CWC meeting Today: मनरेगा पर सियासी संग्राम! मल्लिकार्जुन खड़गे का ऐलान, 5 जनवरी से सड़क पर उतरेगी कांग्रेस
CWC meeting Today: कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) की अहम बैठक में शनिवार को कई बड़े राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में विशेष रूप से नौ राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों में चल रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR), संसद के शीतकालीन सत्र में पारित G RAM G Bill (जिसने मनरेगा की जगह ली है), और बांग्लादेश में जारी अशांति जैसे विषय प्रमुख रहे।
बैठक के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला और मनरेगा को खत्म किए जाने के फैसले के खिलाफ देशव्यापी आंदोलन का ऐलान किया।

CWC बैठक में शीर्ष नेताओं की मौजूदगी
कांग्रेस की सर्वोच्च निर्णय लेने वाली संस्था CWC की इस बैठक में पार्टी के कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए। इनमें कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी, राहुल गांधी, शशि थरूर समेत अन्य बड़े नेता मौजूद रहे। बैठक में संगठनात्मक मुद्दों के साथ-साथ मौजूदा राजनीतिक हालात और सरकार की नीतियों पर गहन मंथन किया गया।
मनरेगा हटाने पर जनता में गुस्सा: खड़गे
बैठक के बाद प्रेस को संबोधित करते हुए खड़गे ने कहा कि मनरेगा को समाप्त कर उसकी जगह 'विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण)' कानून लाना जनता के साथ धोखा है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह फैसला राज्यों से बिना किसी सलाह-मशवरे के लिया गया है, जिससे राज्यों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। खड़गे ने चेतावनी दी कि मनरेगा को हटाने से ग्रामीण गरीब, मजदूर और जरूरतमंद वर्ग बुरी तरह प्रभावित होगा और इसी कारण देशभर में सरकार के खिलाफ गुस्सा बढ़ रहा है।
5 जनवरी 2026 से 'मनरेगा बचाओ आंदोलन'
कांग्रेस अध्यक्ष ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा,CWC की बैठक में यह प्रस्ताव पारित किया गया है कि 5 जनवरी 2026 से देशभर में 'मनरेगा बचाओ आंदोलन' शुरू किया जाएगा। कांग्रेस लोकतांत्रिक तरीके से हर उस साजिश का विरोध करेगी, जिसका मकसद महात्मा गांधी का नाम मनरेगा से हटाना और श्रमिकों के अधिकारों को भीख में बदलना है। खड़गे ने कहा कि पार्टी संविधान और लोकतंत्र में आस्था रखते हुए हर गांव में श्रमिकों की आवाज उठाएगी और "जय संविधान" तथा "जय हिंद" के नारे के साथ आंदोलन को आगे बढ़ाएगी।
G RAM G Bill पर कांग्रेस का कड़ा विरोध
कांग्रेस का कहना है कि VB-G RAM G Act, जिसे यूपीए सरकार के दौर की मनरेगा योजना की जगह लाया गया है, पूरी तरह एकतरफा फैसला है। पार्टी के अनुसार, यह कानून रोजगार की गारंटी को कमजोर करता है और राज्यों को आर्थिक रूप से अधिक निर्भर बना देगा। यह विधेयक संसद के शीतकालीन सत्र में पारित हो चुका है और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की मंजूरी भी मिल चुकी है, लेकिन इसके बावजूद कांग्रेस ने इसे सड़कों पर चुनौती देने का फैसला किया है।
SIR को लेकर भी सरकार पर निशाना
CWC बैठक में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) का मुद्दा भी जोर-शोर से उठा। खड़गे ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों को सीमित करने की "सोची-समझी साजिश" करार दिया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी पहले ही तथ्यों और उदाहरणों के साथ देश के सामने "वोट चोरी" से जुड़े सबूत रख चुके हैं। कांग्रेस का आरोप है कि SIR के जरिए चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है, जो लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरा है।
बांग्लादेश की स्थिति पर भी चर्चा
बैठक में पड़ोसी देश बांग्लादेश में जारी अशांति और उसके क्षेत्रीय प्रभावों पर भी चर्चा की गई। कांग्रेस नेताओं ने माना कि पड़ोसी देशों की अस्थिरता का असर भारत की सुरक्षा और कूटनीति पर भी पड़ सकता है, इसलिए सरकार को इस पर गंभीर और संतुलित रुख अपनाना चाहिए।
CWC बैठक के बाद कांग्रेस ने साफ कर दिया है कि मनरेगा, लोकतांत्रिक अधिकारों और चुनावी प्रक्रिया के मुद्दे पर वह सरकार को घेरने से पीछे नहीं हटेगी। आने वाले महीनों में 'मनरेगा बचाओ आंदोलन' और SIR के खिलाफ विरोध के जरिए कांग्रेस केंद्र सरकार पर दबाव बनाने की तैयारी में है।












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