जिस बैरक में आतंकी कसाब था बंद उसी में रखे जाएंगे नीरव मोदी-विजय माल्‍या?

नई दिल्‍ली। ब्रिटेन की वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट कोर्ट में शुक्रवार को भगोड़े हीरे कारोबारी नीरव मोदी की प्रत्यर्पण सुनवाई के दौरान कुछ ऐसी बातें हुईं जिसे सुनकर वहां मौजूद लोगों के होठों पर मुस्‍कान आ गई। सुनवाई के दौरान जज एम्मा अर्बथनॉट ने प्रॉसेक्यूशन से कहा कि क्या विजय माल्या और नीरव मोदी दोनों को एक ही जेल सेल में रखा जाएगा? आपको बता दें कि 48 साल का हीरा कारोबारी नीरव मोदी ने 13 हजार करोड़ रुपये के घोटाले का आरोपी है।

कोर्ट में पूछा गया- सेल में पर्याप्त जगह तो है ना?

कोर्ट में पूछा गया- सेल में पर्याप्त जगह तो है ना?

कोर्ट में सुनवाई की शुरुआत में चीफ मैजिस्ट्रेट अर्बथनॉट ने कहा कि उन्होंने दिसंबर में माल्या के प्रत्यर्पण का आदेश दिया था और तभी से लग रहा था कि उन्हें आगे भी ऐसा करना पड़ेगा। जज ने पूछा, 'क्या आपको पता है कि नीरव मोदी को भारत की किस जेल में रखा जाएगा?' भारत की तरफ से बहस कर रहे क्राउन प्रॉसेक्यूशन सर्विस ने कहा कि उनको प्रत्यर्पण के बाद मुंबई ले जाया जाएगा। उन्होंने कहा, 'नीरव को उसी आर्थर रोड जेल में रखा जाएगा जिसे माल्या के लिए भी तैयार किया गया है।' इस पर जज ने कहा, 'क्या दोनों को एक ही सेल में रखा जाएगा? पर्याप्त जगह तो है ना?'

वीडियो देखकर अदालत पहले ही सुविधाओं से संतुष्ट हो चुकी है

वीडियो देखकर अदालत पहले ही सुविधाओं से संतुष्ट हो चुकी है

भारत की तरफ से पेश ब्रिटिश सरकार की क्राउन प्रॉसीक्यूशन सर्विस के वकील ने जज एमा को बताया कि मोदी को भी माल्या की ही जेल बैरक में रखा जाएगा, जिसका वीडियो देखकर अदालत पहले ही वहां की सुविधाओं से संतुष्ट हो चुकी है। बता दें कि माल्या के लिए अदालत की तरफ से तय मानकों पर दोबारा तैयार कराई गई इसी बैरक में 26/11 मुंबई हमले का आतंकी अजमल कसाब भी फांसी दिए जाने से पहले तक कड़ी सुरक्षा में रखा गया था।

वनुआटू की नागरिकता लेने की कोशिश में था नीरव मोदी

वनुआटू की नागरिकता लेने की कोशिश में था नीरव मोदी

कोर्ट को यह पता चला है कि नीरव ने वनुआटू की नागरिकता हासिल करने के लिए 1 करोड़ 38 लाख 95 हजार 843 रुपये देने की कोशिश की थी। वनुआटू दक्षिण प्रशांत महासागर का एक छोटा सा द्वीप है। उसने 2017 के आखिर में वहां की नागरिकता लेने की कोशिश की थी लेकिन उसे मना कर दिया गया। भारत सरकार की तरफ से अदालत में पेश हुए वकील टोबी कैडमेन ने कहा, 'वनुआटू अधिकारियों को जब पता चला कि उसकी किसी मामले में जांच चल रही है तो उन्होंने उसे नागरिकता देने से मना कर दिया।' इसी बीच नीरव पर गवाह को फोन करके जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगा है। कैडमैन ने कहा, 'नीरव ने एक गवाह को फोन करके जान से मारने की धमकी दी है।'

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