RCB पर अब होगा आदित्य बिड़ला ग्रुप का राज, CCI से मिली हरी झंडी, 16,660 करोड़ रुपये में बिक गई टीम!
IPL RCB team: भारतीय स्पोर्ट्स इंडस्ट्री के इतिहास में एक बड़ा कॉरपोरेट बदलाव होने जा रहा है। भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) ने इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) की सबसे पॉपुलर फ्रेंचाइजी में से एक रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के मालिकाना हक ट्रांसफर को अपनी मंजूरी दे दी है। यह पूरा डील 16,660 करोड़ रुपये का है। यह डील पूरी तरह से ऑल कैश चुकाया जाएगा।
आदित्य बिड़ला ग्रुप के पास मालिकाना हक (IPL RCB team)
इस साल मार्च में यूनाइटेड स्पिरिट्स लिमिटेड (USL) ने आरसीबी को बेचने की घोषणा की थी। अब देश के निष्पक्ष व्यापार नियामक से हरी झंडी मिलने के बाद इस सौदे का रास्ता साफ हो गया है। आरसीबी का मालिकाना हक अब किसी एक कंपनी के पास न रहकर एक बड़े कंसोर्टियम (कंपनियों के समूह) के पास जाएगा। इस समूह का नेतृत्व आदित्य बिड़ला ग्रुप कर रहा है। इसके अलावा इस कंसोर्टियम में 'द टाइम्स ऑफ इंडिया ग्रुप', 'बोल्ट वेंचर्स' और वैश्विक निवेश फर्म 'ब्लैकस्टोन' शामिल हैं।

यूनाइटेड स्पिरिट्स क्यों बेच रहा है टीम?
नियामक कागजातों के मुताबिक यह डील मुख्य रूप से बिग बरगद होल्डिंग्स 'बोल्ट आईपीएल होल्डिंग्स', 'टाइम्स इंटरनेट' और 'आईसीक्यू अपॉर्च्युनिटीज' जैसी सहयोगी इकाइयों के माध्यम से पूरी की जा रही है, जो रॉयल चैलेंजर्स स्पोर्ट्स की 100% हिस्सेदारी खरीदेंगे। यूनाइटेड स्पिरिट्स (USL) के लिए आरसीबी एक बेहद सफल और हाई-प्रोफाइल ब्रांड रहा है।
हालांकि, कंपनी अब अपने मूल बिजनेस यानी 'अल्कोहलिक बेवरेजेस' (शराब व्यवसाय) पर पूरा ध्यान केंद्रित करना चाहती है। खेल फ्रेंचाइजी का संचालन कंपनी के मुख्य व्यवसाय का हिस्सा नहीं था। इस सौदे से मिलने वाली भारी-भरकम राशि से कंपनी अपनी बैलेंस शीट को और मजबूत कर सकेगी और गैर-मुख्य एसेट से सम्मानजनक एग्जिट ले पाएगी।
खेल से बड़ा निवेश बना IPL
यह सौदा इस बात का पुख्ता प्रमाण है कि आईपीएल टीमों का वैल्यूएशन अब केवल क्रिकेट मैच जीतने या हारने तक सीमित नहीं रह गया है। 16,660 करोड़ रुपये की यह वैल्यूएशन बताती है कि आईपीएल अब लाइव स्पोर्ट्स, डिजिटल स्ट्रीमिंग, विज्ञापन, और मर्चेंडाइज का एक बहुत बड़ा कमर्शियल प्लेटफॉर्म बन चुका है।
टीम और फैंस पर क्या असर होगा?
खिलाड़ियों के कॉन्ट्रैक्ट, टीम का नाम और टूर्नामेंट में भागीदारी आईपीएल के केंद्रीय नियमों से तय होते हैं, इसलिए मैदान पर तुरंत कोई बदलाव नहीं दिखेगा। नए मालिकों के आने से टीम की कमर्शियल रणनीति बदलेगी। अब नॉन-मैच डे (जिस दिन मैच न हो) रेवेन्यू, मर्चेंडाइजिंग, डिजिटल फैन कम्युनिटी और वैश्विक ब्रांडिंग पर ज्यादा फोकस किया जाएगा।















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