Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

Valentine's Day 2024: कोर्ट मैरिज के लिए इन डॉक्यूमेंट की पड़ती है जरूरत, देखें पूरी लिस्‍ट

Court Marriage Process, Required Documentin Hindi: 'हम एक-दूसरे से बेपनाह मोहब्‍बत करते हैं। शादी तो कर लें, मगर घरवाले नहीं मानेंगे।'

अधिकांश प्रेमी जोड़ों को यह जरूर सुनने को मिलता है। खासकर तब जब इश्‍क का यह मामला अलग-अलग जाति-धर्म से हो। ऐसे में कई जोड़े घर से भागकर कोर्ट मैरिज की राह पकड़ लेते हैं।

Court Marriage In India on Valentine

यह भी पढ़ें- Valentine Week 2024: प्‍यार पाने के लिए छत से कूदी लड़की, टूटी टांग पर प्‍लॉस्‍टर बांध की शादी, देखें VIDEO

घर से भागकर कोर्ट मैरिज करने से प्रेमी जोड़ों के विवाह कानूनी मान्‍यता मिल जाती है। फिर उससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि उनके परिजनों की इजाजत है या नहीं। हालांकि कई लोग परिजनों की रजामंदी से भी कोर्ट मैरिज करते हैं।

अपने प्‍यार पर कानून की मुहर लगवाने के लिए प्रेमी जोड़ों को कई तरह के दस्‍तावेजों की जरूरत पड़ती है। अगर पर्याप्‍त दस्‍तावेज नहीं हुए तो कोर्ट मैरिज में एनवक्‍त पर बाधा भी आ सकती है।

Valentine Day 2024 के मौके पर CourtMarriageDelhi.Com के अनुसार जानिए Court Marriage के लिए क्‍या-क्‍या दस्‍तावेज चाहिए?

Court Marriage In India on Valentine

1. पासपोर्ट आकार के फोटो -प्रत्येक विवाहित व्यक्ति के चार।
2. विवाहित व्यक्तियों का आवासीय प्रमाण (वोटर कार्ड / पासपोर्ट / राशन कार / ड्राइविंग लाइसेंस / बैंक पासबुक / लीज डीड / रेंट डीड)।
3. विवाह करने वाले व्यक्तियों की जन्मतिथि का प्रमाण (नगर निगम प्रमाणपत्र, दसवीं या बारहवीं परीक्षा प्रमाणपत्र, पासपोर्ट, पैन कार्ड)।
4. यदि कोई पक्ष तलाकशुदा है तो न्यायालय द्वारा दी गई तलाक की डिक्री की प्रमाणित प्रति।
5. यदि कोई पक्ष विधवा/विधुर है तो मृत पति या पत्नी का मृत्यु प्रमाण पत्र।
6. यदि कोई पक्ष विदेशी नागरिक है या विदेशी पासपोर्ट रखता है या विदेशी आवासीय पता रखता है
7. पक्ष की वर्तमान वैवाहिक स्थिति का प्रमाण पत्र / कोई बाधा न होने का प्रमाण पत्र / संबंधित दूतावास से एनओसी और वैध वीज़ा।
8. दो गवाह (दोनों बालिग होने चाहिए)

आपकी शादी कानूनी वैलिड तरीके से एक-दो दिन के अंदर हो जाये। तो इसके लिए आपके पास तीन तरीके है। पहला, हिन्दू मैरिज एक्ट से मैरिज और कोर्ट रजिस्ट्रेशन और दूसरा स्पेशल मैरिज एक्ट से कोर्ट मैरिज। यह दोनों तरीके अलग है और दोनों में ही अलग समय और लागत लगती है। आईये इनके बारे में विस्तार से समझते है।

भारत में कोर्ट मैरिज के कानून

(1) हिन्दू मैरिज एक्ट
जो प्रेमी जोड़े एक दिन में अपनी शादी की कानूनी प्रक्रिया पूरी करना चाहते हैं तो उनकी मदद भारत के पर्सनल लॉ करते हैं।
पहले आर्य समाज में शादी करके, फिर उसी शादी का कोर्ट से हिंदू मैरिज एक्ट, 1955 के तहत रजिस्ट्रेशन करवाया जा सकता है। रजिस्‍ट्रेशन के लिए उपरोक्‍त दस्‍तावेजों की जरूरत पड़ती है। हालांकि यह एक्‍ट हिन्दू, बौद्ध, सिख या जैन लोगों पर ही लागू होता है।

कोर्ट में शादी का रजिस्टरेशन होने पर मैरिज सर्टिफिकेट मिलता है, जो शादी वैलिड होने का सबूत है। इस सर्टिफिकेट से प्रेमी जोड़े को पुलिस सुरक्षा, स्पाउस वीज़ा, जॉइंट प्रॉपर्टी के लिए लोन, वर्क परमिट आदि आदि भी मिल सकते हैं।

(2) स्पेशल मैरिज एक्ट

स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत शादी करने की प्रकिया थोड़ी लंबी है। इसमें 30 से 40 दिन लग सकते हैं। इसके लिए जोड़े को कोर्ट में एक अप्लीकेशन देनी होती है। फिर उस अप्लीकेशन को 30 दिनों के लिए नोटिस बोर्ड पर लगाया जाता है। 30 दिन की अवधि में लड़का और लड़की के परिजनों की ओर से कोई आपत्ति जताई जाती है तो उसकी जांच होती है।

जांच करने पर अगर आपत्ति सही साबित हो जाती है, तो शादी नहीं हो सकती है। अगर कोई आपत्ति नहीं आती है या गलत साबित होती है तो कपल की कोर्ट मैरिज करा दी जाती है। कुछ दिनों बाद उनका मैरिज सर्टिफिकेट भी जारी कर दिया जाता है।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+