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नेता नहीं बेटा बनकर सुलतानपुर पहुंचे वरूण गांधी....

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लखनऊ। लोकसभा चुनावी तूफान में हर नेता अपने आपको जनता का हिमायती बता रहा है। नेतागण जनता से इमोशनली भी जुड़ने की कोशिश कर रहे हैं। जिसकी बानगी दिखी बुधवार को सुलतानपुर में। जहां भाजपा के तेज-तर्रार वरूण गांधी एक चुनावी सभा को संबोधत कर रहे थे।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय महासचिव वरुण गांधी ने बुधवार को क्षेत्रीय लोगों से अपने भावनात्मक रिश्ते कायम करते हुए कहा कि मैं जाति मजहब के नाम पर वोट की राजनीति नहीं करता मैं यहां नेता के रूप में नहीं बल्कि आप लोगों का बेटा और भाई बनकर दु:ख बांटने आया हूं।

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सदर विधानसभा क्षेत्र के बरौंसा, उघड़रपुर, मिश्रौली, बगियागॉव चैराहे पर हुई नुक्कड़ सभाओं में गांधी ने कहा कि मैं चाहता हूं कि मेरी ताकत आप लोगों की ताकत बने। राजनीति में जीतना कोई ताजपोशी नहीं है बल्कि जिम्मेदारी पाना है।

राहुल के चचेरे भाई वरूण ने कहा कि यह धरती मेरी मां है। वरूण ने कहा कि मेरे पापा संजय गांधी ने अपनी सियासी पारी यहीं से शुरू की थी इसलिए मेरे लिए यह जगह पूज्यनीय है। पहले मैं अपनी मां की गोद में बैठकर यहां आया करता था लेकिन आज मैं खुद आया हूं।

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वरूण ने कहा कि बीजेपी अगर मुझे लोकसभा का टिकट देती हैं तो मैं यहीं से चुनाव लड़ना पसंद करूंगा। वरुण ने कहा कि ईमानदार पार्टी और ईमानदार नेता ही उप्र और देश की तस्वीर बदल सकता है।

वरुण ने कहा, "उप्र में मायावती और मुलायम के शासनकाल में सुव्यवस्थित तरीके से भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिलता रहा है। हम लोग एक या दो लाख करोड़ रुपये के घोटाले का जिक्र करते हैं लेकिन ध्यान देने लायक बात यह है कि यह महज आंकड़े नहीं हैं।" उन्होंने कहा कि इन पैसों से लाखों स्कूल खोले जा सकते थे और लाखों नौजवानों को रोजगार मुहैया कराया जा सकता था।

इस बीच अटकलें यह भी हैं कि वरुण गांधी को पार्टी इस बार सुल्तानपुर संसदीय सीट से चुनाव लड़ाने का मन बना चुकी है। फिलहाल अभी किसी भी तरह की अधिकारिक घोषणा नहीं की गयी है।

Did You Know: पिछले दिनों विकिलीक्स के हवाले से कहा गया था कि इमरजेंसी के दौरान इंदिरा गांधी के बेटे और मशहूर राजनेता संजय गांधी को तीन बार मारने की कोशिश की गयी थी। विकिलीक्स का कहना है कि संजय गांधी पर 30 या 31 अगस्त 1976 में तीन गोलियां चलायी गयी थीं जिसमें संजय जख्मी हुए थे। संजय पर यह हमले यूपी दौरे के दौरान हुए थे।

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English summary
Varun Gandhi has started campaigning in Sultanpur before the BJP has even declared its candidates for Uttar Pradesh. Sultanpur is not his seat in the first place; he represents Pilibhit.
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