चांद के दक्षिणी ध्रुव पर कैसे उतरेगा chandrayaan 3 का विक्रम लैंडर, एनिमेशन वीडियो में देखें
पूरी दुनिया की नजर भारत के चंद्रयान-3 मिशन पर है। वो जल्द ही चांद की सतह पर सॉफ्ट लैंडिंग करेगा। इस बीच एक एनिमेशन वीडियो सामने आया है, जिसमें चंद्रयान-3 की पूरी लैंडिंग प्रक्रिया को दिखाया गया है। (वीडियो-नीचे)
चंद्रयान-3 अभी तक चांद की कक्षा में चक्कर लगा रहा था, लेकिन गुरुवार को उसने एक अहम पड़ाव पार कर लिया। विक्रम लैंडर दोपहर में प्रोपल्शन मॉड्यूल से अलग हो गया। अब वो अकेले ही आगे की यात्रा करेगा।

इस मिशन में सबसे अहम काम विक्रम लैंडर का है। अभी तक ये गोलाकार कक्षा में घूम रहा था, लेकिन अब ये डीऑर्बिटिंग करेगा, जिसके जरिए इसकी कक्षा अंडाकार हो जाएगी। फिर ये धीरे-धीरे अपने इंजन का इस्तेमाल करते हुए चांद की सतह की ओर बढ़ेगा।
वैसे तो सतह की ओर जाते वक्त इसकी स्पीड काफी ज्यादा होगी, लेकिन इसके इंजन उसको कम करने का काम करेंगे। जब 23 अगस्त को चंद्रमा से उसकी दूरी 30 किमी रह जाएगी, तो सॉफ्ट लैंडिंग की कोशिश होगी।
इसरो के मुताबिक सॉफ्ट लैंडिंग की प्रक्रिया सबसे कठिन पड़ाव है। लैंडर को परिक्रमा करते हुए खुद को 90 डिग्री तक घुमाना होगा। वहीं जब लैंडिंग प्रक्रिया शुरू होगी, तो लैंडर की रफ्तार 1.68 किमी प्रति सेकेंड होगी। इसको उसमें लगे थ्रस्टर (इंजन) की मदद से कम किया जाएगा।
सॉफ्ट लैंडिंग में फेल हुआ था चंद्रयान-2
इससे पहले 2019 में चंद्रयान-2 मिशन लॉन्च किया गया था। ये यान तो चंद्रमा की कक्षा में आसानी से पहुंच गया, लेकिन जब इसका अंतिम चरण शुरू हुआ, तो गड़बड़ी आ गई थी। वैज्ञानिकों के मुताबिक सॉफ्ट लैंडिंग से कुछ किमी पहले ही लैंडर से संपर्क टूट गया था। बाद में पता चला कि दुर्घटना सॉफ्टवेयर में गड़बड़ी की वजह से हुई थी।
अंदर है रोवर
चंद्रयान-3 के लैंडर के अंदर प्रज्ञान नाम का रोवर है, जो चंद्रमा पर रिसर्च करेगा। वो वहां की बनावट, चट्टानों आदि की जानकारी हासिल करने के मकसद से गया है।












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