कोर खड़ा था और शुभमन गिल को छोड़कर गुजरात के बाक़ी बल्लेबाज़ कुछ ख़ास कर भी नहीं पा रहे थे.

गिल की आँखों में वही चमक थी, जो कोहली की आँखों में रनचेज़ करते वक़्त होती है, कभी ना हार मानने वाला जुनून उनकी आँखों से रिस रहा था.

गिल लगभग दो सौ की रनरेट से स्ट्राइक कर रहे थे. वो विराट कोहली की ही तरह क्लासिकल क्रिकेट शॉट्स लगा रहे थे जो मैदान से बहुत दूर तो जा रही थी.

लेकिन इन शॉट्स पर दुनिया का कोई भी कोच उंगली नहीं उठा सकता था. पिछले 22 टी-20 मैचों में 4 शतक लगाने वाले शुभमन गिल असल में विराट कोहली के ही तो उत्तराधिकारी हैं, जैसे कोहली सचिन तेंदुलकर के और सचिन सुनील गावसकर के थे.

कोहली के शतक को गिल के शतक का जवाब मिला था. जिस तरह गिल शतक के क़रीब पहुँच रहे थे और डगआउट में कोहली निराश होते हुए अपनी कैप से खेल रहे थे.

उस समय ऐसा लग रहा था मानो सोहराब रुस्तम को मात दे रहे हो.

रुस्तम सोहराब के दंगल में भी दर्शकों की आँखें नम थी, दंगल फ़िल्म में भी अपने बाप को पटखनी देती हुई बेटी को देखकर दर्शकों की आँखें भीगं गई थी.

रविवार को चिन्नास्वामी में भी अपने चहेते विराट की टीम को हारता देख दर्शक स्तब्ध थे. गिल के हरेक लाजबाव शॉट्स पर क्रिकेट के चाहने वालों के हाथों से तालियाँ निकल रही थी और आँखों से पानी.

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विराट का संघर्ष जारी

मैच से पहले गुजरात के कप्तान हार्दिक पंड्या ने कहा था कि जीतना एक आदत होती है.

उनकी टीम भले ही प्लेऑफ़ के लिए क्वालिफ़ाई कर चुकी हो, और भले ही बेंगलुरू को जीतना बेहद ज़रूरी क्यों ना हो, वो हार के लिए नहीं खेलेंगे.

अंत में उनकी टीम ही जीती. गुजरात ने पिछले साल पहली बार आईपीएल खेला और पहली बार में ही वो टाइटल जीत भी गए.

इस साल भी गुजरात की टीम प्रमुख दावेदार है.

जब शुभमन गिल ने जीत दिलाने वाला छक्का लगाया और हार्दिक पंड्या दौड़ कर उन्हें मुबारक देने पँहुचे, तो कैमरा विराट कोहली की तरफ़ भी गया.

विराट का चेहरा उतर चुका था. और चेहरे पर ऐसे भाव, मानो वो अहमद फ़राज़ की इन पंक्तियों को याद कर रहे हो......

किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंज़िल...

कोई हमारी तरह उम्र भर सफ़र में रहा.

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