VIDEO: जेल से बाहर आते ही रात के ढाई बजे चंद्रशेखर 'रावण' का बीजेपी के खिलाफ 'शंखनाद', देखिए क्या-क्या कहा

VIDEO: जेल से निकलते ही रात ढाई बजे क्या बोले चंद्रशेखर रावण

नई दिल्ली। भीम आर्मी के संस्थापक और अध्यक्ष चंद्रशेखर उर्फ रावण को जेल से रिहा कर दिया गया है। मई 2017 से चंद्रशेखर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत जेल में बंद थे। गुरुवार रात करीब 2 बजे जेल से बाहर निकलते ही चंद्रशेखर पुराने रंग में दिखे और ऐलान किया कि हम तब तक न सोएंगे न सोने देंगे, जब तक 2019 की गद्दी न पलट दें। उन्होंने कहा कि आज मैं फिर वादा करता हूं चंद्रशेखर तब तक कोई सम्मान नहीं कराएगा जब तक वो भाजपा को सत्ता से उखाड़ नहीं दे। देखिए जेल से बाहर आने के बाद चंद्रशेखर उर्फ रावण का पहला वीडियो, आखिर उन्होंने क्या कुछ कहा...

चंद्रशेखर 'रावण' का ऐलान- भाजपा को सत्ता से बेदखल कर दें

जेल से बाहर निकलने के बाद चंद्रशेखर उर्फ रावण ने मीडिया से बात की। इस दौरान उनके निशाने पर बीजेपी ही थी। उन्होंने कहा, "सरकार तो बहुत दूर की बात विपक्ष में भी जगह नहीं मिले। जो लोग बहुजन की बात करते हैं उन्हें चाहिए कि वो गठबंधन करें और मजबूती से लड़ें और भाजपा को सत्ता से बेदखल कर दें। उन्होंने कहा कि रही-सही कसर भीम आर्मी वाले पूरा कर देंगे। आप बिल्कुल तय कर लें और कमर कस लें न हम सोएंगे न सोने देंगे, जब तक 2019 की गद्दी न पलट दें।"

'मैं तब तक कोई सम्मान नहीं कराऊंगा, जब तक बीजेपी को उखाड़ नहीं दूं'

'मैं तब तक कोई सम्मान नहीं कराऊंगा, जब तक बीजेपी को उखाड़ नहीं दूं'

चंद्रशेखर रावण ने आगे कहा, "कोई स्वागत समारोह कुछ भी नहीं होगा अगर किसी के मन में ऐसा है तो वो इसे मन से निकाल दें। मैं जेल से बाहर इसलिए आया क्योंकि हम काम करेंगे। मैंने एक वादा बिहारीगढ़ में किया था कि मैं तब तक माला नहीं पहनूंगा जब तक सहारनपुर से जातिगत शोषण की घटनाएं खत्म न हो जाएं। 4 दिसंबर 2016 को मैंने सहानरपुर में माला पहनीं, आज मैं फिर वादा करता हूं चंद्रशेखर तब तक कोई सम्मान नहीं कराएगा जब तक वो भाजपा को सत्ता से उखाड़ नहीं दे।"

भीम आर्मी का यूपी में है अच्छा खासा प्रभाव

भीम आर्मी का यूपी में है अच्छा खासा प्रभाव

चंद्रशेखर उर्फ रावण भीम आर्मी के संस्थापक और अध्यक्ष हैं। भीम आर्मी ने बहुत ही कम समय में उत्तर प्रदेश में अपना अच्छा खासा प्रभाव बना लिया। चंद्रशेखर उर्फ रावण के मुताबिक, भीम सेना एक ऐसा मंच है, जहां हम युवाओं को अपने दलित समाज के हित में कार्य करने के लिए जागरूक करते हैं। वह भगवान बुद्ध की शिक्षाओं के साथ साथ डॉ. अंबेडकर के अहिंसावादी रास्तों का पालन करते हैं। उन्होंने कहा कि मैं सभी को बताता हूं कि इन दिनों सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि दमन से लड़ने के लिए दलित शिक्षित हों।

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