Vijay Thalapathy: 'सिनेमा से सत्ता तक', दक्षिण भारत में सुपरस्टार राजनीति की परंपरा, अब विजय बने नया चेहरा
Vijay Thalapathy: दक्षिण भारत की राजनीति में फिल्मों और सत्ता का रिश्ता बेहद पुराना और दिलचस्प रहा है। यहां कई ऐसे सितारे हुए जिन्होंने पर्दे पर लोगों का दिल जीता और बाद में राजनीति में उतरकर जनता के नेता बन गए। अब इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए Vijay ने तमिलनाडु की राजनीति में नई ताकत के रूप में अपनी पहचान बना ली है। तमिलनाडु में अभिनेता से नेता बनने की मजबूत नींव सबसे पहले M. Karunanidhi, M. G. Ramachandran और J. Jayalalithaa जैसे दिग्गजों ने रखी।
करुणानिधि फिल्मों में पटकथा लेखक के रूप में मशहूर हुए और बाद में पांच बार तमिलनाडु के मुख्यमंत्री बने। वहीं एमजीआर ने "गरीबों के मसीहा" की छवि के दम पर राजनीति में ऐतिहासिक सफलता हासिल की। एमजीआर की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाते हुए जयललिता ने भी फिल्मी दुनिया से निकलकर सत्ता के शिखर तक का सफर तय किया। "अम्मा" के नाम से लोकप्रिय जयललिता ने तमिल राजनीति पर वर्षों तक मजबूत पकड़ बनाए रखी।

आंध्र प्रदेश में N. T. Rama Rao यानी एनटीआर ने राजनीति में क्रांति ला दी। फिल्मों में भगवान राम और कृष्ण की भूमिका निभाने वाले एनटीआर ने 1982 में तेलुगु देशम पार्टी बनाई और महज नौ महीने में मुख्यमंत्री बन गए। यह "तेलुगु गौरव" की राजनीति का बड़ा प्रतीक बना। इसके बाद कई अन्य सितारों ने भी राजनीति में अपनी किस्मत आजमाई। Vijayakanth ने डीएमडीके बनाकर डीएमके और एआईएडीएमके को चुनौती दी। वहीं Pawan Kalyan ने आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पद तक का सफर तय किया।
Chiranjeevi रहे फेल तो Rajkumar का दिखा असर
दूसरी ओर Chiranjeevi की राजनीति ज्यादा सफल नहीं रही। उनकी पार्टी प्रजा राज्यम सीमित सफलता के बाद राजनीति से लगभग दूर हो गई। कर्नाटक में Anant Nag और Rajkumar जैसे नामों का बड़ा प्रभाव रहा। राजकुमार ने कभी चुनाव नहीं लड़ा, लेकिन उनकी लोकप्रियता इतनी थी कि उनका समर्थन राजनीतिक माहौल बदल सकता था।
Sivaji Ganesan और Rajinikanth की कहानियां भी काफी चर्चित
केरल में Suresh Gopi ने 2024 लोकसभा चुनाव में बीजेपी को पहली बार बड़ी जीत दिलाकर इतिहास रच दिया। दक्षिण भारतीय राजनीति में Sivaji Ganesan और Rajinikanth की कहानियां भी काफी चर्चित रहीं। शिवाजी गणेशन राजनीति में पूरी ताकत से उतरे लेकिन चुनावी सफलता नहीं मिली। वहीं रजनीकांत ने दशकों तक राजनीति में आने के संकेत दिए, लेकिन आखिरकार स्वास्थ्य कारणों से पीछे हट गए।
एक्टर से नेता बनने की परंपरा अभी खत्म नहीं
अब तमिल राजनीति में सबसे बड़ी चर्चा विजय की है। उनकी पार्टी Tamilaga Vettri Kazhagam (TVK) ने 2024 में राजनीतिक मैदान में कदम रखा और 2026 तक विजय ने अपने विशाल फैन बेस को मजबूत राजनीतिक कैडर में बदल दिया। इससे साफ है कि दक्षिण भारत में "एक्टर से नेता" बनने की परंपरा अभी खत्म नहीं हुई, बल्कि नए दौर में और मजबूत होकर उभर रही है।














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