'Asaduddin Owaisi के पूर्वज हिंदू, ब्राह्मण कुल में हुआ जन्म', बृजभूषण शरण सिंह के दावे से मची खलबली
Asaduddin Owaisi: कैसरगंज के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने एआईएमआईएम अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी को लेकर कुछ ऐसा कहा, जिस पर बवाल मच गया है। एक निजी कार्यक्रम में बात करते हुए बृजभूषण शरण सिंह ने दावा किया कि 'एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी के पूर्वज हिंदू थे और उनका जन्म ब्राह्मण कुल में हुआ था।'
जिसके बाद सोशल मीडिया पर बवाल मच गया है, कुछ लोग बृजभूषण शरण सिंह के पक्ष में हैं तो कुछ लोग उनका विरोध भी कर रहे हैं। अपने बयान में बृजभूषण शरण सिंह ने वंदे मातरम के मुद्दे को भी उठाया।

उन्होंने सवाल किया कि 'यह भारत में नहीं तो क्या पाकिस्तान में गाया जाएगा? उन्होंने कहा कि 'कांग्रेस जानबूझकर ऐसे मुद्दों पर देश का ध्यान भटकाती है, जिससे उसकी दुर्गति हुई है। वंदे मातरम स्वतंत्रता संग्राम का आधार था, जिसमें बड़ी संख्या में मुस्लिम भी शामिल थे।'
'भारत में रुके 80 प्रतिशत मुसलमान कन्वर्टेड' (Asaduddin Owaisi)
उन्होंने आगे कहा कि 'जिन्ना के अलावा किसी को वंदे मातरम से परहेज नहीं था। उन्होंने अंग्रेजों पर भारत को धर्म के नाम पर बांटने का आरोप लगाया और कहा कि भारत में रुके 80 प्रतिशत मुसलमान कन्वर्टेड है।'
'हमारे संविधान की शुरुआत वी द पीपल से होती है' (Asaduddin Owaisi)
जहां बृजभूषण शरण सिंह ने ओवैसी पर ये टिप्पणी की है, वहीं दूसरी ओर लोकसभा में वंदे मातरम के 150 साल पूरे होने पर हो रही विशेष चर्चा में असदुद्दीन ओवैसी ने जो कहा वो और भी चौंकाने वाला था। उन्होंने कहा कि 'हमारे संविधान की शुरुआत वी द पीपल से होती है ना कि किसी देवी-देवता के नाम से पहले प्रिंबल में लिखे गए लिबर्टी ऑफ थॉट से, ये सरासर गलत बात है।'
'किसी से वफादारी का सबूत ना मांगा जाए' (Asaduddin Owaisi)
'अपने मुल्क, वतन से मोहब्बत करना एक अलग बात है लेकिन देशभक्ति को धार्मिक अनुष्ठान या पाठ से बांधना गलत है। वंदे मातरम को लेकर सरकार ज़बरदस्ती न करे और किसी से वफादारी का सबूत ना मांगा जाए।' इस बयान के बाद से ओवैसी भी लगातार सोशल मीडिया पर निशाना बने हुए हैं।
कांग्रेस ने राष्ट्रगीत के टुकड़े किए: PM मोदी
सोमवार को जब वंदे मातरम पर सदन में बहस शुरू हुई तो पीएम मोदी ने कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा था कि 'इस पार्टी ने हमारे राष्ट्रगीत के टुकड़े किए , उन्होंने प्रश्न किया कि जब बापू को 'वंदे मातरम नेशनल एंथम के रूप में दिखता था तो इसे एंथम क्यों नहीं बनाया गया?'
उन्होंने कहा कि 'मोहम्मद अली जिन्ना ने वंदे मातरम के ख़िलाफ़ सवाल उठाया था और जवाहरलाल नेहरू ने 'वंदे मातरम की जांच शुरू की थी, वो भी सोचते थे कि वंदे मातरम मुस्लिमों को भड़का रहा है।'












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