सरकार की योजनाओं को प्रदेशभर में पहुंचाने के लिए 10-15 वर्ष और चाहिए- वसुंधरा राजे
नई दिल्ली। राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे प्रदेश में तमाम सरकारी योजनाओं को प्रदेशभर में लागू करने के लिए 10-15 वर्ष का समय मांगा है। उन्होंने कहा कि इन सभी योजनाओं को पूरे प्रदेश में लागू करने के लिए पांच वर्ष पर्याप्त नहीं है, इसके लिए कम से कम 10-15 वर्ष की जरूरत है। राजे का बयान ऐसे समय में आया है जब राजस्थान में चुनाव होने हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की विकास की योजनाओं और किसानों के समर्थन वाली योजनाओं को प्रदेश के हर कोने में पांच वर्ष में नहीं पहुंचाया जा सकता है।

गुजरात-मध्य प्रदेश का दिया उदाहरण
वसुंधरा राजे ने यह बयान अखिल भारतीय कीरद क्षत्रीय महासभा के 11वें अधिवेशन के दौरान दिया। यह अधिवेशन रंगबाड़ी इलाके में धरनीधर गार्डेन में आयोजित किया गया था। कार्यक्रम में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी मौजूद थे। इस दौरान वसुंधरा ने कहा कि प्रदेश में विकास की योजनाओं को हर कोने तक पहुंचान के लिए पांच वर्ष पर्याप्त नहीं है, इसके लिए कम से कम 10-15 वर्ष की जरूरत है, जैसे कि गुजरात और मध्य प्रदेश में हुआ है।

हमपर काफी कर्ज का बोझ था
राजे ने कहा कि उनकी सरकार ने पिछली सरकार के दौरान जमा हुए कई कर्ज को चुकाया है। पिछली सरकार के दौरान प्रदेश पर काफी कर्ज का बोझ लादा गया, लेकिन विकास की योजनाओं और बेहतर प्रशासन की बदौलत साढ़े चार साल में इसे कम किया जा सका है, प्रदेश को विकास की राह पर आगे बढ़ाया गया है, साथ ही किसानों को कर्ज के बोझ से भी मुक्ति दिलाई गई है। राज्य सरकार ने 62000 करोड़ रुपए का किसानों का लोन 5 फरवरी को माफ कर दिया। इस वर्ष के अंत तक फसल पर लोन 80000 करोड़ रुपए तक पहुंच जाएगा।

किसानों के लिए काम किया
फसल के लिए लोन पर ब्याज दर को 12 फीसदी से घटाकर 5.5 कर दिया गया है। राजस्थान ने स्टेट एग्रीकल्चर लोन रिलीफ कमीशन का निर्माण किया है, जोकि किसानों की मदद के लिए बनाया गया है। इस कमेटी की अध्यक्षता गुलाब चंद कटारिया कर रहे हैं, वह जल्द ही बड़ी घोषणा करेंगे।
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